यह लेख गैर राजनीतिक है, किसी पार्टी या नेता को टारगेट करके नहीं लिखा जा रहा है, इसका मकसद सिर्फ देश हीत है, यदि किसी नेता या पार्टी का जिक्र होता है तो उसके संलिप्तता के कारण होगा और इसके जरिये किसी को किसी प्रकार का नुकसान पहुँचाना नहीं है। भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने जनता को नाक में दम कर रखी है, अतिवादी का शिकार हो चुकी है, हलांकि इसकी मंशा जनता के हीत के लिए हीं होती हो, लेकिन इसके निर्णय मुहम्मद-बिन-तुगलक़ के फ़ैसले को ताजा कर देती है। मध्यकालीन इतिहास का राजा तुगलक अपने फ़ैसले से प्रसिद्ध रहा उन्होंने जो भी फैसला लिया आवाम में भगदड़ मच गई, लोगों को परेशानीयों के अलावा कुछ भी नहीं मिला। वैसा हीं मोदी सरकार में देखा गया सरकार ने नोटबंदी की पुरा देश में हाहाकार मच गया। लोग अपना सभी काम छोड़कर नोट भंजाने के लिए बैंक के लम्बी कतार में खड़ा होने लगे। पैसा बदलने और भारी भीड़ से बचने को लेकर बैंक कर्मचारी को घूस तक दे दिया और अपना काम निकला। सरकार ने फ़िर जीएसटी लागू करने का फैसला लिया जो आज तक ग्रामीण कारोबारियों समझने में लगे हैं। सरकार ने पुराने नोट का समाप्त करके नए नोट ले आय...