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किसानों के तीन हजार प्रति क्विंटल गेंहू का दाम माँगा, तो विधान सभा से निलंबित किये गए।

किसानों के तीन हजार प्रति क्विंटल गेंहू का दाम माँगा , तो विधान सभा से निलंबित किये गए।    मध्यप्रदेश कांग्रेस विधायक जीतू पटवारी ने भाजपा की चौहान सरकार को चैलेंज करते हुए- प्रेस वार्ता में कहा , “ हमारे किसानों को तीन हजार प्रति क्विंटल के दर से गेंहू का दाम दो , नहीं तो अपनी गद्दी छोड़ो, हमलोग देने का काम करेंगे। ” विधायक जीतू पटवारी किसान के इस मुद्दा को प्रदेश में लागातर उठा रहें हैं , लेकिन भाजपा की सरकार के कान में जू तक नहीं रेंग रही है और बहरी होने का नाटक भी कर रही है। विधायक जीतू यहीं बात विधान सभा में रखा , तो इन्हे सभा से आज के लिए निलंबित कर दिया गया। उन्होंने यह जानकारी हाऊस से बाहर निकलते हीं प्रेस के साथ सार्वजनिक किया। विधायक ने प्रेस से कहा , “ महंगाई का किसानों पर भी असर हुआ है और जब मंहगाई की राहत की बात होती है , तो किसानों कि बात क्यों नहीं होती है ? खाद्य के दाम बढ़ गए , डीजल के दाम बढ़ गए , रासायनिक के दाम बढ़ गए और मजदूरी के भाव भी बढ़ गए , लेकिन किसानों के सरकारी राहत के दाम को अभी तक नहीं बढ़ाये गए हैं। किसानों के राहत के लिए सरकारी दामो...

'लोकतंत्र सिपाही राहुल गाँधी' - एक तानाशाही से पंगा। भाग-2

कहानी उस देश की है , जिसे भारत कहते हैं जनबा! और जहाँ आधुनिक लोकतंत्र का एक सिपाही ‘तानाशाहियों’ के खिलाफ लड़ने की हिम्मत की है! इस देश ने अपनी आजादी के लिए लम्बी लड़ाई लड़ी है , कई संघर्ष करने का इतिहास है इसका और आज भी वो लड़ाई जारी है। कुछ लोग , वहीं लड़ाई लड़ रहें , लेकिन इनके इस लड़ाई को भिन्न-भिन्न नामों से पुकारा जा रहा है। इनके इस संघर्ष का मतलब वहीं है , जो नेहरू , गाँधी आदि नेताओं का हुआ करता था। इस महानुभाव का नाम ऐसे तो राहुल गांधी है , लेकिन इनके आलोचकों ने इन्हे अनेको नामों से सम्बोधित करने का काम किये हैं। यदि आप इस नेता के आलोचक हैं, तो आपको जानकर बड़ी प्रसन्नता होगी की इन्हे ‘पप्पु’ कहा जाता है। ये इनके आलोचकों , जिसे बीजेपी या मोदी भक्त कहते हैं, जैसे लोगों ने नाम रखा है। ‘ पप्पु’ का शाब्दीक अर्थ क्या होते हैं , इसका जिक्र करना हम नहीं चाहते , लेकिन यह नाम इस व्यक्ति पर जचता नहीं है। लोगों में चर्चा ये भी है कि इनके राजीतिक छवि धूमिल करने के लिए मोदी भक्तों ने यह नाम रख दिया है। ऐसा मुझे लगता है कि आप संदेह का शिकार हो चुके हैं। खैर, छोड़िए। यदि आप मोदी भक्त हैं , त...

भारतीय जनता पार्टी की महाराष्ट्र राज्य सरकार ने संघीय ढांचा का उल्लंघन किया।।

भारतीय जनता पार्टी की महाराष्ट्र राज्य सरकार ने संघीय ढांचा का उल्लंघन कर दिया है-कांग्रेस।। आपको बता दूँ, इसे संविधान का उल्लंघन करना भी कहा जा रहा है , लोकतंत्र की हत्या भी कहा जा रहा हैं , दो राज्यों के बीच तनाव पैदा करना जिससे दोनों राज्य की सरकार आपस में लड़ने लगे और चुनाव में फायदा हो राजनीतिक चाल और सबसे बड़ी बात इसे ‘तानाशाही शासन’ का हिस्सा भी बताया जा रहा है। संदिप सुरजेवाला ने मोदी सरकार के इस व्यवहार तथा कार्यप्रणाली पर चिंता व्यक्त करते हुए इसे “ संघीय ढांचा का खात्मा और संविधान की धज्जियाँ उड़ाना बताये हैं। ” विपक्षी कांग्रेस ने मोदी सरकार के एक और करतूत का उद्भेदन किया है , जिसमें संघीय ढांचा पर और संविधान पर सीधा प्रहार है। मोदी सरकार ने ऐसे काम पहली बार नहीं कर रही है , बल्कि इससे पहले भी कर चुकी है , जिससे पूर्वोतर भारत के राज्यों के बीच तनाव हो गया था। ये राज्य आपस में एक-दूसरे से भीड़ गए थे। इन राज्यों के बीच इतना तनाव बढ़ गया था कि लोगों का आना-जाना बंद हो गया था , राज्यों के पुलिस आपस में लड़ने लगी थी। इस तनाव से मोदी सरकार को राज्यों के चुनाव में भी फाय...

'लोकतंत्र सिपाही राहुल गाँधी' - एक तानाशाही से पंगा।

कहानी लोकतंत्र सिपाही राहुल गाँधी की, जिन्होंने लोकतंत्र के लिए एक तानाशाह सरकार से पंगा लिया। विपक्ष दिनोंदिन कमजोर होता जा रहा है और मोदी सरकार तानाशाह़। कैसे भाई! तो सुनो। कहने को तो मोदी सरकार दावा ये कर रही है कि भारत में लोकतंत्र है और एक मजबूत लोकतंत्र है , यहाँ सबकुछ ठीक चल रहा है , लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं है। मोदी सरकार का दावा मौखिक हीं है , ज़मीनी स्तर पर यह दावा खोखला साबित होता है। भारत का लोकतंत्र मरने के कागार पर पहुँच चुका है और इसे एक बचानेवाला चाहिए। ऐसा कोई चाहिए , जो भारत के साथ-साथ , यहाँ का लोकतंत्र को भी मरने से बचा ले। कांग्रेस नेता राहुल गाँधी यहीं प्रयास कर रहे थे , लेकिन इन्हे एक स्टे लिया हुआ मुकदमा में सजा करा दिया गया और फिर लोकसभा की सदस्यता भी छीन ली गई। अब वह लोकसभा नहीं जाते है और न हीं मोदी सरकार से सवाल पूछते हैं। राहुल गाँधी कोर्ट का चक्कर काट रहें है। इनकी पार्टी कांग्रेस भी अपने-आप को बचाने में लगी है। बहुत सारे नेता जो मोदी सरकार से सवाल करना शुरू किये थे , वो अब चुप्पी साध लिये हैं। कौन कोर्ट का चक्कर काटे! देखा जाय! तो लोकतंत्र खत्म होने क...

“कभी भी दंगाईयों को बख्शा नहीं जाएगा"- बिहार उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव।।”

" कभी भी दंगाईयों को बख्शा नहीं जाएगा"- बिहार उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव।। बिहार के कुछ जगहों पर भगवाधारी रामभक्तों मुसलिमों पर आक्रमण कर दिए हैं , फिलहाल मामला नियंत्रण में है। दंगाईयों को पुलिस पकड़ने का काम बगैर दबाव के कर रही है , करीब सैंकड़ों देगाईयों को पकड़ा जा चुका है। दंगा करनेवालों पर नीतीश की सरकार काफी सख्त हो चुकी है। जुलूस का वीडियों को देखकर और गवाहों का सहारा लेकर दंगाईयों को पकड़ा जा रहा है। मुख्यमंत्री और उप-मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव दोनों इस मामलें में बहुत सख्त दिख रहें हैं। तेजस्वी यादव ने कहा , “ ये बिहार की धरती है , जिसने गाँधीजी को ‘महात्मा गाँधी बनाने का काम किया है। और ये धरती महात्मा बु़द्ध की धरती है , वीर कुँवर सिंह की धरती है , सूफी संत मकदुम जी की धरती है ,   कर्रपुरी जी की धरती है , लालू जी और नीतीश जी की धरती है। याहाँ कभी भी दंगाईयों को बख्शा नहीं जाएगा। बिहार हमेशा से अमन-चैन को पसंद करता है। जो लोग ऐसे हरकतें कर रहें हैं , उनको सरकार तो कठोर दंड देगी ही , लेकिन उसे जनता भी नहीं बख्शेगी। ” यादव भावुक होते हुए कहा , “ इन लोगों को अमन-चैन ...