Skip to main content

केरल में ED की छापेमारी के बाद पूर्व CM पिनाराई विजयन के आवास के बाहर हंगामा, सियासी पारा चढ़ा।।

केरल में ED की छापेमारी के बाद पूर्व CM पिनाराई विजयन के आवास के बाहर हंगामा, सियासी पारा चढ़ा।।

​N5/तिरुवनंतपुरम: केरल की राजनीति में इस समय हलचल तेज है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा 'कोचीन मिनरल्स एंड रटाइल लिमिटेड' (CMRL) मनी लॉन्ड्रिंग मामले में की गई छापेमारी के बाद राज्य में राजनीतिक तनाव बढ़ गया है। 

मंगलवार (27 मई 2026) को हुई इस कार्रवाई ने राज्य के राजनीतिक गलियारों में बहस छेड़ दी है।  

​क्या है पूरा मामला चलिए जानते हैं;

​ED ने CMRL मामले की जांच के सिलसिले में केरल में 10 अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी की है। इस कार्रवाई में पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान में केरल का विपक्ष के नेता (LoP) पिनाराई विजयन का तिरुवनंतपुरम स्थित आवास भी शामिल रहा। 

इस जांच में पिनाराई विजयन के दामाद पी.ए. मोहम्मद रियास और कुछ वरिष्ठ CMRL अधिकारियों के आवास भी शामिल रहे।  

छापेमारी के बाद जब ED अधिकारी वहां से निकल रहे थे, तो CPI(M) कार्यकर्ताओं ने उनके वाहन पर हमला कर दिया और भारी हंगामा किया। राज्य सचिव एम.वी. गोविंदन के नेतृत्व में CPI(M) कार्यकर्ताओं ने इसे केंद्र सरकार द्वारा की गई "राजनीतिक रूप से प्रेरित" कार्रवाई करार देते हुए विरोध प्रदर्शन किया है।  

​सोशल मीडिया पर चर्चा और सियासी बयानबाजी जोरों पर;

​सोशल मीडिया पर इस घटना को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कई लोग इसे "सत्ता बदलते ही विपक्ष को कुचलने की रणनीति" के रूप में देख रहे हैं। 

गौरतलब है कि मई 2026 में हुए हालिया विधानसभा चुनावों में कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) ने शानदार जीत दर्ज की है और वी.डी. सतीसन ने मुख्यमंत्री के रूप में कार्यभार संभाला है।  

​निष्कर्ष: सत्ता परिवर्तन के चंद हफ्तों के भीतर हुई इस छापेमारी ने विपक्ष और सत्तापक्ष के बीच टकराव की स्थिति पैदा कर दी है। हालांकि, केरल में कांग्रेस की नई सरकार बनी है, लेकिन इस छापेमारी के समय ने राजनीतिक विश्लेषकों के बीच कई तरह के सवाल खड़े कर दिए हैं। 

विपक्षी खेमा इसे बदले की राजनीति बता रहा है, वहीं भाजपा और केंद्र की ओर इशारा करते हुए सोशल प्लेटफॉर्म्स पर भी बहस छिड़ी हुई है कि क्या यह विपक्षी आवाजों को दबाने की तैयारी है।

Comments

Popular posts from this blog

एक सेल्स मैन का काम कर रहें हैं तो आपको इस एक बात का ख्याल अवश्य रखना चाहिए।

एक सेल्स मैन को ये काम अवश्य करनी चाहिए, यदि आप एक सेल्स मैन का काम कर रहें हैं तो आपको इस एक बात  का ख्याल अवश्य रखना चाहिए। एक सेल्स मैन को ये काम अवश्य करनी चाहिए। यदि आप एक सेल्स मैन का काम कर रहें हैं तो आपको इन बातों का ख्याल अवश्य रखना चाहिए। हम कोई भी काम करते हैं उसकी योजना अवश्य तैयार करते हैं। एक छोटा सा छोटा काम के लिए भी हम योजना बनाते हैं। हलांकि छोटे कामों के लिए बनाये गए योजना हमारा दिमाग को पता नहीं चलता। हमारे दिमाग को इसके लिए परेशान होने की जरूरत नहीं पड़ती है। इसपर कभी आपने सोचा है कि आख़िर ऐसा क्यों होता है ? इसकी वजह को हमे जानने का प्रयास अवश्य करनी चाहिए। ऐसे तो इसके अनेकों वजह हो सकते हैं और इसके मनोवैज्ञानिक कारण भी कई हो सकते हैं, लेकिन हमे इन भारी वजहों को छोड़कर एक सरल वजह की तलाश करने की जरूरत है। मेरे अनुसार सरल स्वभाव से इसका एक वजह यह भी हो सकता है कि हमारा दिमाग इन छोटे-छोटे कामों को पहले कई बार कर चुका होता है। यूं कहें इस काम को मेरा दिमाग पूर्ण रूप से अभ्यस्त हो गया होता है। इसलिए हमारा दिमाग को इस छोटा काम को पूरा करने में किसी प्रकार की परेश...

एक कप चाय, मिट्टी वाली में - चाय को पीने में जो मजा है, वो मजा सात समन्दर पार जाकर भी नहीं वो कैसे !

एक कप चाय से याद आया कि मिट्टी के बर्तन वाली चाय को पीने में जो मजा है, वो मजा सात समन्दर पार जाकर एक प्रेमी को अपने प्रेमिका या एक प्रेमिका को अपने प्रेमी से मिलने में भी नहीं होगा! लेकिन वो मजा इस चाय पीने में आपको मिलेगा।  आप महिला हों या पुरुष यदि आप अपने जीवन में, प्रेम में प्रवाहित होने के आनंद से वंचित रह गाएं हैं तो हमारी मानिये एक बार इस चाय के प्रेम में बह जाइये, डूब जाइये और इसके गर्माहट में गोते लगा लीजिये! इसके मंद-मंद सुगंध में अपने नाक के दोनों सुराग को झोंक दीजिये। लेकिन एक बात का ख्याल रखियेगा,   इस चाय को पीने में कभी जल्दीबाजी नहीं कीजियेगा। नहीं तो, आपका जीभ आपसे नाराज हो जायेगा। बेमतलब के आप बेचारा स्वभाव से कोमल जीभ को रुखा कर दीजियेगा। यदि आपको विश्वास नहीं होता, तो एक बार मिट्टी वाला चुक्का में परोसी गई चाय को अपने होंठ से लगाकर और चाय को जीभ पर गिराकर तो देखिये! जैसे हीं, यह चाय आपके जीभ को स्पर्श करेगी वैसे हीं आप स्वयं इसके स्वाद से परिचित हो जाएंगें। हमारी मानिये तो आज हीं आप नुक्कड़ वाली एक कप चाय का मज़ा ले लीजिये। भारत आधुनीकता की ओर कदम बढ़ा च...

राहुल गांधी ने 'एल्फिंस्टन' (Elphinstone) फाइल का जिक्र करते हुए पीएम नरेंद्र मोदी को घेरा। सदन में भारी हंगामा।।

राहुल गांधी ने 'एल्फिंस्टन' (Elphinstone) फाइल का जिक्र करते हुए पीएम नरेंद्र मोदी को घेरा। सदन में भारी हंगामा।। राहुल गांधी ने संसद में जिस 'एल्फिंस्टन' (Elphinstone) फाइल या संदर्भ का जिक्र किया, वह सीधा हमला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सरकार की कार्यशैली पर था। गांधी ने सदन में एक पुरानी फाइल या रिपोर्ट का हवाला देते हुए यह तर्क देने की कोशिश की कि सरकार कुछ खास उद्योगपतियों (अडानी-अंबानी) को फायदा पहुँचाने के लिए नियमों में बदलाव करती है। उन्होंने 'एल्फिंस्टन' नाम का जिक्र उन ऐतिहासिक नियमों या व्यवस्थाओं के संदर्भ में किया जो मुंबई के बंदरगाहों या रेलवे के बुनियादी ढांचे से जुड़ी थीं। राहुल गांधी ने पीएम मोदी को घेरते हुए निम्नलिखित बातें कहीं: ​नियमों में बदलाव: उनका आरोप था कि सरकार ने पुराने नियमों (जिनका उन्होंने एल्फिंस्टन संदर्भ से जोड़ा) को दरकिनार कर दिया ताकि एयरपोर्ट्स और पोर्ट्स का नियंत्रण कुछ विशेष व्यापारिक समूहों को दिया जा सके। ​अडाणी समूह का जिक्र: उन्होंने दावा किया कि पहले नियम था कि जिसे एयरपोर्ट संचालन का अनुभव नहीं है, उसे टेंडर नहीं म...