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भारत के कई हिस्सों से पेट्रोल पंप पर लंबी कतार एक किलोमीटर तक की कतार लगने की ख़बर है।।

भारत के कई हिस्सों से पेट्रोल पंप पर लंबी कतार एक किलोमीटर तक की कतार लगने की ख़बर है।।

भारत के विभिन्न राज्यों से पेट्रोल पंपों पर उमड़ी भारी भीड़ और लंबी कतारों की खबरें चिंताजनक हैं। विशेष रूप से ओडिशा, उत्तर प्रदेश, बिहार और गुजरात जैसे राज्यों के कई शहरों में 1 किलोमीटर तक लंबी लाइनें देखी गई हैं।

कुछ पेट्रोल पंपों पर स्टॉक खत्म होने या प्रति वाहन पेट्रोल की सीमा (जैसे बाइक के लिए अधिकतम ₹200) तय करने की खबरें आई हैं, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि यह केवल अचानक बढ़ी भारी मांग के कारण है, न कि स्टॉक की कमी की वजह से।

केंद्र सरकार और इंडियन ऑयल (IOCL) जैसे अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि देश में ईंधन का पर्याप्त भंडार है। भारत के पास वर्तमान में 60 दिनों का क्रूड ऑयल रिजर्व उपलब्ध है।

ओडिशा में इस समय स्थिति काफी चुनौतीपूर्ण बनी हुई है।भुवनेश्वर, कटक और संबलपुर जैसे प्रमुख शहरों के साथ-साथ राज्य के ग्रामीण इलाकों में भी पेट्रोल पंपों पर अफरातफरी का माहौल है।
​ओडिशा की वर्तमान स्थिति के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं कि राजधानी भुवनेश्वर और कटक के लगभग हर पेट्रोल पंप पर 500 मीटर से 1 किलोमीटर तक की कतारें देखी जा रही हैं। लोग घंटों इंतज़ार कर रहे हैं।
​ख़बर है कि कई छोटे पेट्रोल पंपों पर "नो स्टॉक" के बोर्ड लग गए हैं, जिससे चालू पंपों पर दबाव और भी बढ़ गया है।

गुजरात में भी पिछले कुछ दिनों से पेट्रोल पंपों पर वैसी ही स्थिति देखी जा रही है जैसी अन्य राज्यों में है। अहमदाबाद, सूरत और वडोदरा जैसे बड़े शहरों में लोगों के बीच ईंधन की किल्लत को लेकर काफी पैनिक (Panic) देखा गया है।
​यहाँ की वर्तमान स्थिति के मुख्य विवरण इस प्रकार हैं कि यहाँ के कुछ शहरों में पिछले गुरुवार और शुक्रवार (14-15 मई) को सबसे ज़्यादा भीड़ देखी गई। सैटेलाइट, जोधपुर और पालड़ी जैसे इलाकों में पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें लगी रहीं।

उत्तर प्रदेश में भी पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें और पैनिक बाइंग (Panic Buying) की स्थिति देखी जा रही है। पिछले कुछ दिनों में राज्य के विभिन्न जिलों में ईंधन की बिक्री में 75% से 77% तक की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिसका मुख्य कारण आगामी मूल्य वृद्धि की अफवाहें हैं।
​यहाँ की स्थिति का विस्तृत विवरण इस प्रकार है के लखनऊ और कानपुर जैसे इन बड़े शहरों में पेट्रोल और डीजल की दैनिक खपत लगभग दोगुनी हो गई है। लखनऊ में सामान्यत 9 लाख लीटर पेट्रोल की खपत होती है, जो पिछले कुछ दिनों में बढ़कर 18-19 लाख लीटर तक पहुँच गई है।
बिहार में पेट्रोल-डीजल की स्थिति इस समय काफी संवेदनशील बनी हुई है। पटना समेत राज्य के कई जिलों में पेट्रोल पंपों पर वैसी ही लंबी कतारें देखी जा रही हैं जैसी अन्य राज्यों में हैं।
​यहाँ की ताज़ा स्थिति इस प्रकार है कि पटना के डाकबंगला चौराहा, सगुना मोड़ और बेली रोड जैसे इलाकों के पंपों पर सुबह से ही भारी भीड़ देखी जा रही है।
​भीङ और पैनिक बाइंग को देखते हुए कुछ प्राइवेट डीलर आउटलेट्स ने तेल की बिक्री पर सीमा (Rationing) लगा दी है। कई जगहों पर दोपहिया वाहनों के लिए ₹300 और चार पहिया वाहनों के लिए ₹1,000 की लिमिट तय करने की खबरें आई हैं।

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