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पश्चिम बंगाल और असम में भाजपा की प्रचंड जीत: पूर्वी भारत में भगवा क्रांति, विपक्ष का किला ढहा।।


पश्चिम बंगाल और असम में भाजपा की प्रचंड जीत: पूर्वी भारत में भगवा क्रांति, विपक्ष का किला ढहा।।

​नई दिल्ली/कोलकाता/गुवाहाटी:
​भारतीय राजनीति के इतिहास में आज का दिन एक बड़े अध्याय के रूप में दर्ज हो गया है। 2026 के विधानसभा चुनावों के नतीजों ने न केवल राजनीतिक पंडितों को चौंका दिया है, बल्कि देश के चुनावी नक्शे को भी पूरी तरह बदल दिया है। 

पश्चिम बंगाल में जहाँ दशकों पुराना ममता बनर्जी का किला ढह गया है, वहीं असम में भाजपा ने अपनी रणनीतिक पकड़ को और मजबूत करते हुए 'जीत की हैट्रिक' लगाई है।
​
​बंगाल में इस बार का 'परिवर्तन' भाजपा के पक्ष में रहा। 294 सीटों वाली विधानसभा में भाजपा ने 207 सीटों के साथ स्पष्ट बहुमत हासिल कर पहली बार कोलकाता के 'नबन्ना' (सचिवालय) की ओर कदम बढ़ाए हैं।

​इस चुनाव का सबसे बड़ा उलटफेर भवानीपुर सीट पर देखने को मिला, जहाँ मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को भाजपा के शुभेंदु अधिकारी के हाथों करारी शिकस्त झेलनी पड़ी।

​तृणमूल कांग्रेस मात्र 80 सीटों पर सिमट गई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सत्ता विरोधी लहर और ध्रुवीकरण ने भाजपा के पक्ष में काम किया।

​असम में भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए (NDA) ने 102 सीटों पर जीत दर्ज कर इतिहास रच दिया। यह राज्य में भाजपा की लगातार तीसरी जीत है। 

मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने न केवल अपनी सीट रिकॉर्ड मतों से जीती, बल्कि पूरे पूर्वोत्तर में पार्टी की पकड़ को और सुरक्षित कर दिया है।

​परिणामों के स्पष्ट होते ही दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में उत्सव का माहौल है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए इसे "विकास और राष्ट्रवाद की जीत" बताया। 

प्रधानमंत्री ने कहा कि बंगाल की जनता ने हिंसा की राजनीति को नकार कर विकास के मार्ग को चुना है।

​इन नतीजों ने 'इंडिया' (I.N.D.I.A.) गठबंधन के लिए भविष्य की चुनौतियों को और कठिन कर दिया है। बंगाल में ममता बनर्जी की हार और असम में कांग्रेस की विफलता के बाद अब विपक्षी एकजुटता पर भी सवाल उठने लगे हैं।

​मुख्य बिंदु एक नज़र में:
​पश्चिम बंगाल: भाजपा (207), टीएमसी (80), अन्य (7)
​असम: एनडीए (102), यूपीए (19), अन्य (5)

​राज्यसभा में भाजपा की ताकत बढ़ेगी और 2029 के लोकसभा चुनाव के लिए पार्टी को बड़ी ऊर्जा मिलेगी। भाजपा के लिए ये नतीजे केवल दो राज्यों की जीत नहीं हैं, बल्कि यह उनके 'मिशन ईस्ट' की पूर्णता की ओर एक बड़ा कदम है। 

पार्टी अब इसे 2029 के आम चुनावों के लिए एक मजबूत लॉन्चपैड के रूप में देख रही है।
Shailendra Kumar
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पश्चिम बंगाल और असम में भाजपा की प्रचंड जीत: पूर्वी भारत में भगवा क्रांति, विपक्ष का किला ढहा।।


पश्चिम बंगाल और असम में भाजपा की प्रचंड जीत: पूर्वी भारत में भगवा क्रांति, विपक्ष का किला ढहा।।

​नई दिल्ली/कोलकाता/गुवाहाटी:
​भारतीय राजनीति के इतिहास में आज का दिन एक बड़े अध्याय के रूप में दर्ज हो गया है। 2026 के विधानसभा चुनावों के नतीजों ने न केवल राजनीतिक पंडितों को चौंका दिया है, बल्कि देश के चुनावी नक्शे को भी पूरी तरह बदल दिया है। 

पश्चिम बंगाल में जहाँ दशकों पुराना ममता बनर्जी का किला ढह गया है, वहीं असम में भाजपा ने अपनी रणनीतिक पकड़ को और मजबूत करते हुए 'जीत की हैट्रिक' लगाई है।
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​बंगाल में इस बार का 'परिवर्तन' भाजपा के पक्ष में रहा। 294 सीटों वाली विधानसभा में भाजपा ने 207 सीटों के साथ स्पष्ट बहुमत हासिल कर पहली बार कोलकाता के 'नबन्ना' (सचिवालय) की ओर कदम बढ़ाए हैं।

​इस चुनाव का सबसे बड़ा उलटफेर भवानीपुर सीट पर देखने को मिला, जहाँ मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को भाजपा के शुभेंदु अधिकारी के हाथों करारी शिकस्त झेलनी पड़ी।

​तृणमूल कांग्रेस मात्र 80 सीटों पर सिमट गई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सत्ता विरोधी लहर और ध्रुवीकरण ने भाजपा के पक्ष में काम किया।

​असम में भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए (NDA) ने 102 सीटों पर जीत दर्ज कर इतिहास रच दिया। यह राज्य में भाजपा की लगातार तीसरी जीत है। 

मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने न केवल अपनी सीट रिकॉर्ड मतों से जीती, बल्कि पूरे पूर्वोत्तर में पार्टी की पकड़ को और सुरक्षित कर दिया है।

​परिणामों के स्पष्ट होते ही दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में उत्सव का माहौल है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए इसे "विकास और राष्ट्रवाद की जीत" बताया। 

प्रधानमंत्री ने कहा कि बंगाल की जनता ने हिंसा की राजनीति को नकार कर विकास के मार्ग को चुना है।

​इन नतीजों ने 'इंडिया' (I.N.D.I.A.) गठबंधन के लिए भविष्य की चुनौतियों को और कठिन कर दिया है। बंगाल में ममता बनर्जी की हार और असम में कांग्रेस की विफलता के बाद अब विपक्षी एकजुटता पर भी सवाल उठने लगे हैं।

​मुख्य बिंदु एक नज़र में:
​पश्चिम बंगाल: भाजपा (207), टीएमसी (80), अन्य (7)
​असम: एनडीए (102), यूपीए (19), अन्य (5)

​राज्यसभा में भाजपा की ताकत बढ़ेगी और 2029 के लोकसभा चुनाव के लिए पार्टी को बड़ी ऊर्जा मिलेगी। भाजपा के लिए ये नतीजे केवल दो राज्यों की जीत नहीं हैं, बल्कि यह उनके 'मिशन ईस्ट' की पूर्णता की ओर एक बड़ा कदम है। 

पार्टी अब इसे 2029 के आम चुनावों के लिए एक मजबूत लॉन्चपैड के रूप में देख रही है।
Shailendra Kumar
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