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दिल्ली में 'नफरत' की गोली: कांस्टेबल ने पहले पूछा घर कहाँ है, 'बिहार' सुनते ही युवक की छाती में उतार दी गोली

दिल्ली में 'नफरत' की गोली: कांस्टेबल ने पहले पूछा घर कहाँ है, 'बिहार' सुनते ही युवक की छाती में उतार दी गोली

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली से एक ऐसी रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है जिसने न केवल खाकी को दागदार किया है, बल्कि समाज में बढ़ते क्षेत्रवाद के जहर को भी उजागर कर दिया है। दिल्ली पुलिस के एक कांस्टेबल पर आरोप है कि उसने एक युवक की पहचान पूछने के बाद, उसके 'बिहारी' होने की पुष्टि होते ही उसकी छाती में पिस्तौल सटाकर गोली मार दी।

"कहाँ के हो?" और फिर चली गोली

प्रत्यक्षदर्शियों और प्राप्त जानकारी के अनुसार, वारदात से ठीक पहले आरोपी कांस्टेबल ने युवक को रोका और उससे उसकी पहचान पूछी। जब युवक ने जवाब में कहा कि वह "बिहार से है", तो कांस्टेबल ने बिना किसी हिचकिचाहट के अपनी पिस्तौल युवक की छाती पर रखी और ट्रिगर दबा दिया। यह खुलासा होते ही मामले ने तूल पकड़ लिया है कि क्या यह हमला सिर्फ एक विवाद का नतीजा था या इसके पीछे बिहार के लोगों के प्रति कोई गहरी नफरत थी।

तेजस्वी यादव का पलटवार: "मोदी की पुलिस ने बिहारी को मारा"

इस घटना ने बिहार की राजनीति में भूचाल ला दिया है। बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आड़े हाथों लिया है। तेजस्वी ने बेहद तीखे लहजे में कहा कि "मोदी की पुलिस ने एक बिहारी के छाती में गोली मार दी है।"

तेजस्वी यादव ने पीएम मोदी के पुराने चुनावी बयानों का जिक्र करते हुए उन पर तंज कसा। उन्होंने याद दिलाया कि चुनाव के समय 'सिक्सर' और 'छह गोली' की बातें करने वाले अब अपने पुलिसकर्मियों की इस बर्बरता पर चुप क्यों हैं? तेजस्वी ने इसे सीधे तौर पर बिहार के लोगों के सम्मान और सुरक्षा पर हमला करार दिया है।

लेख के मुख्य बिंदु:

  • नियोजित हिंसा का आरोप: पहचान पूछकर गोली मारना इस बात की ओर इशारा करता है कि यह केवल आवेश में किया गया अपराध नहीं था।

  • खाकी पर सवाल: एक पुलिसकर्मी का ऐसा व्यवहार दिल्ली में रह रहे लाखों प्रवासियों के मन में असुरक्षा का भाव पैदा कर रहा है।

  • राजनीतिक उबाल: मामला अब केंद्र बनाम विपक्ष की लड़ाई बन चुका है, जिसमें 'बिहारी अस्मिता' केंद्र बिंदु में है।

न्याय की मांग

इस घटना के बाद दिल्ली से लेकर पटना तक आक्रोश है। लोग आरोपी कांस्टेबल के खिलाफ न केवल हत्या का मामला चलाने बल्कि इसे 'हेट क्राइम' (घृणा अपराध) की श्रेणी में रखने की मांग कर रहे हैं। प्रशासन ने आरोपी को हिरासत में लिया है, लेकिन तेजस्वी यादव और अन्य विपक्षी दलों ने चेतावनी दी है कि जब तक पीड़ित परिवार को पूर्ण न्याय नहीं मिलता, वे इस मुद्दे को संसद से सड़क तक उठाएंगे।


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