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भारत में तीव्र गति से बढ रहे रेल हादसे, इसे रोकने पर सरकार निष्क्रिय क्यों!

भारत में तीव्र गति से बढ रहे रेल हादसे, इसे रोकने पर सरकार निष्क्रिय क्यों! भारत में लागातार रेल हादसे बढ़ रहें है । पिछले दो-तीन-चार-छह माह के अन्दर ही चार रेल हादसे हो चुके हैं। इन चार रेल हादसे होने के बाद भी रेल हादसा रोकने को लेकर सरकार की ओर से कोई खास तौर से घोसणा नहीं की गई। ऐसा सुनने को नहीं मिला जिससे ये कहा जा सके कि आप रेल यात्रा शुरू कर सकते हैं, अब आप सुरक्षित है। भारत में पिछले इन तीन-चार-छह माह में जो रेल हादसे हुए हैं उनमें ओङिसा रेल हादसा, बक्सर रेल हादसा, पातालकोट एक्सप्रेस रेल हादसा और चौथा आंध्र प्रदेश का पसेंजर रेल हादसा हुए। इन हादसा में सरकार के रोल को देखा जाय तो सरकार सिर्फ मृत पसेंजरों को हटाने, रेल लाईन चालू करते देखीं गई। भारत में तीव्र गति से बढ रहे रेल हादसे को रोकने के लिए किसी प्रकार का उपाय करते नहीं जानी जाती हैं। रेल विभाग देश में हो रहे रेल हादसे को लेकर अपनी एक रिपोर्ट सरकार को पेश की है। इस रिपोर्ट में रेल विभाग ने सरकार को कुछ मुख्य बिंदु को बताने का प्रयास की है। रेल विभाग के इस टीम ने सरकार को बतायी कि यदि रेल दुर्घटना रोकने हैं, तो रे...

देश के सभी लोगों को जीने का अधिकार मिले मान-सम्मान के साथ। अखिलेश यादव। PDA यात्रा।।

देश के सभी लोगों को जीने का अधिकार मिले मान-सम्मान के साथ। अखिलेश यादव। PDA यात्रा।। सामाजवादी पार्टी की PDA यात्रा उत्तर प्रदेश में पिछले कई माह-दिनों से चल रही है। पार्टी के कार्यकर्ता लोग राज्य के सभी जिलों में साईकल से यात्रा कर रहें हैं। यात्रा शुरू होने से अबतक सामाजवादी पार्टी के लोग साईकल यात्रा करते हुए 5000 किलोमीटर की यात्रा पुरी कर चुके हैं। सामाजवादियों की ये PDA यात्रा उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ पहुँच चुकी है। लखनऊ के यात्रा में सामाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव भी शामिल हुए। अखिलेश यादव राज्य की राजधानी लखनऊ की सङकों पर साईकल चलाकर कार्यकर्ताओँ के इस यात्रा को बल देने का काम किया। सामाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव सामाजवादियों द्वारा बनाये गये इकान स्टेडियम, पुलिस मुख्यालय आदि जगहों पर साईकल यात्रा करते हुए गए। आगे-आगे अखिलेश यादव औऱ पिछे-पिछे व इनके चारों ओर कार्यकर्ता से घिरे अखिलेश यादव का जो दृश्य बना वो देखने लायक था। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में   पहुँची सामाजवादी पार्टी की PDA यात्रा के दरम्यान सामाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव प्रेस को ...

राजस्थान की राजनीति में इस बात की चर्चा जोरों पर है कि आख़िर एक केंद्रिय मंत्री एमएलए का चुनाव क्यों लङ रहें हैं?

राजस्थान की राजनीति में इस बात की चर्चा जोरों पर है कि आख़िर एक केंद्रिय मंत्री एमएलए का चुनाव क्यों लङ रहें हैं ?   राजस्थान का विधान सभा चुनाव बहुत हीं ख़ास पहचान बनाया है , क्योंकि इस विधान सभा चुनाव में बीजेपी का केंद्रिय मंत्री रह चुके एमएलए का चुनाव लङ रहें हैं। भारत में फिलहाल चार-पाँच राज्यों में विधान सभा चुनाव होने हैं, जिसकी तैयारी में भारत की सभी पार्टियाँ जुट हुईं हैं और अपनी किस्मत अजमाने को तैयार हैं। राजस्थान, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं। इन राज्यों में होनेवाले विधान सभा चुनाव की तारीख़ की भी घोषणा चुनाव आयोग द्वारा कर दी गई है। इस चुनाव में राजस्थान का विधान सभा चुनाव ख़ास पहचान बनाये हुए है। राजस्थान विधान सभा चुनाव ख़ास रूप से चर्चा का विषय इसलिए बन चुका है, क्योंकि यहाँ से भारत का बीजेपी के केंद्रीय मंत्री रह चुके राज्यवर्धन सिंह राठौर बीजेपी के लिए एमएलए का चुनाव लङ रहें हैं। वह 2014 के लोकसभा चुनाव में जयपुर ग्रामिण लोकसभा सीट से चुनाव लङे थे और चुनाव जीत गये। राज्यवर्धन सिंह राठौर 2014 के लोकसभा चुनाव जीतकर क...

हरियाणा और पंजाब के किसान इस दशहरा में रावण के जगह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी को पुतला बनाया।

हरियाणा और पंजाब के किसान इस दशहरा में रावण के जगह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी को पुतला बनाया। हरियाणा औऱ पंजाब के किसान इस बार दशहरा अलग तरीक़ा से मनाया है। दशहरा के दिन रावण, कुम्भकरण, मेघनाद आदी राक्षसों का पुतला बनाकर दहन करने का काम किया जाता है। इसे भारत के लोग बुराई पर अच्छाई की जीत के रूप में बहुत पहले से ही मनाते आ रहें हैं। बुराई पर अच्छाई का जीत इस दशहरा का उद्देश्य है। लेकिन, हरियाणा और पंजाब के किसान इस दशहरा में रावण के जगह भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी को पुतला बनाया औऱ इनके दस सर में भारत के अन्य मंत्री और उद्योगपति अडानी आदि को लगाया और फिर रावण के पुतला का दहन किया। किसानों ने इस रावण दहन में उसको दहन किया है , जिसने काले कृषि कानून लाने की हिमायत की थी और जिसको रोकने में करीब 700 के आसपास किसान इस आंदोलन मे शहीद हुए थे। हरियाणा और पंजाब के किसानों ने जिस प्रकार से इस बार का दशहरा मनाया है, उस दशहरा को कुछ लोग आलोचना भी कर रहें हैं, लेकिन यहाँ सवाल खङा होता है कि आख़िर ये किसान अलग तरह से दशहरा क्यों मनाया? इन किसानों के इसपर भी हम लोगों को विचार करने ...

एक वाक्य में बोला जाय तो बीजेपी प्रोपरगैंडा कि सरकार है। अखिलेश यादव।।

एक वाक्य में बोला जाय तो बीजेपी प्रोपरगैंडा कि सरकार है। अखिलेश यादव।। उत्तर प्रदेश सामाजवादी पार्टी नेता अखिलेश यादव अपने कार्यकर्ताओं को सम्बोधन में बोले कि बीजेपी देश की ऐसी पार्टी है, जो जर्मनी के हिटलर की सरकार थी उसके नियमों का अनुसरण करती है। हिटलर सरकार के ही नियमनुसार चलते हुए बीजेपी देश में शासन कर रही है और देश में आगे के समयों में शासन करना चाहती है। वास्तविक्ता में यदि बीजेपी के शासन प्रणाली पर विशेष ध्यान दिया जाय तो ये मालुम होता है कि इसके शासन करने की नीति गरीब और दबे-कूचले जनता के समर्थन में नहीं है। इस सरकार ने अपने लगभग दस साल के शासन में इन समुदाय के हीत के लिए काम नहीं किया। इन समुदाय को अपने-हाल पर हीं छोङ देने का काम किया। ऐसे तो इसके बङे सैंकङो से ज्यादा और छोटे हजारों में उदाहरण हैं,लेकिन उसमें मैं एक जिक्र करने का साहस करता हुँ। जब देश में कोरोना महामारी का प्रकोप और देश के गरीब मजदूर इससे डरकर अपने घर को लौटने लगे तो इन मजदूरों के लिए सरकार किसी प्रकार की व्यवस्था न की। और ऊपर से रासायनिक छिङकाव किया गया। लोग रेलगाङी से कटकर मर गए। कुछ लोग चलते-चलते ...

अखिलेश यादव देवरिया गये, तो प्रेमचंद यादव का कथित हत्यारा सत्यप्रकाश दुबे का बेटा भाग खङा हुआ।

अखिलेश यादव देवरिया गये तो प्रेमचंद यादव का कथित हत्यारा सत्यप्रकाश दुबा का बेटा भाग खङा हुआ। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव उत्तर प्रदेश के देवरिया पहुँचे और वहाँ के पीङित परिवार से मिले उनके हाल-चाल जाना औऱ उनके वर्तमान हालात से रू-ब-रू हुए। देवरिया के हालात ठीक नहीं है। प्रशासन वहाँ के लोगों के साथ न्याय नहीं कर रही है, जैसे बात सामने निकलकर आई है। प्रशासन पीङितों के साथ घोर अन्याय कर रही है। अखिलेश यादव देवरिया गये तो प्रेमचंद यादव का कथित हत्यारा सत्यप्रकाश दुबे का बेटा भाग खङा हुआ। दुबे का लङका अखिलेश यादव के देवरिया पहुँचने से पूर्व हीं घर छोङकर भाग चुका था। यह दुबे का वहीं लङका है, जिसने प्रेमचंद यादव के ऊपर धारदार चीज से प्रहार किया और फिर यादव मौके पर हीं शहीद हो गये। यह बात सत्यप्रकाश दुबे के एक युवती बेटी हैं, जिन्होंने मीडिया के कैमरा के सामने बोली हैं। और वह स्वीकार करते हुए बतायी कि मेरा मंझला भाई ने धारदार चीज प्रेमचंद यादव पर प्रहार कर दिया, जिससे प्रेमचंद यादव की उसी समया मौत हो गई। लोगों के द्वारा प्राप्त जानकारी के आधार पर तथा प्रेमचंद यादव बेटी के द्वारा म...

पंचायत के नाम पर शहीद हुए प्रेमचंद यादव पर जुल्म सरकार ने भी शुरू कर दी।।

पंचायत के नाम पर शहीद हुए प्रेमचंद यादव पर जुल्म सरकार ने भी शुरू कर दी।। उत्तर प्रदेश के देवरिया में यादव समाज के एक व्यक्ती प्रेमचंद यादव रहते थे। वह बङे भले मानस थे। उनकी इंसानियत से उस जगह का समाज उनसे बहुत ख़ुश था। लेकिन, उच्च जात के दुबे के लोग को ये खटक रहे थे। दुबे परिवार के साथ जमिन का विवाद भी था। इस विवाद को लेकर प्रेमचंद यादव बहुत चिंतित रहते। प्रेमचंद यादव इसके लिए अधिकारियों के दरवाजे खटखटाये। लेकिन किसी ने नहीं सुना। क्योंकि दुबे परिवार ऊच्च जात से था। और ऊच्च जात कि प्रदेश में सरकार थी। थक-हार कर प्रेमचंद यादव सब निर्णय दुबे परिवार पर हिं छोङ दिये। एक दिन दुबे ब्राह्मण समाज के सत्यप्रकाश दुबे ने अपने घर पंचयती के लिए प्रेमचंद यादव को फोन करके बुलाया। प्रेमचंद यादव सीधे-साधे थे और वह दुबे के घर पंचयती के लिए गए, जहाँ इन्हे धोखे से हत्या कर दी गई। पंचयती के लिए दुबे परिवार के लोग हीं प्रेमचंद जी को बुलाया था। लेकिन दुबे परिवार के लोग पंचयती के नाम पर हत्या कर दी। प्रेमचंद यादव की पुत्री मीडिया को पुलिस के बङे अधिकारी के समक्ष बताई कि दुबे परिवार के लोग हमारे प...