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अखिलेश यादव देवरिया गये, तो प्रेमचंद यादव का कथित हत्यारा सत्यप्रकाश दुबे का बेटा भाग खङा हुआ।



अखिलेश यादव देवरिया गये तो प्रेमचंद यादव का कथित हत्यारा सत्यप्रकाश दुबा का बेटा भाग खङा हुआ।


पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव उत्तर प्रदेश के देवरिया पहुँचे और वहाँ के पीङित परिवार से मिले उनके हाल-चाल जाना औऱ उनके वर्तमान हालात से रू-ब-रू हुए। देवरिया के हालात ठीक नहीं है। प्रशासन वहाँ के लोगों के साथ न्याय नहीं कर रही है, जैसे बात सामने निकलकर आई है। प्रशासन पीङितों के साथ घोर अन्याय कर रही है।


अखिलेश यादव देवरिया गये तो प्रेमचंद यादव का कथित हत्यारा सत्यप्रकाश दुबे का बेटा भाग खङा हुआ। दुबे का लङका अखिलेश यादव के देवरिया पहुँचने से पूर्व हीं घर छोङकर भाग चुका था। यह दुबे का वहीं लङका है, जिसने प्रेमचंद यादव के ऊपर धारदार चीज से प्रहार किया और फिर यादव मौके पर हीं शहीद हो गये।


यह बात सत्यप्रकाश दुबे के एक युवती बेटी हैं, जिन्होंने मीडिया के कैमरा के सामने बोली हैं। और वह स्वीकार करते हुए बतायी कि मेरा मंझला भाई ने धारदार चीज प्रेमचंद यादव पर प्रहार कर दिया, जिससे प्रेमचंद यादव की उसी समया मौत हो गई।


लोगों के द्वारा प्राप्त जानकारी के आधार पर तथा प्रेमचंद यादव बेटी के द्वारा मीडिया को दिये गये बयान और सत्यप्रकाश दुबे की बेटी के द्वारा दिया गये बयान आदी के आधार पर यह बात सामने आता है कि प्रेमचंद यादव जी को फोन आया और वह सत्यप्रकाश दुबे के घर गये। प्रेमचंद यादव पंचयती हेतु सत्यप्रकाश दुबे के घर गये थे।


जब अखिलेश यादव देवरिया गये तो उनसे जाने से पहले सत्यप्रकाश दुबे का लङका घर छोङकर भाग चुका था। इससे लोग कयास लगा रहें हैं कि दुबे का यह लङका हत्या करके बचने के लिए प्रयत्न कर रहा है। दुबे का लङका अखिलेश यादव के सामने कुछ बोल न दे इसके डर से भाग खङा हुआ। एक गुनाहगार स्वतंत्र है, जिससे साफ तौर से कहा जा सकता है कि न्याय नहीं किया जा रहा है।


अखिलेश यादव देवरिया पहुँचकर जनता को बताये कि सरकार के द्वार इस मामला में हस्तक्षेप करने की वजह से प्रेमचंद यादव के परिवार वालों के साथ अन्याय किया जा रहा है। पुलिस इस परिवार के लोगों के लिए चाय-पानी तक पाबंदी लगा दी है।


मामला को दबाया जा रहा है। पुलिस शहीद प्रेमचंद यादव की पत्नी से सादे कागज पर दस्तख्त करवा ली है, जिससे प्रेमचंद यादव के हत्यारा पर मुकदमा बनता हीं नहीं है। और ऊपर से प्रेमचंद यादव के लोगों को पुलिस तंग कर रही है। जो व्यक्ति यहाँ नहीं था, उसे भी मुकदमा में फंसाया जा रहा है।  

 

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