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नांदेङ अस्पताल के मरीजों फर्श पर सोते हैं। अशोक चव्हाण। कांग्रेस। महाराष्ट्र। नांदेङ।

सांसद अशोक चव्हाण नांदेङ सरकारी अस्पताल से जुङे कई खुलासे किये। महाराष्ट्र। नांदेङ।


महाराष्ट्र के नांदेङ सरकारी अस्पताल में 31 व्यस्क मरीजों की मौत हो गई है। इसके अलवा 15-से-16 नवजात शिशुओं की मौत हो गई की भी ख़बर है। बच्चों की मौत कितनी हुई है, सही फिगर बताना कठीन है ,लेकिन इसी के आस-पास बच्चों की मौत हुई है- ऐसा कांग्रेस सांसद अशोक चव्हाण का कहना है।


कांग्रेस नांदेङ सांसद अशोक चव्हाण नांदेङ सरकारी अस्पताल से जुङे और भी कई बात का खुलासा किये है, जिसपर महाराष्ट्र बीजेपी सरकार को सोचने व अमल करने कि जरूरत है।


नांदेङ कांग्रेस सांसद अशोक चव्हाण मीडिया के द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में बोले कि अस्पताल में बहुत काम करने कि जरूरत है। कुछ फैसले तुरंत लेने होंगे। और कुछ प्रक्रिया के तहत पूरे करने बेहद जरूरी है। अस्पताल में बेड की कमी है। यहाँ 500 बेड की क्षमता है, लेकिन मरिज करीब 1000 के आस-पास पहुँच जाते हैं। ऐसे में मरिजों को फर्श पर सुलाने पङते है।


अस्पताल डॉक्टरों कि संख्या का अभाव है। नर्सों की संख्या में भी भारी कमी है। इसके अलावा कई और भी कारण है जिसपर सरकार को तुरंत फैसले लेने चाहिए। मेडीसिन बाहर से लाने होते हैं। रेगुलर डीप कि आवश्यक्ता है। ऐसे काफ़ी समस्याएं हैं जिसपर सरकार को ध्यान देने कि जरूरत है।


अशोक चव्हाण आगे मीडिया को बताया कि इस मामला पर सरकार को काफी गंभीरता से सोचने होंगे। दवाईंयों कि वजह से मरीजों की मौत पर मीडिया द्वारा पूछे गए सवाल को जवाब देते हुए अशोक चव्हाण बोले इसके बारे में कुछ कहा नहीं जा सकता। यह जाँच का विषय है, लेकिन दवाईंयाँ बाहर से मँगवाने पङते हैं ये फैक्ट है।


अशोक चव्हाण बोले अस्पताल का कैम्पस बङा है और मरीजों की संख्या में भी लागातार वृद्धी हो रही है। आस-पास के लोग होते हिं हैं इसके साथ दूर-दराज के लोग भी आते हैं। ऐसे में इन्फ्रास्ट्रक्चर पर विशेष तौर से ध्यान देने कि जरूरत है। इसको बढ़ाने की जरूरत है तब मरीजों को सम्भाला जा सकता है।

 

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