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हम सब अपनी मन की बात कभी कभार हीं सुनते हैं लेकिन भारत के शासन में एक ऐसा आदमी का आगमन हुआ है जो मन की बात करता है।




                           
  

हम सब भारत के लोग मन की बात बहुत सुने हैं। कुछ लोगों को इसकी तो आदत सी पड़ गई होगी। आप किस ग्रेड में आते हैं इसका आकलन स्वयं कर सकते हैं। यदि आपको मन की बात सुनने की आदत नहीं पड़ी है और सुनने की ख्वाइश रखते हैं तो इस वीडियो को देखें और इस लेख को पढ़ने की भूल अवश्य करें। आपको अच्छा लगेगा और यह आपके लिए फायदेमंद भी साबित होगा। इस कोरोना महामारी में इतना तो आपको कर हीं लेना चाहिए। यदि नहीं पढ़ना और सुनना चाहते हैं तो आप अपने मन से एक सवाल अवश्य कीजियेगा वो सवाल क्या है जो इस वीडियो और लेख में है।https://youtu.be/QaMQQ-Kxoe0

हम सब अपनी मन की बात कभी कभार हीं सुनते हैं लेकिन भारत के शासन में एक ऐसा आदमी का आगमन हुआ है जो मन की बात करता है और इनके मन की बात कुछ लोग बड़े प्यार और आदर के साथ सुनते हैं और लोगों को सुनाते भी हैं। इस ग्रेड में भारतीय मीडिया का नाम बड़े स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाना चाहिए इन लोग बड़े आदर और उत्सुकता के साथ मन की बात को अपने न्यूज चैनल पर प्रसारित करते है यह काम भारत में कई वर्षों से चला आ रहा है एक नियम कानून की तरह।


इस लेख में आपको मन की बात पढ़ने को नहीं मिलेगा और इस वीडियो में न हीं सुनने को मिलेगा हम इस कोरोना महामारी के समय इसकी बात नहीं कर सकते हैं क्योंकि भारत के उन मीडियाकर्मियों में से नहीं हैं जो मन की बात को सुना करते हैं और लोगों को सुनाया करते हैं इसकी जरूरत भी नहीं है इस समय भारत के लोगों को मदद की जरूरत है भारत के लोग जिस समस्या से जूझ रहें हैं उस समस्या का समाधान निकालने की जरूरत है भारत के वर्तमान समस्या का जनक को नाम क्यों लिया जाय जब कोई समाधान करनेवाला है हीं नहीं था।


भारत के वर्तमान हालात को देखकर यह कहना बड़ा मुश्किल है कि इस देश में लोकतंत्र का शासन चल रहा है या मन की बात सुनाने वाले की हूकूमत का बोलबाला है ये आदमी जो भारत के लोगों को सुनाना चाहता है वहीँ लोग सुनते हैं ये आदमी भारत के लोगों को जो दिखाना चाहता है वहीँ लोग देखना चाहते हैं इस आदमी के मन की बात को अपनी मन की बात समझते हैं यह काम भारत के मीडिया बहुत हीं ईमानदारी के साथ कर रही है। भारत में स्थिति यह आ गया है कि यह आदमी यदि भारत के लोगों को आग में कूदने को काहे तो लोग ये भी बड़े विनम्रता के साथ कर लेंगें। यदि आपको इस बात पर यकीन नहीं हो रहा है तो पेश है ये सबूत।


भारत के लोगों को मन की बात सुनाने वाला यह आदमी हकीकत में भारत में अपने मन का शासन चला रहा है। इस देश में फिलहाल लोकतंत्र दुनिया के देशों के नजरों में हीं है। वो ऐसे कि वह जब भारत को मन तंत्र करने की तैयारी कर रहा था, उस समय भारत के लोगों को कहा कि इस देश में वस्तुओं के दाम बहुत ज्यादा है डीजल और पेट्रोल के दाम कम होगा लेकिन इसे बढ़ाकर सरकार जनता को लूट रही है इतना हीं नहीं इस देश इतना काला धन है यदि इसे सरकार जब्त करेगी तो भारत के सभी लोगों को पन्द्रह-पन्द्रह लाख रूपये यूं हीं हिस्सा में आएगा।


भारत में मन की बात करनेवाला आदमी ने जनता को जो कहा लोगों ने हँसते हुए स्वीकार किया। इसने नोटबंदी किया, जिसमें सैंकड़ों लोगों की जाने भी चली गई इसके बावजूद भी लोग हँसते रहे। इसने छोटे व्यापारियों को जीएसट नम्बर लेकर टैक्स देने को कहा लोगों ने तुरन्त स्वीकार कर लिया। जब भारत में कोरोना महामारी का आगमन हुआ उस समय लोगों को ईलाज करने की आवश्यकता था लेकिन उस समय इसने कहा थाली बजाओ तो लोगों ने थाली बजाने का काम भी किया। इतना हीं नहीं पिछले वर्ष कोरोना लॉक-डाउन में भारत के मजदूर सरकारी सूझबूझ के अभाव में मजदूर सड़क पर अपने जान दे रहे थे उस समय भी यह आदमी भारत के लोगों को मन की बात सुना रहा था। अभी वर्तमान समय में भारत में covid-19 virus के टीका लगाने की जरूरत है ताकि लोग सुरक्षित हों लेकिन यह आदमी इस समय भी जनता को मन की बात सुना रहा है और लोगों को कोरोना की जाँच कैसे होने चाहिए तथा इससे बचने के तरकीब क्या हो आदि बता रहा है।

भारत के लोगों को अब सतर्क हो जाना चाहिए, अपनी मन की बात सुनना चाहिए और एक बार स्वतंत्र होकर एक नागरिक की हैसियत से सोचना चाहिए कि देश में मन की बात करनेवाला इस व्यक्ति ने आज तक जो भी कहा है वो कितना प्रतिशत सच हुआ है।

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