भारत के बिहार राज्य में कोरोना महामारी में जरूरतमंद लोगों को मदद करनेवाले पप्पू यादव को जेल भेज दिया गया। वह रे मोदी हूकूमत!
कोरोना महामारी में भारत का बिहार राज्य में सत्ता की ताकत में मदमस्त भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के दान स्वरूप प्राप्त सत्ताधारी नीतीश कुमार की सरकार ने बहुत बड़ा काम कर चुकी है इसलिए इस सरकार को बधाई देना चाहिए, बिहार की जनता को इन्हें शाबासी देनी चाहिए क्योंकि कुमार ने महामारी में लोगों को मदद कर रहे जन अधिकार पार्टी (जपा) के अध्यक्ष पप्पू यादव को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया। खबर यह आ रही है अब उनकी तबियत ख़राब हो चुकी है क्योंकि यादव जिस दिन से गिरफ्तार हुए हैं उस दिन से अनाज खाना छोड़ दिए।
महामारी में जरूरतमंद लोगों को सेवा कर रहे तथा साथ में भारत के केन्द्र और बिहार के राज्य की सरकार के द्वारा महामारी में लोगों के लिए काम कर रहे का पोल खोलनेवाले पप्पू यादव को बिहार पुलिस ने पहले यह कहकर गिरफ्तार किया कि इन्होंने लॉक-डाउन का उल्लंघन किया, बिना आदेश प्राप्त के दूसरे जिला में गए, अस्पताल में गए और दूसरे शहर में गए। इसी आरोप पर पटना पुलिस ने यादव को करीब आठ घंटा तक थाने में रखने के बाद मीडिया को बताती है कि इन्हें वर्ष 1989 के एक मुकदमे में गिरफ्तार किया गया है।
आपको मालूम हो कि
यादव कोरोना महामारी के समय पटना में गरीब व असहाय लोग जो भोजन का इन्तजाम नहीं कर
सकते उन्हें भोजन दे रहे थे, जिस मरीज को ऑक्सीजन की जरूरत होती थी उसे मदद कर रहे
थे, लोगों के दुःख में शरीक हो रहे थे, पटना के सरकारी अस्पताल में जाकर निरिक्षण
कर रहे थे कि यहाँ लोगों का ईलाज हो रहा है कि नहीं और सबसे बड़ी बात ये सत्ताधारी
सरकार के करनामे का पोल खोलने का काम कर रहे थे।
भारतीय मीडिया में
यह खबर लहर की तरह फैल चुकी है कि यादव ने भारत के वर्तमान मोदी हूकूमत के विरोध
में इन्होंने आवाज उठाई। इन्होंने एक ऐसा खुलासा कर दिया था जिससे मोदी हूकूमत की
चारों ओर थू-थू होने लगी थी। भारत का राजनीतिक पारा उपर चढ़ गया। पश्चिम बंगाल
राज्य के विधानसभा चुनाव मोदी हूकूमत की मिली करारी हार से पहले हीं भारत के ये
हुक्मरानों बौखला चुके थे और उपर से पप्पू यादव ने मोदी हूकूमत के उस नेता की पोल
खोल दी जो बिहार राज्य में मोदी के चहेते नेता की पहचान रखते हैं ।
पप्पू यादव ने भारत के मोदी हूकूमत के प्रमुख नेता व बिहार के सांसद राजीव प्रताप रुडी के बारे में खुलासा कर दिए कि ये अपने संसदीय क्षेत्र में करीब सैंकड़ो एम्बुलेंस को समुदायक भवन में खड़े करवा दिए हैं। कोरोना महामारी में भी एम्बुलेंस को चलवा नहीं रहे हैं। ये सारे एम्बुलेंस सरकारी अस्पताल के दिशा-निर्देश पर चलने चाहिए थे लेकिन ये सांसद राजीव के निर्देश पर चलाये जा रहे हैं, इतना हीं नहीं यादव ने यहाँ तक खुलासा कर दिया कि इनमें से कुछ एम्बुलेंस से बालू ढुलाई की जाने का काम किया जा रहा है। यादव के इस आरोप पर मोदी हूकूमत के हुक्मरान सांसद राजीव प्रताप की ओर से जवाब आया था कि सारे एम्बुलेंस चालक के अभाव में खड़े हैं लेकिन यादव ने यहाँ सवाल खड़ा करते हुए तर्क दिए थे कि ये एम्बुलेंस सरकारी अस्पताल के आसपास खड़े होने चाहिये थे न कि सांसद के अधिकार क्षेत्र में।
इस घटना के बाद पप्पू यादव को धमकी मिलना शुरू हो गया था और राजीव प्रताप के पीओ ने इन्हें फोन पर डांटे भी थे की न्यूज बिहार में चलाया जाने लगा था। हलांकि इस न्यूज की पुष्टि नहीं हुई थी के दरम्यान हीं बिहार पुलिस ने यादव को गिरफ्तार करके जेल भेज दी। वर्तमान समय में पप्पू यादव की तबियत ख़राब हो गई है जिससे उन्हें दरभंगा के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

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