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भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किया गया दुनिया के सबसे बड़े कोविड -19 टीकाकरण कार्यक्रम का सच।



आज भारत के लोग covid-19 Vaccination के लिए भटक रहें हैं यह बात सुनकर आपको अचम्भा प्रतित हो रहा होगा इस लेख लिखनेवाले पर गुस्सा आ रहा होगा बिहार की राजधानी पटना के गाँधी नगर मोहल्ले के आस-पास के लोगों ने covid-19 का पहला डोज इसी मोहल्ले में स्थित डेन्टल कॉलेज में लिया था इन लोगों को जब दूसरी डोज लेने का समय आया तो यह केन्द्र बंद कर दिया गया अब लोगों को कहा जा रहा है कि यह Vaccination सेंटर नहीं रहा।https://youtu.be/XKk_5jVegS4


बिहार के नालंदा जिला के pin code- 801301 पर अभी तक vaccination का केन्द्र नहीं बनाया गया है जिला मुख्यालय के pin code- 803101  पर भी अभी तक vaccination का केन्द्र नहीं बनाया गया है इतना हीं नहीं नालंदा जिला के हीं pin code 801302 के निवासियों को कुछ दिन पहले covid-19 के दोनों डोज दिए गए हैं लेकिन वर्तमान समय में इस pin code से सर्च करने पर कोई vaccination नहीं की जानकारी मिल रही है।


आपको बता दें कि यह जानकारी आरोग्य सेतू से प्राप्त किया गया है। सरकार कह रही है कि भारत में covid-19 के vaccination की तैयारी हो चुकी है फिल्म अभिनेताओं से प्रचार-प्रसार कराया जा रहा है कि vaccination के लिए आप अपना बुकिंग कराएँ लेकिन यहाँ तो vaccination केन्द्र हीं उपलब्ध नहीं हैं और जिस pin code पर vaccination center उपलब्ध है वहाँ लोगों को अपॉइंटमेंट appointment हीं नहीं मिल रही है लोग रोज आरोग्य सेतू को खोलते हैं और अपना Appointment check करते हैं तो उन्हें उपलब्ध नहीं है का response मिलता है।


Covid-19 Vaccination की बात नरेंद्र मोदी वर्ष 2021 के जनवरी माह में हीं कर दिए थे। उन्होंने ये भी कहा था कि भारत covid-19 के टीका दुनिया के कई देशों को मदद के रूप में दिया है। इन देशों को जरूरत पड़ने पर भारत हर समय तैयार है। इससे भारत का नाम विश्व में ऊँचा हुआ है। भारत ऐसा देश बन गया जो दुनिया को मदद कर रहा है, लेकिन उस देश के नागरिक हीं covid-19 टीका के लिए भटक रहें हों यह कितनी बड़ी बिडम्बना है।   


भारत में यह भी खबर का खूब प्रचार-प्रसार किया गया कि मोदी सरकार covid-19 vaccination का दुनिया में सबसे बड़ा प्रोग्राम शुरू करने जा रही। यह प्रोग्राम विश्व का सबसे बड़ा प्रोग्राम होगा। भारतीय मीडिया ने भी इस प्रोग्राम को खूब प्रचार किया। इतना डंका पीटने के बाद भी भारत के नागरिक आज ऑक्सिज़न के अभाव में जान दे रहें हैं। जबकि मोदी सरकार के स्वास्थय मंत्री ऑक्सिज़न से लदा ट्रेन का फोटो अपने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखते हैं कि भारत में ऑक्सिज़न का अभाव नहीं और लोग  ऑक्सिज़न  के अभाव में मर रहे हैं।


भारत के प्रधानमंत्री घोषणा कर रहा है कि विश्व का सबसे बड़ा covid-19 vaccination प्रोग्राम की शुरुआत कर दिया है, हमने विश्व के दूसरे देश को covid-19 का टीका मदद के रूप में दिया है और मंत्री  ऑक्सिज़न से लदा ट्रेन का फोटो शेयर करता है लेकिन जमीन स्तर पर कुछ भी नहीं है इससे उल्टा स्थिति है। ऐसा कैसे हो सकता है? यह बहुत बड़ा सवाल?


और जब भारत के लोग इस बात को लेकर सरकार से सवाल कर रही भारत के प्रधानमंत्री से जवाब मांग रही है तो ऐसे लोगों पर मुकदमा किया जा रहा है ऐसे में यह कैसे कहा जाय कि भारत में लोकतंत्र है, यहाँ के लोग नागरिक है? वर्तमान समय में भारत के लोगों को जीने के अधिकार को हनन कर लिया गया है। सच तो यह है कि जिस समय नरेंद्र मोदी भारत के लोगों को यह कहानी सुना रहे थे उस समय पश्चिम बंगाल और भारत के कई राज्यों में विधानसभा के चुनाव होने थे।

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