Skip to main content

14 सौ करोङ रुपये की लूट, वो भी पीएम के राज्य गुजरात से, चीनी ने किया।

14 सौ करोङ रुपये की लूट, वो भी पीएम के राज्य गुजरात से, चीनी ने किया।


पीएम राज्य गुजरात से हैरान करनेवाली लूट का मामला प्रकाश में आया है। ये लूट भरी-भरकम रकम का कि गई है। करीब 14 सौ करोङ रुपये का घोटाला किया गया है। इस घोटाला में करीब 12 सौ लोगों को ठगे जाने की ख़बर है। 12 सौ लोगों से करीब 14 सौ करोङ रुपये लूट लिये गये हैं।


इस घटना को लेकर पीङितों ने शिकायत भी कि थी, लेकिन इनके शिकायत का कुछ असर नहीं हुआ। मामला जस-का-तस बना हुआ है। इस लूट का खुलासा कांग्रेस नेता पवन खेरा ने प्रेस-वार्ता करके सार्वजनिक किये हैं। खुलासा में ठगे गये लोगों के द्वारा किये गये ट्वीट का भी सार्वजनिक भी किये हैं।


कांग्रेस नेता पवन खेरा ने बताया कि यह लूट-पाट भारत के उस राज्य से किया गया है, जहाँ से भारत के प्रधानमंत्री और गृहमंत्री दोनों आते हैं। इतना हिं नहीं लूटनेवाला कोई भारतीय नहीं है, बल्कि एक चीनी है जो गुजरात आया, नौ दिन रहा और 14 सौ करोङ रुपये लूट कर चला गया।


उन्होंने आगे कहा कि एक चीनी गुजरात में घुस-पैठ करके राज्य के सीधे-साधे 12 सौ लोगों से लूट कर अपना देश चीन भाग गया और सरकार को भनक तक न लगी। ये चीनी पाकिस्तान से सटे गुजरात के दो जिला बनासकांठा और पाटन में घुस-पैठ किया है, जहाँ सेनिकों की कङी सुरक्षा होती है।


गौर करनेवाली बात यह है कि जिस समय चीनी व्यक्ति पीएम राज्य गुजरात में घुस-पैठ करके लोगों को लूट रहा था, उसी समय पीएम मोदी का गुजरात आना-जाना भी हो रहा था। इस दरम्यान पीएम मोदी एक माह में गुजरात दो-से-तीन बार तक आ-जा रहे थे। मोदी का गुजरात आना-जाना हो रहा था और चीनी गुजरात में घुस-पैठ करके लोगों को लूट रहा था।

14 सौ करोङ रुपये की लूट। पीएम राज्य गुजरात से। चीनी ने लूटा

Comments

Popular posts from this blog

एक सेल्स मैन का काम कर रहें हैं तो आपको इस एक बात का ख्याल अवश्य रखना चाहिए।

एक सेल्स मैन को ये काम अवश्य करनी चाहिए, यदि आप एक सेल्स मैन का काम कर रहें हैं तो आपको इस एक बात  का ख्याल अवश्य रखना चाहिए। एक सेल्स मैन को ये काम अवश्य करनी चाहिए। यदि आप एक सेल्स मैन का काम कर रहें हैं तो आपको इन बातों का ख्याल अवश्य रखना चाहिए। हम कोई भी काम करते हैं उसकी योजना अवश्य तैयार करते हैं। एक छोटा सा छोटा काम के लिए भी हम योजना बनाते हैं। हलांकि छोटे कामों के लिए बनाये गए योजना हमारा दिमाग को पता नहीं चलता। हमारे दिमाग को इसके लिए परेशान होने की जरूरत नहीं पड़ती है। इसपर कभी आपने सोचा है कि आख़िर ऐसा क्यों होता है ? इसकी वजह को हमे जानने का प्रयास अवश्य करनी चाहिए। ऐसे तो इसके अनेकों वजह हो सकते हैं और इसके मनोवैज्ञानिक कारण भी कई हो सकते हैं, लेकिन हमे इन भारी वजहों को छोड़कर एक सरल वजह की तलाश करने की जरूरत है। मेरे अनुसार सरल स्वभाव से इसका एक वजह यह भी हो सकता है कि हमारा दिमाग इन छोटे-छोटे कामों को पहले कई बार कर चुका होता है। यूं कहें इस काम को मेरा दिमाग पूर्ण रूप से अभ्यस्त हो गया होता है। इसलिए हमारा दिमाग को इस छोटा काम को पूरा करने में किसी प्रकार की परेश...

एक कप चाय, मिट्टी वाली में - चाय को पीने में जो मजा है, वो मजा सात समन्दर पार जाकर भी नहीं वो कैसे !

एक कप चाय से याद आया कि मिट्टी के बर्तन वाली चाय को पीने में जो मजा है, वो मजा सात समन्दर पार जाकर एक प्रेमी को अपने प्रेमिका या एक प्रेमिका को अपने प्रेमी से मिलने में भी नहीं होगा! लेकिन वो मजा इस चाय पीने में आपको मिलेगा।  आप महिला हों या पुरुष यदि आप अपने जीवन में, प्रेम में प्रवाहित होने के आनंद से वंचित रह गाएं हैं तो हमारी मानिये एक बार इस चाय के प्रेम में बह जाइये, डूब जाइये और इसके गर्माहट में गोते लगा लीजिये! इसके मंद-मंद सुगंध में अपने नाक के दोनों सुराग को झोंक दीजिये। लेकिन एक बात का ख्याल रखियेगा,   इस चाय को पीने में कभी जल्दीबाजी नहीं कीजियेगा। नहीं तो, आपका जीभ आपसे नाराज हो जायेगा। बेमतलब के आप बेचारा स्वभाव से कोमल जीभ को रुखा कर दीजियेगा। यदि आपको विश्वास नहीं होता, तो एक बार मिट्टी वाला चुक्का में परोसी गई चाय को अपने होंठ से लगाकर और चाय को जीभ पर गिराकर तो देखिये! जैसे हीं, यह चाय आपके जीभ को स्पर्श करेगी वैसे हीं आप स्वयं इसके स्वाद से परिचित हो जाएंगें। हमारी मानिये तो आज हीं आप नुक्कड़ वाली एक कप चाय का मज़ा ले लीजिये। भारत आधुनीकता की ओर कदम बढ़ा च...

राहुल गांधी ने 'एल्फिंस्टन' (Elphinstone) फाइल का जिक्र करते हुए पीएम नरेंद्र मोदी को घेरा। सदन में भारी हंगामा।।

राहुल गांधी ने 'एल्फिंस्टन' (Elphinstone) फाइल का जिक्र करते हुए पीएम नरेंद्र मोदी को घेरा। सदन में भारी हंगामा।। राहुल गांधी ने संसद में जिस 'एल्फिंस्टन' (Elphinstone) फाइल या संदर्भ का जिक्र किया, वह सीधा हमला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सरकार की कार्यशैली पर था। गांधी ने सदन में एक पुरानी फाइल या रिपोर्ट का हवाला देते हुए यह तर्क देने की कोशिश की कि सरकार कुछ खास उद्योगपतियों (अडानी-अंबानी) को फायदा पहुँचाने के लिए नियमों में बदलाव करती है। उन्होंने 'एल्फिंस्टन' नाम का जिक्र उन ऐतिहासिक नियमों या व्यवस्थाओं के संदर्भ में किया जो मुंबई के बंदरगाहों या रेलवे के बुनियादी ढांचे से जुड़ी थीं। राहुल गांधी ने पीएम मोदी को घेरते हुए निम्नलिखित बातें कहीं: ​नियमों में बदलाव: उनका आरोप था कि सरकार ने पुराने नियमों (जिनका उन्होंने एल्फिंस्टन संदर्भ से जोड़ा) को दरकिनार कर दिया ताकि एयरपोर्ट्स और पोर्ट्स का नियंत्रण कुछ विशेष व्यापारिक समूहों को दिया जा सके। ​अडाणी समूह का जिक्र: उन्होंने दावा किया कि पहले नियम था कि जिसे एयरपोर्ट संचालन का अनुभव नहीं है, उसे टेंडर नहीं म...