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हिंदू-मुसलिम के पुराने विवाद को कूतरने से हरियाणा में हिंसा हुए के मिलते हैं संकेत।

हिंदू-मुसलिम के पुराने विवाद को कूतरने से हरियाणा में हिंसा हुए के मिलते हैं संकेत।

पिछले सप्ताह हरियाणा में दंगा-फसाद, आगजनी और मुस्लिम समुदाय के लोगों पर हिंसा होने की घटना घटी है। इस घटना से कुछ घंटो पहले से बजरंग दाल हिंदू समाज लोगों द्वारा जय श्री राम नाम के नारे के साथ निकाल गई यात्रा में शामिल कुछ युवाओं को बंदूक दिए गए और कार से तलवारे मुहैया कराई गई।

 

यात्रा निकालना से कई घंटा पहले विश्व हिंदू परिषद सचिव सुरेंद्र जैन का भी भाषण हुआ था। देखा जाय तो हरियाणा में दंगा फसाद मुसलमानों को ध्यान में रखकर हुई की पुष्टि विश्व हिंदू परिषद सचिव सुरेंद्र जैन के भाषण से भी की जा सकती है।

 

खबर यह है की सुरेंद्र जैन भाषण दे रहे थे और साथ में मार्च निकालना की भी तैयारी चल रही थी। हरियाणा के आस-पास के बजरंगी भाषण स्थल के पास जमा होते जा रहे थे और करीब 15000 के आसपास बजरंगी भाषण स्थल के आसपास जमा हो गए, तब जाकर मार्च व यात्रा निकालना का कम शुरू किया गया।

 

विश्व हिंदू परिषद सचिन सुरेंद्र जैन के भाषण में मुस्लिम नेता और हिंदू तथा हिंदू और मुस्लिम के साथ हुए पुराने विवाद का जिक्र किया गया। इनके द्वारा भाषण में हिंदू मुस्लिम के बीच सौहाद्र बनाने और हिंदू मुस्लिम भाई-भाई जैसे नारे नहीं दिए गए।

 

जैन अपने भाषण में ये नहीं कहा की आज का भारत संविधान से चलने वाला भारत हैय़। यहाँ लोकतंत्र है और कानून का यहाँ शासन चलता है। हमें हिंदू-मुस्लिम-सिख-इसाई सबको एक साथ मिलकर रहना चाहिए। यह हमारा कानून, हमारा संविधान ऐसे रहने के लिए सीखना है।

 

जबकि विश्व हिंदू परिषद सचिन जैन जी ने अपने भाषण द्वारा अभी हिंदू विजय के पथ पर निकाल चुका है, हिंदू को विजय की आदत लग चुकी है, जब-तक जीत नहीं मिलती- हिंदू चैन से नहीं बैठता है और न चैन से किसी को बैठने देता है।

 

हम विजय प्राप्त करके रहेंगे। क्या अयोध्या को रोक पाये? क्या ज्ञानवापी को रोक पायो? क्या मथुरा को रोक पाएंगे? सवाल ही नहीं है! मेवाती के लोग तुम्हारे पूर्वजों को जबरदस्ती मुसलमान बनाया गया है।

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