देश के लिए दुर्भाग्य है कि पीएम मणिपुर हिंसा को लेकर सदन में बहस
करना नहीं चाहते।
पीएम मोदी सदन में चर्चा से भाग रहें हैं। सदन में मणिपुर हिंसा पर चर्चा होनी हैं।
ख़बर ये है कि भारत के प्रधानमंत्री
नरेंद्र मोदी हैं, जो सदन के चर्चा से भागते फिर रहें हैं। पीएम मोदी के बारे में ऐसा
कहना है भारत के विपक्षी नेताओं का। विपक्षी नेताओं का कहना है कि हमलोग चाहते हैं
कि दोनों सदन में हमारा देश का पीएम खङा होकर मणिपुर हिंसा के बारे में बोलें और
इसपर हमलोगों को भी बोलने का अवसर दें।
‘मणिपुर का जातिय संघर्ष देश सुरक्षा के लिए खतरा’- इंडिया डेलिगेट्स।
लगभग 26 विपक्षी पार्टियों के मिलने
से बना भारत का नया अलायंस ‘इंडिया’ या ‘INDIA’ के नेतागण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मणिपुर हिंसा को लेकर निरंतर सवाल
कर रहे हैं। लेकिन, इन नेताओं का कहना है कि पीएम मोदी मणिपुर हिंसा पर चुप्पी
साधे हुए है और कुछ नहीं बोलते है।
विपक्षी
नेताओं का कहना है कि ऐसा नहीं है कि हमारे प्यारे मोदी जी चुप्पी साधे हुए है, वह
बोलते नहीं है और विपक्षी नेताओं पर कटु राजनीतिक बयान भी देते नहीं है। वह बोलते
है और इंडिया अलायंस को नीचा देखाने का भी काम किये है, लेकिन वे मणिपुर हिंसा पर
मौन हो जाते है।
जबकि हमलोग
चाहते हैं कि पीएम मोदी मणिपुर हिंसा पर बोलें और हमारे अलायंस पर भी बोलें। लेकिन,
पीएम मोदी जी सदन में खङा होकर बोलें, ताकि हमलोग भी इनके सवालों का जवाब दें। ये
सदन में कुछ नहीं बोलते और जैसे हीं सदन के बाहर जाते है, बोलना शुरू कर देते है।
इंडिया
अलायंस का नेतृत्व कर रहे कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे जी ने कहा कि हमलोगों
की बात सत्तापक्ष के लोग कोई भी सुनने को तैयार नहीं हैं। सदन के अध्यक्ष महोदय को
72 सांसदों ने सदन में मणिपुर हिंसा पर चर्चा हो को लेकर पत्र भेज चुके हैं। यह एक
ऐतिहासिक हीं होगा कि इतने लोग चर्चा के लिए अध्यक्ष महोदय को पत्र लिखे गयें हों।
जिसके बावजूद, मणिपुर हिंसा को लेकर संसद में चर्चा नहीं किया जा रहा है। यह देश
के लिए बहुत दुर्भाग्य है।
देश के लिए
दुर्भाग्य है कि सत्तापक्ष मणिपुर हिंसा को लेकर सदन में बहस करना नहीं

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