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Corona Virus के जन्मस्थान चीन की जिम्मेदारी ।।

चीन के वुहान शहर से निकला corona virus अब दुनिया के सभी मुख्य देशों को अपने चपेट में ले चुका है। इससे world के सभी देशों को Human और Economy का भारी नुकसान से गुजरना पड़ रहा है। फ़िलहाल इस समय बहस यह नहीं किया जा सकता कि आख़िर चीन में ऐसे new virus का निर्माण कैसे हुआ? यदि हुआ तो फ़िर इसपर नियन्त्रण क्यों नहीं किया गया? दुनिया को corona के चपेट से आगाह क्यों नहीं किया गया? जिसके वजह आज पूरी दुनिया lock-down हो चुका फ़िर भी इससे होनेवाला मौत की संख्या में इजाफ़ा हीं हो रहा है। आज किसी देश को corona को खत्म करने के medicine का पता नहीं चल रहा है। इतना हीं नहीं जिस देश को दुनिया के the best चिकित्सा के रूप में पहचान है वो भी अपने देश के नागरिकों को बचाने में असफल रहा।

corona virus world को एक सबक के रूप में: आज world के सारे देश corona virus के सामने घुटने टेक दिया है तथा लोगों के पास lock-down के अलावा दूसरा कोई रास्ता नहीं बचा है। प्रथम पहलू के अनुसार यदि corona virus प्राकृतिक प्रदत कहर के रूप में दुनिया पर बरपा है तो यह साफ़ हो जाता है कि हम सब मानव जाति को प्राकृतिक से छेड़-छाड़ करने के बजाय उसे सम्भाल कर रखने का समय आ गया है। हम सब को प्राकृतिक का दोस्त बनकर रहना चाहिए। दूसरे पहलू के अनुसार यदि corona virus एक मानव निर्मित जैविक हमला है तब भी दुनिया के उन देशों के लिए चुनौती का समय आ गया है जो शान्ति के साथ अपने देश को विकास के पथ पर ले जाना चाहते हैं। दोनों पहलू के अनुसार विश्व समुदाय को एक साथ प्राकृतिक का दोस्त व शान्ति के मार्ग पर चलने का वक्त आ गया है तथा विश्व समुदाय को इससे जुड़े निर्णय लेना चाहिए।

विश्व का कोना-कोना corona virus के चपेट में: अमेरिका जिसपर पूरा वर्ल्ड गर्व करता है आज वह भी corona virus के आगे हाथ जोड़े खड़ा है इन्हें भी कोई उपाय या टोटका दिखाई नहीं पड़ रहा। ब्रिटेन, फ़्रांस, इटली तथा अन्य अधिकांश यूरोपीयन देश corona virus से संक्रमित होने के डर से अपने आप को lock-down कर लिया है। रूस, भारत, जापान, चीन, श्रीलंका आदि के साथ-साथ एशिया महाद्वीप के लगभग सभी देश corona के चपेट में आ चुके है तथा जिसके वजह से ये देश अपनेआप को lock-down कर लिया है। दक्षिण गोलार्द्ध में स्थित आस्ट्रेलिया और अफ्रीका (अफ्रीका में मार्च अन्त तक एक हजार लोगों को corona virus से संक्रमित होने की सूचना मिली थी) भी corona के डर वो सब काम करने का फैसला ले रहा है जो इससे ग्रसित देश ले रहें हैं। विश्व का बड़ा मानव प्रजाति व उसका अर्थव्यवस्था corona के प्रहार से लहूलुहान हो चुका है। इस प्रस्थिती से जल्द से जल्द कैसे निपटा जाना चाहिए अभी भी दुनिया वालों के लिए रहस्य बना हुआ है ।  

corona virus से मरनेवालों की संख्या एक चौबीस घंटा में: 27 मार्च तक अमेरिका में 68,572 लोग corona virus से ग्रसित थे जिसमें 1,031 लोगों को corona संक्रमण से मौत हो चुकी थी। लेकिन अप्रैल के तजा रिपोर्ट के अनुसार अभी तक कुल 6,000 लोगों की मौत हो चुकी है। इतना हीं नहीं अमेरिका में एक चौबीस घंटा में corona virus से मरनेवालों की संख्या एक हजार है जो आज तक का बहुत अधिक व चिंता जनक रिपोर्ट है। स्पेन में कोरोना वायरस से होनेवाले मौतों की संख्या मार्च में 4,089 हो चुका था जिसमें 665 corona मरीजों की मौत चौबीस घंटों के अन्दर हुआ था। वहीं इटली में एक चौबीस घंटा में corona virus से मौत होनेवालों की संख्या 743 जो उस समय का सर्वाधिक माना जा चुका था। फ़िलहाल पुरे विश्व में corona virus से संक्रमित होनेवालों की संख्या दस लाख पार कर चुका है, इससे मरनेवालों की संख्या पचास हजार पार कर चुका है और इससे ठीक होनेवालों की संख्या दो लाख के आसपास बताया जा रहा है।  

   

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