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चार राज्यों में विधान सभा चुनाव और घरेलू गैस के दाम घटने को किस रूप में समझा जाय।

चार राज्यों में विधान सभा चुनाव और घरेलू गैस के दाम घटने को किस रूप में समझा जाय।


एसे तो भारत में घरेलू गैस के दाम मुद्दा मोदी सरकार के लिए बहुत ही लक्की साबित हुआ है। इसके सहारे चुनाव जीत गए। और मोदी इसे फिर से हत्यार बनाते दिख रहे है। ऐसा लगता है, मोदी टीम फिर से घरेलू गैस को चुनावी मोहरा बना सकती है। सरकार के फैसला से ये कहा जा सकता है- घरेलू गैस के दाम के ज़रिये चुनाव लङा जा सकता है।


मोदी टीम हाल हीं में घरेलू गैस के दाम में दो सौ रुपये घटाने कि घोषणा कर दी है। अब, लोग इसका फायदा भी उठाना शुरू कर दिये हैं। इसको लेकर मोदी महकमा भी देश में काफ़ी उत्तेजित माहौल बनाने में लग गए हैं। इसे रक्षाबंधन गिफ्ट के नाम से घोषणा किये हैं। ख़बर ये है कि मोदी सरकार इसे देश-भर में लागू की है।


जबकि, विपक्ष नेताओं का कहना है कि हाल ही में भारत के चार राज्यों में विधान सभा चुनाव होने हैं, इसलिए मोदी सरकार अचानक घरेलू गैस के दामों में गिरावट की है।


छत्तिसगढ मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पत्रकारों को कहा कि पिछले कुछ समयों में आपको याद होगा कि बीजेपी उपचुनाव में पीट गई थी, सभी चुनावी सीटे हार गई थी। इसके बाद, हिमाचल प्रदेश में विधान सभा के चुनाव होने थे। तब, ये मोदी सरकार पेट्रोल और डीजेल के दाम को घटा दी थी। और फिर, चुनाव के बाद इनके दाम बढा दिये गये थे।


आप सभी जानते हैं कि घरेलू गैस के दाम भारत में कितनी थी- जब कांग्रेस की सरकार थी। इस समय घरेलू गैस के दाम 400-से-450 रुपया के आस-पास होती थी। जिसे भी, ये लोग घरेलू गैस बहुत महंगा है, बताकर देश-भर में आंदोलन करते। इसी मुद्दा पर 2014 के लोक सभा चुनाव जीत गए। 

 

जब, मोदी सरकार 2014 के लोकसभा चुनाव जीत गई और सरकार बना ली, उसके बाद घरेलू गैस के दाम बढने शुरू हुए। घरेलू गैस के दाम में लगातार वृद्धि होती रही। मोदी सरकार वर्ष 2014 से वर्ष 2023 तक आते-आते घरेलू गैस के दाम को 450 रुपया से बढाकर 1200 रुपया तक पहुँचा दी।


अब, भारत के चार राज्यों में विधान सभा चुनाव होने हैं, तो घरेलू गैस के दाम कम कर दिये। कुछ माह बाद- राजस्थान, मध्यप्रदेश, छत्तिसगढ और तेलंगाना में चुनाव होने है। इसी चुनाव को देखते हुए मोदी सरकार घरेलू गैस के दाम को घटा दी है। यह एक चुनावी चाल है, जिसमें जनता फँसनेवाली नहीं है।घरेलू गैस के दाम चुनाव नज़दीक के कारण घटे। विपक्ष।

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