भारत और पाकिस्तान के बीच शुरू हुई बस सेवा के दो माह बाद कारगिल युद्ध हुआ|
दिल्ली-लाहौर बस सेवा की शुरूआत एक तरफ भारत के प्रधान मंत्री अटल
बिहारी वाजपेयी और दूसरी तरफ पाकिस्तान प्रधान मंत्री नवाज शरिफ के समय हुई थी। और
इन्हीं दोनों नेताओँ के समया दोनों देशों के बीच कारगिल का युद्ध भी हो गया। यह
दोनों देशों के नागरिकों के लिए बङे इतफ़ाक की बात है एक हीं नेता के समय शांति
बहाल हुआ और शांति भंग भी हुआ।
19
फरवरी 1999 के दिन भारत और पाकिस्तान के बीच शांतिपूर्ण
और मैत्रीपूर्ण संबंधों को बढ़ावा देने के लिए दोनों देशों की सरकारों के प्रयासों
से दिल्ली से लाहौर बस सेवा कि शुरूआत की गई थी। इसक उद्घाटन यात्रा में, तत्कालीन भारतीय प्रधान मंत्री अटल बिहारी
वाजपेयी जी बस पर सवार होकर पाकिस्तान गए। और अटल जी को स्वागत के लिए पाकिस्तान
के प्रधान मंत्री नवाज शरीफ थे।
दिल्ली-लाहौर बस सेवा की शुरूआत के दो माह बाद पाकिस्तान और भारत के
बीच भयानक युद्ध छीङ गई, जिसे कारगिल युद्ध नाम दिया गया और इसमें सेना मारे गए।
इस युद्ध की शुरूआत मई 1999
को हो गई थी।
और युद्ध का कारण बना पाकिस्तान। पाकिस्तानी सेना कारगिल की ऊँची
पहाड़ियों पर 5,000 सैनिकों के साथ घुसपैठ कर कब्जा जमा लिया। इस
बात की जानकारी जब भारत सरकार को मिली तो सेना ने पाक सैनिकों को खदेड़ने के लिए
ऑपरेशन विजय चलाया। उस समय पाकिस्तान के सेना प्रमुख परवेज़ मुशर्रफ थे, जिसे नवाज
शरिफ ने ही नियुक्त किया था।
गौर करनेवाली बात ये है कि दिल्ली-लाहौर बस सेवा कारगिल युद्ध शुरू
होने के बाद भी बंद नहीं की गई थी। यह तब बंद की गई, जब 2001 में भारतीय संसद पर आतंकी
हमले हुए। औऱ जिसके बद दोनों पड़ोसियों के बीच गंभीर टकराव शुरू हो गए।

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