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बाबा रामदेव ने भारत के पढेलिखे युवाओं, जनता और टीवी जगत के दिग्गज पत्रका...



अब इस बात से इनकार नहीं कर सकते या हमे इससे अपना मुहँ नहीं फेरना चाहिए कि भारत ऐसा देश बन चुका है जहाँ बाबाओं को लोग बहुत पसंद करते हैं, इनके बात को बड़े चाब से चबा-चबा कर हजम करते हैं इसलिए यहाँ बाबाओं के पास भीड़ लगी होती है। साधुसंत जैसे सोच या विचार प्रकट करनेवाले महाशयों को भी भारत के लोग दिलों जान से चाहते हैं। इन्हें अपने घरों में स्थान देने में भी नहीं हिचकते। जबकि, यदि एक ईमानदार व्यक्ति कितनों समझा दे कि आपके लिए ये ठीक रहेगा फ़िर भी इसकी बात नहीं मानते हैं और जब एक बाबा वहीँ बात कह दे तो लोगों पहले बाबा के बातों को जल्द हीं समझ में आ जाता है। खास बात यह है कि भारत के लोग उनके बात में आ जाते हैं और उनके भाषणों पर तालियां बजाते है जो बहुत कम पढ़े होते हैं। आपको विश्वास नहीं हो रहा होगा, आप सबूत मांग रहें होंगें तो लीजिये पेश है ।

वर्ष 2013-14 का समय तो याद होगा! भारत के इस दौर को हमेशा याद किया जायेगा और बड़े हीं सिद्दत के साथ याद किया जायेगा। क्योंकि, भारत का यहीं वो समय था जिसमें बाबाओं के बात पर भारत के लोगों ने कथक किया और एक कम पढ़े वैसा व्यक्ति जिसने अपने पत्नी, माँ-बाप व परिवार को छोड़कर देश सेवा के लिए नेता बन गया के कहने पर भारत नाट्यम किया। आज हम भारत के बाबा पर प्रकाश डालने का प्रयास करेंगें, कम पढ़े और परिवार छोडू की बात नहीं करेंगें।

जनवरी का महीना था और वर्ष 2014। इंडिया टीवी का प्रोग्राम आप की अदालतमें बाबा रामेदव का ऐसा जन्म हुआ कि इनके इस अवतार से विश्व के कोई भी वैज्ञानिक तथा विद्वान आश्चर्य में पड़ जाएंगें। संयोग से इस समय भारत के प्रधानमंत्री डाक्टर मनमोहन सिंह थे और इनके बारे में हमें बताने व लिखने की जरूरत तो नहीं है क्योंकि आप गूगल पर जाकर इनके बारे में सम्पूर्ण जानकारी हासिल कर सकते हैं। फ़िर भी, हम इनके बारे में एक बात आपको बता सकते हैं कि जब विश्व आर्थिक मंदी के दौर से गुजर रहा था और भारत भी इसके चपेट में आ जाता लेकिन मनमोहनसिंह ने अपने सूझ-बूझ से भारत को आर्थिक मंदी के चपेट में आने से बचा लिया।

विश्व के आर्थिक विद्वानों के आश्चर्य की बात यह है कि जब आर्थिक मंदी के चपेट में विश्व के विकसित देश आ चुके थे, उस समय भारत आर्थिक विकास के कदम बढ़ा रहा था का भंडा आप की अदालतप्रोग्राम में बाबा रामदेव ने खोल दिया। बाबा रामदेव इस प्रोग्राम के माध्यम से जनता को वर्ष 2014 में बताया कि पेट्रोल और डीजल के दाम भारत के प्रधानमंत्री मनमोहनसिंह से सम्भल नहीं रहें हैं इसलिए आज पेट्रोल का दाम 75 रूपये हो गया है, जबकि पेट्रोल के दाम 35 रूपये प्रति लिटिर हो जायेगा जब भारत का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बनेंगें। हलांकि इन्होंने इस वाक्य में मोदी का नाम उस समय नहीं लिया लेकिन यह मुद्दा उन्हीं के उपर था इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कसम भारत माता की।

जब वर्ष 2021, आया तब रमन मैगसेसे पुरस्कार से सम्मानित पत्रकार रवीश कुमार ने साफ़ करते हुए बताये कि जिस समय मनमोहनसिंह भारत के प्रधानमंत्री थे, उस समय अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पेट्रोलियम का दाम 147 डौलर प्रति बैरल था, उस समय भारत में पेट्रोल का दाम 75 रूपये प्रति लीटर था और आज नरेंद्र मोदी जब भारत के प्रधानमंत्री हैं तो अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पेट्रोलियम का दाम 61 डौलर प्रति बैरल है तब भी भारत में पेट्रोल 100 रूपये प्रति लीटर दाम पर क्यों बेचा जा रहा है? रवीश कुमार के इस सवाल के जवाब में आज तक बाबा रामदेव ने जवाब नहीं दिए हैं और न हीं आप की अदालतप्रोग्राम चलनेवाले बाबा रामदेव को इस सवाल के जवाब देने के आरोप में अदालत में खड़ा किया, इतना हीं नहीं प्रोग्राम चलनेवाले को अभी तक पता नहीं हुआ है कि जिस बाबा ने जनता को 35 रूपये प्रति लीटर देने का पाठ पढ़ाया था, उस बाबा के दोस्त सरकार ने पेट्रोल आज 100 रूपये प्रति लीटर बेचा रहा है। जनता के साथ इतना बड़ा धोखा तो देश के बाबा और आप की अदालतजैसे नौटंकी करनेवाले हीं दे सकते हैं भला भारत को आर्थिक मंदी से बचानेवाले मनमोहनसिंह की औकत कहाँ, क्योंकि इनके बात पर भारत के लोग विश्वास हीं नहीं करेंगें भारत के लोगों को तो परिवार छोडू व्यक्ति चाहिए ना!

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