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सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था प्राईवेट स्कूलों के समानांतर होने के उम्मीद बढ़ गई-बिहार के तार्किक लोग।



सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था प्राईवेट स्कूलों के समानांतर होने के उम्मीद बढ़ गई-बिहार के तार्किक लोग।


बिहार में लालू-नीतीश की सरकार ने एक लाख के ज्यादा और दो लाख से कम शिक्षकों कि बहाली कर दी है। यह बहाली मात्र तीन-से-चार माह में ही कर दी गई है।


इस बहाली से राज्य के सभी लोग जिनकों नौकरी मिली है, वो काफी खुश हैं। दूसरे राज्य को लोग को भी इसमें नौकरी दी गई है, इसलिए दूसरे राज्य के लोग भी बिहार सरकार के इस काम की तारीफ कर रहें हैं।


मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के भाषण अनुसार बिहार में केरल, कर्नाटक, महाराष्ट्र, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और झारखंड राज्य से लोग शिक्षक बनने के लिए बिहार आए हैं और इन राज्य के लोगों को बिहार में शिक्षक की नियुक्ति मिली है।


जिन लोगों को शिक्षक बनने का अवसर मिला है, वो बिहार सरकार के इस निर्णय को लेकर काफी उत्साहित हैं। अब बिहार के लोगों को भी इस बहाली से काफी उम्मीद बन गईं है।


बिहार के लोगों का कहना हैं कि बीपीएससी के द्वारा इन शिक्षकों की बहाली हुई है। इन शिक्षकों के बारे में कहा जा रहा है कि ये शिक्षक पूर्व के बहाल शिक्षकों से बहुत अधिक योग्य है।


बिहार के तार्किक लोगों का मानना है कि बीपीएससी द्वारा ये नये बहाल शिक्षक राज्य के बच्चों को अच्छी-से-अच्छी तरह से शिक्षा देने में सक्षम हैं। इससे अब बिहार के सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था प्राईवेट स्कूलों के समानांतर होने की उम्मीद बढ़ गई है।मात्र दो से तीन माह के अंदर लाख से अधिक रोजगार देनेवाली सरकार- बिहार सरकार@

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