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2005 से पहले कुछ था छोङ नीतीश कुमार जी तुम्हारा जात-तुम्हारा जात करने लगें। तोरा-मोरा जात-पात पर उतर आये।।

2005 से पहले कुछ था छोङ नीतीश कुमार जी तुम्हारा जात-तुम्हारा जात करने लगें। तोरा-मोरा जात-पात पर उतर आये।।

लालू प्रसाद यादव के कार्यकाल का पर्दाफाश

तेजस्वी यादव ने विधान सभा में अपनी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल के लिजेन्ड नेता लालू प्रसाद यादव के कार्यकाल के बारे में पूरा पर्दाफाश कर दिया है। ऐसे तो लालू प्रसाद जी ने बिहार के लिए जितना काम किया है उसको कुछ पन्नों में लिखकर उसे भाषणों के माध्यम से बताया नहीं जा सकता, क्योंकि लालू प्रसाद जी का काम बहुत व्यापक, न्यायीक और एक सामाजिक क्रांति जैसा है। जिसे स्पर्श ही किया जा सकता है बस!

फिर भी बिहार का नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव जी ने उन बातों का पर्दाफाश किये हैं, जिसको लेकर नीतीश कुमार बार-बार जनता और पत्रकारों के बीच बोलकर जनता को पिछले बीस सालों से एक हीं बात पर गोल-गोल घुमा रहे हैं और अपनी राजनीतिक रोटियाँ सेंक रहे हैं।


पिछली सरकार से बेहत्तर काम किया 

तेजस्वी यादव ने विधान सभा में लालू प्रसाद के समय कृषि क्षेत्र में, शिक्षा के क्षेत्र में, स्वास्थ्य क्षेत्र में, बीजली, जीडीपी में, प्रतिव्यक्ति आय में, सामाजिक न्याय में, लोगों की नौकरी देने में, जमिंदारी प्रथा के खिलाफ कार्रवाई करने में आदि उन तमाम क्षेत्रों को बताया है, जिससे बिहार का प्रगति होना है और जिसपर लालू प्रसाद यादव जी ने काम किया है। इन सभी क्षेत्रों में लालू प्रसाद जी का काम सराहनीय है, इन्होंने पिछली सरकार से बेहत्तर काम किया है।

लालू के समय के प्रकाशित सरकारी रिपोर्ट पर आधारित

लालू प्रसाद यादव ने हरेक क्षेत्र में पहले से बेहत्तर काम करके दिखाया है। लालू प्रासद के काल के बाद बिहार में यदि उत्तम विकास का मॉडल किसी ने पेश किया है तो वो तेजस्वी यादव का सतरह महीनों की सरकार है जो तेजस्वी यादव के द्वार प्रस्तुत किया गया रिपोर्ट से साफ होता है। तेजस्वी यादव का रिपोर्ट सरकारी ऐजेंसियां और प्रतिष्ठित लेखकों द्वारी लिखी गई पुस्तकें और लालू के समय के प्रकाशित सरकारी रिपोर्ट पर आधारित हैं, जिसको जाँचा किया जा सकता है।


बिहार के सरकारी स्कूल को प्राइवेट से अच्छा बना दिया

तेजस्वी यादव के इस भाषण के बाद लोग उम्मीद कर रहे थे कि नीतीश कुमार जवाब में ये बताएंगे कि हमने बीस सालों के शासन में उच्च गुणवता वाले शिक्षकों की बहाली निकाली जैसे तेजस्वी के समय निकाली गई थी। हमारी सरकार ने कितने सरकारी नये स्कूल बनवाये बताना चाहिए था। बिहार का कोई ऐसा स्कूल नहीं बचा है, जहाँ शिक्षक का अभाव है बताना चाहिए था। बिहार के सरकारी स्कूल को प्राइवेट से अच्छा बना दिया है। आज बिहार के बच्चे प्राइवेट स्कूल को छोङकर सरकारी में पढ़ाई करने जा रहे हैं क्योंकि यहाँ व्यवस्था उत्तम है। ये नीतीश कुमार जी को बताने चाहिए थे।


तुम्हारा जात-तुम्हारा जात करने लगें।

लेकिन, नहीं! नीतीश कुमार वहीं बात फिर से दुहराया जो पहले से दुहराते आ रहे हैं। नीतीश कुमार वहीं बोला जिसको बोल-बोलकर पिछले बीस सालों से बिहार के लोगों को मूर्ख बनाते आ रहे हैं और अपनी राजनीतिक रोटियाँ सेंकते आ रहे हैं। नीतीश कुमार जी वहीं बात फिर से बोला कि 2005 से पहले बिहार में कुछ था जी। और इस पर लोगों ने खुब तालियाँ बजाई और बिहार के लोग का विकास हो गया। नीतीश कुमार इस बार तो विधान सभा में अभद्र व्यवहार, मानसिक रूप से विक्षिप्त प्राणी की तरह बोलते हुए तुम्हारा जात-तुम्हारा जात करने लगें।


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