Skip to main content

दक्षिण के राज्यों में कांग्रेस और उत्तर भारत के राज्यों में बीजेपी का बोलबाला।।



दक्षिण के राज्यों में कांग्रेस और उत्तर भारत के राज्यों में बीजेपी का बोलबाला।।


भारत की सबसे पुरानी पार्टी कांग्रेस चार राज्यों के विधान सभा चुनाव में अच्छा प्रदर्शन नहीं की है। बीजेपी भारतीय जनता पार्टी के सामने चारो खाने चीत हो चुकी है। इज्जत बचाने में भी असफल रही। वहीं बीजेपी सभी राज्यों में प्रचंड बहुमत से जीती है।

 

कांग्रेस सिर्फ एक राज्य तेलंगाना में विधान सभा चुनाव जीतने में सफल रही और सरकार बनाने के लिए स्पष्ट बहुमत हासिल कर ली है, जिससे ये कहा जा सकता है कि पार्टी की इज्जत डूबते-डूबते बच गई।


हलाँकि दक्षिण भारते के तेलंगाना में यहाँ बीजेपी चुनावी रेस में थी हीं नहीं, इसके बावजुद भी बीजेपी इस राज्य के विधान सभा चुनाव में 8 सीट जीतने में सफल रही है।


भारत के इन विधान सभा चुनाव ने एक और बात साफ करते दिख रहा है कि कांग्रेस उत्तर भारत हिन्दी बहुल भाषी राज्यों से चुनाव हार चुकी है। वहीं बीजेपी दक्षिण भारत के राज्यों के सभी विधान सभा चुनाव हार चुकी है।


भारत की सबसे पुरानी पार्टी कांग्रेस दक्षिण भारत में पकङ मजबूत बना ली है। भारत का सत्ताधारी पार्टी बीजेपी उत्तर भारत के राज्यों का विधान सभा चुनाव जीतकर सरकार बनाने में सफल रही है।


गौर करनेवाली बात ये भी है कि कांग्रेस दक्षिण भारत के जिन राज्यों में विधान सभा के चुनाव जीती है और सरकार बनाने में सफल रही है वो राज्य शैक्षणिक क्षेत्र में भारत में सबसे प्रथम स्थान पर है।


देखा जाय तो, कांग्रेस के सरकार वाली राज्यों में रोज़गार, शिक्षा और अधिकार जैसे मुद्दों की चर्चा ज्यादा होती है। जबकि जिस राज्य में बीजेपी की सरकार है, उन राज्यों में हिंदूत्व, सनातन धर्म बचाओ आदि जैसे मुद्दों का बोलबाला है।

Comments

Popular posts from this blog

एक सेल्स मैन का काम कर रहें हैं तो आपको इस एक बात का ख्याल अवश्य रखना चाहिए।

एक सेल्स मैन को ये काम अवश्य करनी चाहिए, यदि आप एक सेल्स मैन का काम कर रहें हैं तो आपको इस एक बात  का ख्याल अवश्य रखना चाहिए। एक सेल्स मैन को ये काम अवश्य करनी चाहिए। यदि आप एक सेल्स मैन का काम कर रहें हैं तो आपको इन बातों का ख्याल अवश्य रखना चाहिए। हम कोई भी काम करते हैं उसकी योजना अवश्य तैयार करते हैं। एक छोटा सा छोटा काम के लिए भी हम योजना बनाते हैं। हलांकि छोटे कामों के लिए बनाये गए योजना हमारा दिमाग को पता नहीं चलता। हमारे दिमाग को इसके लिए परेशान होने की जरूरत नहीं पड़ती है। इसपर कभी आपने सोचा है कि आख़िर ऐसा क्यों होता है ? इसकी वजह को हमे जानने का प्रयास अवश्य करनी चाहिए। ऐसे तो इसके अनेकों वजह हो सकते हैं और इसके मनोवैज्ञानिक कारण भी कई हो सकते हैं, लेकिन हमे इन भारी वजहों को छोड़कर एक सरल वजह की तलाश करने की जरूरत है। मेरे अनुसार सरल स्वभाव से इसका एक वजह यह भी हो सकता है कि हमारा दिमाग इन छोटे-छोटे कामों को पहले कई बार कर चुका होता है। यूं कहें इस काम को मेरा दिमाग पूर्ण रूप से अभ्यस्त हो गया होता है। इसलिए हमारा दिमाग को इस छोटा काम को पूरा करने में किसी प्रकार की परेश...

एक कप चाय, मिट्टी वाली में - चाय को पीने में जो मजा है, वो मजा सात समन्दर पार जाकर भी नहीं वो कैसे !

एक कप चाय से याद आया कि मिट्टी के बर्तन वाली चाय को पीने में जो मजा है, वो मजा सात समन्दर पार जाकर एक प्रेमी को अपने प्रेमिका या एक प्रेमिका को अपने प्रेमी से मिलने में भी नहीं होगा! लेकिन वो मजा इस चाय पीने में आपको मिलेगा।  आप महिला हों या पुरुष यदि आप अपने जीवन में, प्रेम में प्रवाहित होने के आनंद से वंचित रह गाएं हैं तो हमारी मानिये एक बार इस चाय के प्रेम में बह जाइये, डूब जाइये और इसके गर्माहट में गोते लगा लीजिये! इसके मंद-मंद सुगंध में अपने नाक के दोनों सुराग को झोंक दीजिये। लेकिन एक बात का ख्याल रखियेगा,   इस चाय को पीने में कभी जल्दीबाजी नहीं कीजियेगा। नहीं तो, आपका जीभ आपसे नाराज हो जायेगा। बेमतलब के आप बेचारा स्वभाव से कोमल जीभ को रुखा कर दीजियेगा। यदि आपको विश्वास नहीं होता, तो एक बार मिट्टी वाला चुक्का में परोसी गई चाय को अपने होंठ से लगाकर और चाय को जीभ पर गिराकर तो देखिये! जैसे हीं, यह चाय आपके जीभ को स्पर्श करेगी वैसे हीं आप स्वयं इसके स्वाद से परिचित हो जाएंगें। हमारी मानिये तो आज हीं आप नुक्कड़ वाली एक कप चाय का मज़ा ले लीजिये। भारत आधुनीकता की ओर कदम बढ़ा च...

राहुल गांधी ने 'एल्फिंस्टन' (Elphinstone) फाइल का जिक्र करते हुए पीएम नरेंद्र मोदी को घेरा। सदन में भारी हंगामा।।

राहुल गांधी ने 'एल्फिंस्टन' (Elphinstone) फाइल का जिक्र करते हुए पीएम नरेंद्र मोदी को घेरा। सदन में भारी हंगामा।। राहुल गांधी ने संसद में जिस 'एल्फिंस्टन' (Elphinstone) फाइल या संदर्भ का जिक्र किया, वह सीधा हमला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सरकार की कार्यशैली पर था। गांधी ने सदन में एक पुरानी फाइल या रिपोर्ट का हवाला देते हुए यह तर्क देने की कोशिश की कि सरकार कुछ खास उद्योगपतियों (अडानी-अंबानी) को फायदा पहुँचाने के लिए नियमों में बदलाव करती है। उन्होंने 'एल्फिंस्टन' नाम का जिक्र उन ऐतिहासिक नियमों या व्यवस्थाओं के संदर्भ में किया जो मुंबई के बंदरगाहों या रेलवे के बुनियादी ढांचे से जुड़ी थीं। राहुल गांधी ने पीएम मोदी को घेरते हुए निम्नलिखित बातें कहीं: ​नियमों में बदलाव: उनका आरोप था कि सरकार ने पुराने नियमों (जिनका उन्होंने एल्फिंस्टन संदर्भ से जोड़ा) को दरकिनार कर दिया ताकि एयरपोर्ट्स और पोर्ट्स का नियंत्रण कुछ विशेष व्यापारिक समूहों को दिया जा सके। ​अडाणी समूह का जिक्र: उन्होंने दावा किया कि पहले नियम था कि जिसे एयरपोर्ट संचालन का अनुभव नहीं है, उसे टेंडर नहीं म...