रक्षकों पर वार और हमारा बीमार समाज-संपादकीय।। N5//सम्पादकीय: किसी भी सभ्य समाज की पहचान इस बात से होती है कि संकट के समय उसकी रक्षा करने वाले तंत्र के प्रति उसका व्यवहार कैसा है। बिहार पुलिस द्वारा हाल ही में सोशल मीडिया पर साझा की गई एक भावुक पोस्ट ने न केवल कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि हमारे सामाजिक ताने-बाने और नैतिक पतन को भी बेनकाब कर दिया है। पुलिस ने बड़े ही आर्त स्वर में जनता से अपील की है— “आपकी एक कॉल पर हम बिना अपनी परवाह किए आपकी मदद के लिए निकल पड़ते हैं। हमारी बस एक अपील है, जब डायल-112 की टीम आपकी सहायता के लिए पहुंचे, तो उसका सहयोग करें।” सोचिए, जिस पुलिस बल का काम अपराधियों में खौफ पैदा करना और आम जनता को सुरक्षा का अहसास कराना है, आज उसे ही भीड़ के हाथों पिटने के डर से जनता के सामने हाथ जोड़ने पड़ रहे हैं। यह स्थिति चिंताजनक ही नहीं, बल्कि शर्मनाक है। पिछले कुछ समय में राज्य के विभिन्न हिस्सों से ऐसी घटनाएं सामने आई हैं, जहां किसी विवाद, दुर्घटना या अपराध की सूचना पर पहुंची ‘डायल 112’ की टीम पर ही स्थानीय लोगों या उपद्रवियों ने जानलेवा हमला...