NEET पेपर लीक मामला: 'कॉकरोच जनता पार्टी' 6 जून को दिल्ली में करेगी प्रदर्शन, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग

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NEET पेपर लीक मामला: 'कॉकरोच जनता पार्टी' 6 जून को दिल्ली में करेगी प्रदर्शन, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग।। ​विशेष संवाददाता, नई दिल्ली (N5) 4 जून 2026 ​देश में NEET, CBSE और CUET जैसी प्रमुख परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के मामलों को लेकर कॉकरोच पार्टी युवाओं का गुस्सा अब सड़कों पर उतरने के लिए तैयार है।  सोशल मीडिया पर एक बड़े आंदोलन के रूप में उभरी 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) ने बुधवार को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में अपनी पहली औपचारिक प्रेस वार्ता की। इस दौरान संगठन ने 6 जून को दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक बड़े और शांतिपूर्ण आंदोलन का ऐलान किया है। ​शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग, प्रशासनिक फेरबदल को बताया 'दिखावा' ​प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए संगठन के नवनियुक्त मुख्य प्रवक्ता और खोजी पत्रकार सौरव दास ने कहा कि सरकार द्वारा हाल ही में CBSE के अध्यक्ष और सचिव का तबादला करना महज एक 'आईवाश' (दिखावा) है।  उन्होंने कहा:  "हम व्यवस्था में जवाबदेही की मांग कर रहे हैं। अफसरों के तबादलों को कार्रवाई के रूप में पे...

पटना कोचिंग विवाद: खान सर का गोलीबारी का दावा निकला बेबुनियाद, अब 'सहानुभूति कार्ड' और साजिश के लग रहे आरोप।

पटना कोचिंग विवाद: खान सर का गोलीबारी का दावा निकला बेबुनियाद, अब 'सहानुभूति कार्ड' और साजिश के लग रहे आरोप।

​पटना (N5 ब्यूरो। पटना के चर्चित शिक्षक खान सर और ज्ञान बिंदु कोचिंग संस्थान के बीच उपजा विवाद अब एक नया रूप ले चुका है। पुलिस की शुरुआती जांच में खान सर द्वारा किया गया आठ से दस राउंड गोलीबारी का दावा पूरी तरह बेबुनियाद साबित हुआ है। 

पुलिस सूत्रों के अनुसार, घटनास्थल पर फायरिंग का कोई सबूत नहीं मिला है, जिसके बाद अब यह पूरा मामला महज आपसी मारपीट और हमले का बनता दिख रहा है।

​इस खुलासे के बाद अब खान सर पर ही सवाल उठने लगे हैं और मामले में एक नया नैरेटिव (विमर्श) सामने आ रहा है।

​क्या सहानुभूति बटोरने के लिए रची गई स्क्रिप्ट?

​गोलीबारी का दावा खारिज होने के बाद कोचिंग जगत और स्थानीय लोगों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। आलोचकों और प्रतिद्वंद्वी गुटों का आरोप है कि यह पूरी घटना खान सर द्वारा खुद प्रायोजित (Self-Scripted) हो सकती है।

​चर्चाओं के अनुसार, इस विवाद को बड़ा रूप देने के पीछे दो मुख्य मकसद हो सकते हैं:
1. ​छात्रों की सहानुभूति पाना: खुद पर हमले या गोलीबारी की खबर से छात्रों के बीच एक 'विक्टिम कार्ड' (पीड़ित दिखने की कोशिश) खेला जा सके, जिससे बच्चों की भावनात्मक सहानुभूति संस्थान के साथ जुड़ी रहे।
2. ​संस्थान की पब्लिसिटी: इस हाई-प्रोफाइल विवाद के जरिए मीडिया में बने रहना और कोचिंग का नाम चमकाना।
​गोलीबारी नहीं, तो क्या है मामला?

​पुलिस की छानबीन में यह साफ हो गया है कि वहां कोई हथियार नहीं लहराया गया और न ही गोलियां चलीं। हालांकि, दो गुटों या कोचिंग के कर्मियों के बीच मारपीट और धक्का-मुक्की की बात सामने आ रही है। 

इस कोण से जांच की जा रही है कि क्या इस मामूली मारपीट को जानबूझकर 'जानलेवा हमले' और 'फायरिंग' का रंग दिया गया, ताकि बगल वाले कोचिंग संस्थान को कानूनी पचड़े में फंसाया जा सके।

​ज्ञान बिंदु के पक्ष को मिला बल:

​खान सर का दावा झूठा साबित होने से गिरफ्तार किए गए ज्ञान बिंदु जीएस एकेडमी के डायरेक्टर के उस बयान को बल मिला है, जिसमें उन्होंने इसे "बदनाम करने की राजनीतिक चाल" बताया था। 

ज्ञान बिंदु के समर्थकों का कहना है कि जब गोली चली ही नहीं, तो उनके डायरेक्टर पर इतना बड़ा आरोप लगाना साफ तौर पर व्यापारिक प्रतिद्वंद्विता (Business Rivalry) के तहत फंसाने की साजिश है।

​पुलिस के सामने अब दोहरी चुनौती

​पटना पुलिस के लिए अब यह मामला सिर्फ एक हमले की जांच तक सीमित नहीं रह गया है। पुलिस अब इस बिंदु पर भी विचार कर सकती है कि क्या कानून व्यवस्था को गुमराह करने और झूठी अफवाह फैलाने के तहत भी कोई कार्रवाई की जानी चाहिए। 

फिलहाल, पुलिस दोनों पक्षों के बयानों और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर मारपीट की असली वजह तलाश रही है।
​नोट: पुलिस की विस्तृत और अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ही इस मामले में कानूनी रूप से यह तय हो पाएगा कि हमले की साजिश किस स्तर पर रची गई थी।

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