ज्ञान बिंदु GS एकेडमी के शिक्षक शशांक पाठक ने दी अनशन की चेतावनी, रिहाई की मांग तेज:खान सर-रोशन आनंद विवाद।।
ज्ञान बिंदु GS एकेडमी के शिक्षक शशांक पाठक ने दी अनशन की चेतावनी, रिहाई की मांग तेज:खान सर-रोशन आनंद विवाद।।
पटना/N5:
बिहार के कोचिंग जगत के दो चर्चित चेहरों, खान सर और रोशन आनंद के बीच चल रहा विवाद अब एक नया मोड़ लेता दिख रहा है। हाल ही में इस पूरे मामले पर आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ज्ञान बिंदु GS एकेडमी के इतिहास शिक्षक शशांक पाठक ने रोशन आनंद की गिरफ्तारी का कड़ा विरोध करते हुए शासन-प्रशासन के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए शशांक पाठक ने रोशन आनंद की गिरफ्तारी को पूरी तरह से गलत और बेबुनियाद बताया। उन्होंने कहा, "जिन बिंदुओं पर रोशन आनंद सर को गिरफ्तार किया गया है, वे सारे बिंदु निराधार साबित हुए हैं। इस सच्चाई से शासन और प्रशासन दोनों भली-भांति अवगत हैं। इसके बावजूद भी उन्हें इतने दिनों से हिरासत में रखना पूरी तरह से गलत है।"
शिक्षक शशांक पाठक ने गिरफ्तारी के आधारों पर सवाल उठाते हुए आगे कहा कि रोशन आनंद पर लगाए गए आरोप पूरी तरह से बेबुनियाद हैं और उनके पीछे कोई ठोस तर्क या साक्ष्य नहीं है। उन्होंने इस मामले में प्रशासन के रवैये पर नाराजगी जाहिर की।
अनशन पर बैठने की चेतावनी:
छात्रों और शिक्षक समुदाय को संबोधित करते हुए शशांक पाठक ने कड़ा रुख अपनाया और कहा, "हम आप सब से यही कहना चाहते हैं कि जल्द से जल्द उनकी (रोशन आनंद सर की) रिहाई हो। अगर रोशन सर की रिहाई नहीं होती है, तो हम सब अनशन पर बैठेंगे और उनकी रिहाई की मांग को लेकर आंदोलन करेंगे।"
इस बयान के बाद कोचिंग जगत और छात्रों के बीच हलचल तेज हो गई है। ज्ञान बिंदु GS एकेडमी और रोशन आनंद के समर्थकों का कहना है कि यह गिरफ्तारी दुर्भावनापूर्ण है और वे अपने शिक्षक के सम्मान व न्याय के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं।
क्या है पूरा मामला?
गौरतबल है कि खान सर और रोशन आनंद (ज्ञान बिंदु GS एकेडमी) के बीच विवाद पिछले कुछ समय से लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। इस मामले में कानूनी कार्रवाई के तहत रोशन आनंद को गिरफ्तार किया गया है, जिसका शिक्षक समुदाय और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्र लगातार विरोध कर रहे हैं।
इस विवाद के संदर्भ में कुछ बेहद महत्वपूर्ण बिंदु भी सामने आ रहे हैं:
खान सर ने रोशन आनंद सर पर जो गोली चलाने का आरोप लगाया था, जिसके आधार पर रोशन सर की गिरफ्तारी हुई, वह घटना कथित तौर पर खान सर की देखरेख में ही हुई थी। अब यह भी साफ हो गया है कि रोशन सर ने कोई गोली नहीं चलवाई थी।
रोशन आनंद सर की गिरफ्तारी असल में केवल गार्डों के बीच हुई आपसी लड़ाई के आधार पर की गई है, जिसे बड़ा रूप दे दिया गया।
आरोप है कि खान सर खुद कई बंदूकधारी गार्ड रखते हैं, लेकिन पुलिस उन पर कोई कार्रवाई करने से बच रही है। इसके बजाय वे अपने प्रतिद्वंद्वियों पर झूठे आरोप लगा रहे हैं।
अब शशांक पाठक द्वारा दी गई अनशन की इस चेतावनी और इन नए खुलासों ने प्रशासन पर दबाव और बढ़ा दिया है। देखना यह होगा कि इस मामले में आगे प्रशासन की क्या प्रतिक्रिया होती है।
