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पटना कोचिंग जगत में महासंग्राम: खान सर पर लगे गंभीर आरोप, पुलिस ने कोचिंग पर चिपकाया नोटिस; 'खिलजी' से हुई तुलना



पटना कोचिंग जगत में महासंग्राम: खान सर पर लगे गंभीर आरोप, पुलिस ने कोचिंग पर चिपकाया नोटिस; 'खिलजी' से हुई तुलना।।

​विशेष संवाददाता, पटना /N5: 

शिक्षा के गढ़ माने जाने वाले पटना का कोचिंग उद्योग इस समय एक भीषण विवाद और कानूनी जंग के अखाड़े में तब्दील हो चुका है। 

बिहार की दो बड़ी कोचिंग संस्थाओं—खान ग्लोबल स्टडीज (खान सर) और ज्ञान बिंदु जीएस एकेडमी (रौशन आनंद) के बीच का यह टकराव अब चरम पर पहुंच गया है। आरोप लग रहे हैं कि पटना में एकछत्र राज स्थापित करने की होड़ ने बिहार की शिक्षा व्यवस्था की साख को दांव पर लगा दिया है और पूरे माहौल को विनाश के कगार पर ला खड़ा किया है।

​खान ग्लोबल स्टडीज पर पुलिस का नोटिस, पूछताछ से भागने का आरोप।

पटना की कदमकुआं थाना पुलिस ने 'खान ग्लोबल स्टडीज' के दफ्तर पर एक आधिकारिक नोटिस चस्पा किया है।

​स्टाफ को समन: पुलिस ने कोचिंग विवाद मामले (कदमकुआं केस) में पूछताछ के लिए खान सर के स्टाफ कन्हैया सिंह, अजीत कुमार और अंकित कुमार पाण्डेय को तलब किया है।

​असहयोग का आरोप: नोटिस में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि ये लोग पुलिस जांच और पूछताछ में सहयोग नहीं कर रहे हैं। बार-बार कई माध्यमों से बुलाए जाने के बावजूद खान सर के ये सहयोगी पूछताछ के लिए नहीं पहुँच रहे हैं।

​मामले की पृष्ठभूमि: गौरतलब है कि खान सर के इसी स्टाफ कन्हैया सिंह ने ही पूर्व में आवेदन दिया था जिसके आधार पर ज्ञान बिंदु एकेडमी के संचालक रौशन आनंद और उनके भाई प्रिंस यादव को अभियुक्त बनाया गया था।

​प्रिंस यादव की संदिग्ध मौत और तेज प्रताप यादव का बड़ा बयान।

​इस पूरे विवाद में सबसे सनसनीखेज मोड़ तब आया जब ज्ञान बिंदु जीएस एकेडमी के डायरेक्टर रौशन आनंद के छोटे भाई प्रिंस यादव की नेपाल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। इस घटना के बाद खान सर चौतरफा आरोपों से घिर गए हैं।

जनशक्ति जनता दल के संस्थापक तेज प्रताप यादव ने इस मौत पर गहरा दुख जताते हुए सीधे खान सर पर हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाया है। तेज प्रताप यादव ने मीडिया से बात करते हुए कहा:
​"यह एक बेहद दुखद घटना है; ऐसी घटना नहीं होनी चाहिए थी। अगर हम किसी को इसके लिए पूरी तरह जिम्मेदार ठहराएं, तो हम खान सर को जिम्मेदार मानेंगे; वही इस हत्या के सूत्रधार (मास्टरमाइंड) हैं। जो व्यक्ति खुद पर गोली चलवाने के लिए अपने ही सहयोगी का इस्तेमाल कर सकता है, वह निश्चित रूप से हत्या की साजिश रचने में भी सक्षम है। इसलिए, हमें पूरा विश्वास है कि इस हत्या के पीछे वही हैं, और उन्हें जेल होनी चाहिए..."

​फीस विवाद और वर्चस्व की लड़ाई:

​शुरुआती बयानों में खान सर की ओर से दावा किया गया था कि उन्होंने छात्रों के हित में फीस कम रखी थी, जिससे नाराज होकर पड़ोस की कोचिंग वालों ने उन पर हमला करवाया। हालांकि, स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स में इस दावे को झूठा बताते हुए सिद्ध किया गया है कि खान सर ही अधिक फीस रखे हुए हैं।

​आरोपियों और आलोचकों का कहना है कि कम फीस का हवाला सिर्फ एक मुखौटा है, जबकि असल मकसद पटना के कोचिंग बाजार से अन्य सभी प्रतिस्पर्धियों को खत्म कर अपना "एकछत्र साम्राज्य" स्थापित करना है। इसी उद्देश्य से ज्ञान बिंदु कोचिंग के रौशन आनंद को इस मामले में फंसा कर बर्बाद करने की साजिश रची गई।

​इतिहास के काले अध्यायों से तुलना: 'खिलजी' का नया वेरिएंट?

​पटना के शिक्षा जगत में हो रहे इस दमनकारी टकराव की तुलना अब इतिहास के खौफनाक पन्नों से होने लगी है। आलोचकों का सीधा आरोप है कि जिस प्रकार कभी खिलजी ने बिहार की महान ज्ञान-भूमि नालंदा को बेरहमी से लूटा और वहां की बौद्धिक संपदा को नष्ट कर दिया था, ठीक उसी तरह खान सर भी शिक्षा के माध्यम से बिहार को लूटना चाहते हैं। उन्हें शिक्षा जगत में "खिलजी का नया वेरिएंट" तक कहा जा रहा है।

​एक सोची-समझी रणनीति के तहत दूसरे संस्थानों को रास्ते से हटाकर पूरे राज्य की शिक्षा व्यवस्था पर पूरी तरह नियंत्रण पाने का यह खेल बिहार के गरीब और मेधावी छात्रों के भविष्य को अंधकार में धकेल रहा है।

​उठते गंभीर सवाल:

​इस पूरे घटनाक्रम ने बिहार की कानून व्यवस्था और शिक्षा जगत पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं:

​जब खान सर और उनका स्टाफ खुद को पीड़ित बताता है, तो पुलिस के नोटिस के बावजूद वे पूछताछ से क्यों भाग रहे हैं और क्यों छिप रहे हैं?
​कन्हैया सिंह द्वारा दर्ज कराई गई प्राथमिकी और उसके बाद प्रिंस यादव की नेपाल में हुई संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के तार आपस में कैसे जुड़े हैं?
​क्या पटना का कोचिंग हब अब छात्रों के भविष्य निर्माण के बजाय केवल व्यापारिक लूटपाट और आपराधिक साजिशों का अखाड़ा बनकर रह जाएगा?

​निष्कर्ष: पुलिस प्रशासन मामले की गहराई से जांच कर रहा है। बहरहाल, खान सर और उनके स्टाफ के पुलिस के सामने न आने से संदेह की सुई लगातार उनकी ओर घूम रही है, और पटना की जनता अब इस पूरे विवाद के पीछे का असली सच जानना चाहती है।
Shailendra Kumar
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