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कोचिंग संचालक की मौत का जिम्मेदार कौन? झूठी गवाही और साजिश के आरोपों में घिरे फैजल खान पर FIR की मांग।



कोचिंग संचालक की मौत का जिम्मेदार कौन? झूठी गवाही और साजिश के आरोपों में घिरे फैजल खान पर FIR की मांग।

​पटना / ब्यूरो रिपोर्ट/N5 
​शिक्षा जगत से लेकर कानून-व्यवस्था को झकझोर देने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। 

ज्ञान बिंदु कोचिंग संस्थान के डायरेक्टर रौशन आनंद को एक कथित झूठी गवाही के आधार पर पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए जाने और उसके बाद सदमे व मानसिक तनाव के कारण उनके भाई व कोचिंग संचालक प्रिंस की असामयिक मृत्यु ने पूरे मामले को एक नया मोड़ दे दिया है। 

अब इस पूरे प्रकरण में मुख्य आरोपी फैजल खान पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं और उसे कानूनन अपराधी घोषित कर FIR दर्ज करने की मांग तेज हो गई है।

​प्राप्त जानकारी के अनुसार, पिछले दिनों क्षेत्र में हुई एक गोलीबारी की घटना के बाद #KGS संचालक खान नामक व्यक्ति ने पुलिस के सामने बयान दिया कि इस गोलीबारी के पीछे ज्ञान बिंदु कोचिंग के डायरेक्टर रौशन आनंद का हाथ था। 

फैजल खान #KGS की इस गवाही को आधार बनाकर #BiharPolice  ने त्वरित कार्रवाई की और महज 4 घंटे के भीतर रौशन आनंद को गिरफ्तार कर लिया।

​इस अचानक हुई गिरफ्तारी और समाज में बदनामी के सदमे को रौशन आनंद के भाई और कोचिंग के सह-संचालक प्रिंस #RipPrince  बर्दाश्त नहीं कर सके। 

झूठे आरोपों और पुलिसिया कार्रवाई के कारण उत्पन्न अत्यधिक मानसिक तनाव (डिप्रेशन) की वजह से प्रिंस #RipPrince की तबीयत अचानक बिगड़ी और उनकी मृत्यु हो गई। 

वीडियो फुटेज से हुआ सच का खुलासा: फैजल खान #KGS  ही निकला साजिशकर्ता?

​रौशन आनंद की गिरफ्तारी और प्रिंस की मौत के बाद मामले में एक चौंकाने वाला मोड़ तब आया, जब घटना से जुड़ा एक वीडियो फुटेज सामने आया।
वीडियो में यह साफ तौर पर देखा गया कि गोलीबारी किसी और ने नहीं, बल्कि खुद फैजल खान ने करवाई थी। 

​फुटेज से स्पष्ट हुआ कि फैजल खान के निजी गार्ड ने ही मौके पर गोलीबारी की थी, जिसे झूठा रूप देकर रौशन आनंद को फंसाने की साजिश रची गई।

​इस खुलासे के बाद अब पीड़ित शिक्षक रौशन आनंद न्याय की गुहार लेकर पुलिस थाने पहुंचे हैं और फैजल खान के खिलाफ धोखाधड़ी, झूठी गवाही, साजिश रचने और भाई की मौत का जिम्मेदार होने के तहत FIR दर्ज कराने की मांग कर रहे हैं।

कानूनी और नैतिक दृष्टिकोण: क्या फैजल खान #KGS  अपराधी है और #FIR दर्ज होनी चाहिए?

​इस पूरे घटनाक्रम के बाद दो मुख्य सवाल उठते हैं, जिनका जवाब कानून और न्याय व्यवस्था के दायरे में बेहद स्पष्ट है:

​1. कानूनी तौर पर किसी को भी 'अपराधी' घोषित करने का अंतिम अधिकार माननीय न्यायालय के पास है। लेकिन वर्तमान में सामने आए साक्ष्यों (#वीडियोफुटेज) और तथ्यों के आधार पर फैजल खान की भूमिका पूरी तरह से एक गंभीर संज्ञेय अपराधी (#CognizableOffender) जैसी है।

​उसने जांच एजेंसियों को गुमराह करने के लिए झूठी गवाही दी।
​निर्दोष व्यक्ति को फंसाने के लिए साजिश (#CriminalConspiracy) रची।
​अवैध रूप से गोलीबारी की घटना को अंजाम दिलवाया।
इन सभी कृत्यों के कारण फैजल खान पर आपराधिक मामला दर्ज होना पूरी तरह से न्यायसंगत है।

​2. क्या फैजल खान पर #FIR दर्ज होनी चाहिए? हाँ, फैजल खान पर तुरंत #FIR दर्ज होनी चाहिए। भारतीय न्याय संहिता (#BNS) / #IPC के तहत निम्नलिखित धाराओं के आधार पर मुकदमा दर्ज होना अनिवार्य है क्योंकि फैजल खान ने ....👇

​झूठे साक्ष्य/गवाही देना: किसी निर्दोष को फंसाने के लिए पुलिस को झूठी सूचना देना कानूनन अपराध है।
​आपराधिक साजिश: रौशन आनंद के करियर और प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने की नीयत से साजिश रचना।
​गंभीर मानसिक प्रताड़ना व मौत का कारण बनना: फैजल के झूठे कृत्य के कारण ही एक निर्दोष व्यक्ति (प्रंस) की जान गई, जिसके लिए उसे जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए।

​निष्कर्ष: यदि वीडियो साक्ष्य से यह प्रमाणित हो चुका है कि गोलीबारी फैजल खान की तरफ से हुई थी, तो पुलिस प्रशासन को बिना किसी देरी के रौशन आनंद की शिकायत पर #FIR दर्ज करनी चाहिए। न्याय का तकाजा यही कहता है कि निर्दोष को न्याय मिले और साजिशकर्ता को सलाखों के पीछे भेजा जाए, ताकि समाज में कानून का डर बना रहे।
Shailendra Kumar
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