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तिब्बत में ग्लेशियर फटने (GLOF) से नेपाल में भारी बाढ़, बिहार हाई अलर्ट मोड में, मुख्यमंत्री ने की तैयारी।

तिब्बत में ग्लेशियर फटने (GLOF) से नेपाल में भारी बाढ़, बिहार हाई अलर्ट मोड में, मुख्यमंत्री ने की तैयारी।

Patna,Bihar,N5: 

पड़ोसी देश में तबाही के बाद गंडक सहित अन्य सीमावर्ती नदियों के जलस्तर में अचानक वृद्धि की संभावना को देखते हुए बिहार सरकार ने पूरे राज्य में हाई अलर्ट घोषित कर दिया है। सरकार ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। बचाव दल को अलर्ट रहने के लिए कहा गया है। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी स्वयं पूरी स्थिति पर नजर रख रहे हैं।

इसके प्राकृतिक व वैज्ञानिक कारण क्या है ?

नेपाल के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों और तिब्बत सीमा से लगे इलाकों में भारी बारिश और ग्लेशियर फटने (GLOF) के बाद आई भीषण बाढ़ के कारण बिहार में खतरा बढ़ गया है। पर्यावरण वैज्ञानिकों ने बताया है कि तिब्बत क्षेत्र में ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड (GLOF)  हुए हैं । इसके कारण नेपाल में बाढ़ आ गया है। फिर, बिहार के गंडक नदी के जलस्तर में भारी वृद्धि हो गई। इसका असर बिहार के सभी उन भागों में पङेगा जो नेपाल से निकलने वाली नदियों के जद में आते हैं।

नेपाल से सटे जिला का हाल क्या है?

गोपालगंज जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। स्थिति की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी समीर सौरभ ने अधिकारियों के साथ आपात बैठक की और सारण बांध का ग्राउंड ज़ीरो पर जाकर निरीक्षण किया। उन्होंने तटबंधों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए संबंधित अधिकारियों और अभियंताओं को बांधों पर 24 घंटे मुस्तैद रहने का कड़ा निर्देश दिया है।

नवगछिया अंतर्गत राघोपुर में नाव कैसे पलट गई?

वहीं बिहार के भागलपुर जिले के नवगछिया अंतर्गत राघोपुर इलाके में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है, जहाँ तेज जलप्रवाह की चपेट में आने से जल संसाधन विभाग की एक नौका अनियंत्रित होकर पलट गई। इस नौका पर जल संसाधन विभाग के कुल 21 मजदूर सवार थे। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और रेस्क्यू टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए राहत व बचाव कार्य शुरू किया। SDRF की टीम ने तत्परता से त्वरित कार्रवाई करते हुए 19 मजदूरों को नदी की तेज धारा से सफलतापूर्वक सुरक्षित बाहर निकाल लिया है। वहीं, 2 मजदूरों के अभी भी लापता होने की पुष्टि जिला प्रशासन (DM) द्वारा की गई है।


बिहार सरकार द्वारा उठाए गए प्रमुख कदम और मुख्य बिंदु:

मुख्य सचिव और DGP के नेतृत्व में अधिकारियों का दल जलस्तर, डिस्चार्ज और सीमावर्ती गतिविधियों पर 24 घंटे नजर रख रहा है। पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर, वैशाली, सीतामढ़ी और शिवहर जिलों को विशेष रूप से अलर्ट पर रखा गया है। सभी बांधों और तटबंधों की मजबूती जांचने और रात में विशेष 'नाइट पेट्रोलिंग' करने का निर्देश दिया गया है ताकि किसी भी कटाव को समय रहते रोका जा सके। आपात स्थिति से निपटने के लिए NDRF और SDRF की टीमों को संवेदनशील इलाकों में तैनात और स्टैंडबाय पर रखा गया है।

बिहार मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का बयान।

वहीं स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रेस से मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि प्रदेश में संभावित बाढ़ को देखते हुए सरकार पूरी तरह मुस्तैद है। स्थिति पर निरंतर नजर बनाए रखने के लिए एक विशेष उच्चस्तरीय टीम का गठन किया गया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक (DGP) खुद पूरे हालात की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। स्थिति को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी केंद्र की ओर से हर संभव सहायता का आश्वासन मिला है।

 (रिपोर्ट- शैलेन्द्र कुमार, न्यूज डेस्क N5)


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