एक डिलीवरी मैन के लिए एक शब्द, आम शब्द होता है, जब वह अपने रणभूमि में होते हैं- सर / मैडम । डिलीवरी का काम सरल स्वभाव वाला काम नहीं है, कुछ लोग सामान लेने से अचानक सीधे-सीधे मना कर देते हैं। कहते हैः गलती से हो गया, नहीं लेना है, आदी बहाना लगा कर सामान नहीं लेते। उन्हें ऐसा लगता है, हम समझते नहीं। हम सब समझते हैं। लेकिन, उससे क्या फ़ायद होगा! इसलिए, मौन रहना ही बेहत्तर लगता है और फ़िर वहाँ से चल देते हैं। ऐसी घटनाएं अनेकों बार तथा अक्सर एक डिलीवरी मैन के साथ होते रहते हैं। इसका परिणाम शरीर पर सीधे-सीधे पङता है। शरीर पर बोझ बढ़ जाता है, अनावश्यक बोझ बढ़ता चला जाता है। उस रिजेक्ट सामान को लेकर तब-तक चलते रहने पङते हैं, जब-तक और डिलीवरी न कर दें। इतना हीं नहीं, अन्य जिसे दूसरें ग्राहक को उनके सामान डिलीवर करने होतें है, उनके आईटम के साथ मिक्स मैच होता रहता है कि समस्या बाल की तरह बढ़ते चले जाते हैं। वो दृश्य देखने लायक होता है। वो रिजेक्ट सामान, उन ग्राहक के पास और उस समय निकल जाता है जब किसी दूसरे ग्राहक को उनके सामान देने के लिये निकालते हैँ। ग्राहक बङा प्यार से बोलते हैं- “ ये...