पटना में प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस का लाठीचार्ज: घायलों से मिले तेजस्वी यादव, अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही के आरोप।।
पटना में प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस का लाठीचार्ज: घायलों से
मिले तेजस्वी यादव, अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही के आरोप।।
पटना, बिहार, N5: डॉक्टर लोग कहते हैं कि मारपीट करके आये हो। इलाज नहीं कर रहे हैं सर। करीब चार घंटा तक सर से खून बहता रहा ये लोग इलाज नहीं किया। महिला डॉक्टर घृणा करके बात करती है। चार से पाँच पुलिस वालों ने घेर कर सर पर वार किया। चार से पांच टांके लगे हैं। डंडा से मारा है– अस्पताल में घायल आंदोलनकारी।”
राजधानी पटना में लोकतांत्रिक प्रदर्शन के दौरान छात्रों और युवाओं
पर पुलिस द्वारा बर्बर लाठीचार्ज का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। राष्ट्रीय जनता
दल (RJD) के नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री
तेजस्वी यादव ने अस्पताल पहुंचकर लाठीचार्ज में घायल हुए आंदोलनकारियों और छात्रों
से मुलाकात की और उनका हाल जाना।
अस्पताल में घायलों की आपबीती और बदहाली
अस्पताल में भर्ती घायल प्रदर्शनकारियों ने तेजस्वी यादव के सामने अपनी आपबीती सुनाते हुए अस्पताल प्रशासन और डॉक्टरों की संवेदनहीनता पर गंभीर सवाल उठाए।
घंटे भर बहता रहा खून: एक घायल छात्र ने बताया कि सिर में चोट लगने
के बाद लगभग चार घंटे तक उसके सिर से लगातार खून बहता रहा, लेकिन लंबे समय तक किसी भी डॉक्टर ने उसका इलाज
शुरू नहीं किया।
इलाज से इनकार और घृणास्पद व्यवहार: घायलों का आरोप है कि डॉक्टर यह कहकर इलाज करने में आनाकानी कर रहे हैं कि "मारपीट करके आए हो।" इसके अलावा, अस्पताल की एक महिला डॉक्टर पर घृणास्पद व्यवहार करने और अभद्रता से बात करने का भी आरोप लगाया गया है।
पुलिस की बर्बरता: पीड़ितों के अनुसार, 4 से 5 पुलिसकर्मियों ने उन्हें चारों तरफ से घेरकर डंडों से सिर पर
सीधे वार किए। इस हमले में छात्रों को सिर में 4 से 5 टांके आए हैं।
तेजस्वी यादव का सरकार पर तीखा हमला
अस्पताल में घायलों से मिलने के बाद तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया पर
सरकार और पुलिस प्रशासन को आड़े हाथों लिया।
इमरजेंसी में इलाज न मिलने पर घेरा: तेजस्वी यादव ने कहा कि पटना में
लोकतांत्रिक प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस ने बर्बर लाठीचार्ज किया। अस्पताल
की इमरजेंसी में भर्ती होने के बावजूद घायलों का घंटों तक इलाज नहीं किया गया।
भविष्य रौंदने का आरोप: उन्होंने कहा कि देश की सबसे अधिक युवा आबादी
वाले बिहार में छात्रों और युवाओं का भविष्य रौंदा जा रहा है। अपने हक-अधिकार के
लिए आवाज उठाने वाले प्रदर्शनकारियों पर लाठियां और गोलियां बरसाई जा रही हैं।
माफी की मांग: तेजस्वी यादव ने इस पुलिस कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए 'एक्सीडेंटल सीएम' सम्राट चौधरी से छात्रों से तुरंत माफी मांगने की मांग की है।
इस घटना के बाद से राज्य में पुलिसिया कार्रवाई और स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्थाओं को लेकर प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है। बता दूँ एक आंदोलनकारी के सर पर चौदह टांके लगे हैं। इससे अनुमान लगाया जा सकता है कि पुलिस ने इस आंदोलन में कितनी बर्बरता की है। ये लोग हक की लङाई लङ रहे हैं। जो इन्हे लोकतंत्र अधिकार दिया है। इस तरह से आंदोलनकारियों के साथ खून-खराब करना लोकतंत्र को चुनौति देता है।
(रिपोर्ट- शैलेन्द्र कुमार N5)

