Skip to main content

मोतिहारी में नवजात शिशु की खरीद-बिक्री के मामले का भंडाफोड़: पुलिस ने 5 आरोपियों को दबोचा, 1.5 लाख नकद बरामद।।

मोतिहारी में नवजात शिशु की खरीद-बिक्री के मामले का भंडाफोड़: पुलिस ने 5 आरोपियों को दबोचा, 1.5 लाख नकद बरामद।।

पूर्वी चंपारण, बिहार,N5: 

माँ की गोद की गर्माहट और नवजात की पहली किलकारी किसी भी परिवार के लिए जीवन की सबसे बड़ी खुशी होती है। लेकिन जब यही मासूम किलकारियाँ पैसों की लालच में बिकने लगें, तो इंसानियत सन्न रह जाती है। बिहार के पूर्वी चंपारण (मोतिहारी) जिले से सामने आई एक घटना ने समाज के इसी डरावने और संवेदनशील पहलू को उजागर किया है, जहाँ एक नवजात शिशु का सौदा चंद रुपयों की खातिर किया जा रहा था।

बिहार के पूर्वी चंपारण (मोतिहारी) जिले के नगर थाना क्षेत्र में नवजात शिशु की खरीद-बिक्री से जुड़ा एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है, जिसमें पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। गुप्त सूचना के आधार पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने इस अवैध कारोबार में लिप्त गिरोह के कई सदस्यों को रंगे हाथों धर दबोचा है।

अस्पताल चौक का सन्नाटा और पुलिस की दबिश

मोतिहारी का नगर थाना क्षेत्र स्थित अस्पताल चौक, जो आमतौर पर मरीजों और तीमारदारों की भागदौड़ से भरा रहता है, 23 अगस्त 2026 को एक घिनौने अपराध का गवाह बनने वाला था। गुप्त सूचना के आधार पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में गठित विशेष पुलिस टीम ने समय रहते मोर्चेबंदी कर ली। और जिसके बाद हुआ उस सच से बिहार के तमात जनता अवगत हो गई है।

त्वरित कार्रवाई और छापेमारी

दिनांक 23.08.26 को पुलिस को सूचना मिली थी कि नगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत नवजात बच्चे के सौदेबाजी का प्रयास किया जा रहा है। सूचना मिलते ही अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया। गठित टीम ने बिना किसी देरी के रणनीति बनाकर त्वरित कार्रवाई की और मोतिहारी के अस्पताल चौक के समीप छापेमारी कर इस अवैध खरीद-बिक्री में शामिल आरोपियों को घेरकर उसे पकड़ लिया।

गिरफ्तारी और नकदी की बरामदगी

मोतिहारी का नगर थाना क्षेत्र स्थित अस्पताल चौक के पास की गई इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मौके से नवजात शिशु की खरीद-बिक्री में संलिप्त कुल 5 लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में 04 महिलाएं और 01 पुरुष शामिल हैं। इसके अलावा, पुलिस ने नवजात शिशु के माता-पिता के पास से 1,50,000/- (एक लाख पचास हजार) रुपये की नकद राशि भी बरामद की है।

मुख्य विवरण एक नजर में

  • घटना स्थल: अस्पताल चौक, नगर थाना क्षेत्र, पूर्वी चंपारण (मोतिहारी)

  • कार्रवाई की तिथि: 23.08.26

  • कार्रवाईकर्ता: अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी द्वारा गठित पुलिस टीम

  • गिरफ्तार आरोपी: कुल 05 (04 महिलाएं एवं 01 पुरुष)

  • बरामदगी: 1,50,000/- रुपये नकद (माता-पिता के पास से)

कानूनी प्रक्रिया और आगे की जांच

शिशुओं की अवैध खरीद-बिक्री समाज और कानून दोनों के दृष्टिकोण से एक संगीन अपराध है। अस्पताल चौक जैसे क्षेत्र से इस प्रकार के नेटवर्क का पकड़ा जाना पुलिस की तत्परता और सतर्कता को दर्शाता है।

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने गिरफ्तार सभी 04 महिलाओं एवं 01 पुरुष के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की विधिक प्रक्रिया शुरू कर दी है। बरामद नकद राशि 1,50,000/- रुपये को साक्ष्य के रूप में जब्त किया गया है। पुलिस प्रशासन इस बात की भी जांच कर रहा है कि क्या यह गिरोह पहले भी ऐसे मामलों में शामिल रहा है या इसके पीछे कोई बड़ा मानव तस्करी नेटवर्क काम कर रहा है।

N5: यदि इस जाँच के मामले में पुलिस को इससे अधिक सुराग मिलती है तो ये मामला बहुत बङा रूप ले सकता है। बिहार पुलिस को बङी कामयाबी हाथ लगी है, क्योंकि सभी के सभी रंगे हाथ पकङे गए है। बङा रैकेट का खुलासा हो सकता है, ऐसा लोगों का अनुमान है। लेकिन, समस्या यहीं खङा हो जायेगी कि गिरफ्तार लोग पुलिस के समाने कितना सच उगल पाते है। पुलिस के द्वार बनाये गये दबाव के बाद भी ये लोग मुँह नहीं खोलते हैं तो फिर मामला यहीं तक सिमट कर रह जायेगा। 

इससे जुङे आगे की ख़बर का इंतजार रहेगा और जैसे ही इससे संबंधित कुछ बङा अपडेट आते हैं हम आपको उस सूचना से अवगत जरूर करायेंगे।

 (रिपोर्ट- न्यूज डेस्क N5)

Popular Posts

एक सेल्स मैन का काम कर रहें हैं तो आपको इस एक बात का ख्याल अवश्य रखना चाहिए।

एक सेल्स मैन को ये काम अवश्य करनी चाहिए, यदि आप एक सेल्स मैन का काम कर रहें हैं तो आपको इस एक बात  का ख्याल अवश्य रखना चाहिए। एक सेल्स मैन को ये काम अवश्य करनी चाहिए। यदि आप एक सेल्स मैन का काम कर रहें हैं तो आपको इन बातों का ख्याल अवश्य रखना चाहिए। हम कोई भी काम करते हैं उसकी योजना अवश्य तैयार करते हैं। एक छोटा सा छोटा काम के लिए भी हम योजना बनाते हैं। हलांकि छोटे कामों के लिए बनाये गए योजना हमारा दिमाग को पता नहीं चलता। हमारे दिमाग को इसके लिए परेशान होने की जरूरत नहीं पड़ती है। इसपर कभी आपने सोचा है कि आख़िर ऐसा क्यों होता है ? इसकी वजह को हमे जानने का प्रयास अवश्य करनी चाहिए। ऐसे तो इसके अनेकों वजह हो सकते हैं और इसके मनोवैज्ञानिक कारण भी कई हो सकते हैं, लेकिन हमे इन भारी वजहों को छोड़कर एक सरल वजह की तलाश करने की जरूरत है। मेरे अनुसार सरल स्वभाव से इसका एक वजह यह भी हो सकता है कि हमारा दिमाग इन छोटे-छोटे कामों को पहले कई बार कर चुका होता है। यूं कहें इस काम को मेरा दिमाग पूर्ण रूप से अभ्यस्त हो गया होता है। इसलिए हमारा दिमाग को इस छोटा काम को पूरा करने में किसी प्रकार की परेश...

एक कप चाय, मिट्टी वाली में - चाय को पीने में जो मजा है, वो मजा सात समन्दर पार जाकर भी नहीं वो कैसे !

एक कप चाय से याद आया कि मिट्टी के बर्तन वाली चाय को पीने में जो मजा है, वो मजा सात समन्दर पार जाकर एक प्रेमी को अपने प्रेमिका या एक प्रेमिका को अपने प्रेमी से मिलने में भी नहीं होगा! लेकिन वो मजा इस चाय पीने में आपको मिलेगा।  आप महिला हों या पुरुष यदि आप अपने जीवन में, प्रेम में प्रवाहित होने के आनंद से वंचित रह गाएं हैं तो हमारी मानिये एक बार इस चाय के प्रेम में बह जाइये, डूब जाइये और इसके गर्माहट में गोते लगा लीजिये! इसके मंद-मंद सुगंध में अपने नाक के दोनों सुराग को झोंक दीजिये। लेकिन एक बात का ख्याल रखियेगा,   इस चाय को पीने में कभी जल्दीबाजी नहीं कीजियेगा। नहीं तो, आपका जीभ आपसे नाराज हो जायेगा। बेमतलब के आप बेचारा स्वभाव से कोमल जीभ को रुखा कर दीजियेगा। यदि आपको विश्वास नहीं होता, तो एक बार मिट्टी वाला चुक्का में परोसी गई चाय को अपने होंठ से लगाकर और चाय को जीभ पर गिराकर तो देखिये! जैसे हीं, यह चाय आपके जीभ को स्पर्श करेगी वैसे हीं आप स्वयं इसके स्वाद से परिचित हो जाएंगें। हमारी मानिये तो आज हीं आप नुक्कड़ वाली एक कप चाय का मज़ा ले लीजिये। भारत आधुनीकता की ओर कदम बढ़ा च...

राहुल गांधी ने 'एल्फिंस्टन' (Elphinstone) फाइल का जिक्र करते हुए पीएम नरेंद्र मोदी को घेरा। सदन में भारी हंगामा।।

राहुल गांधी ने 'एल्फिंस्टन' (Elphinstone) फाइल का जिक्र करते हुए पीएम नरेंद्र मोदी को घेरा। सदन में भारी हंगामा।। राहुल गांधी ने संसद में जिस 'एल्फिंस्टन' (Elphinstone) फाइल या संदर्भ का जिक्र किया, वह सीधा हमला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सरकार की कार्यशैली पर था। गांधी ने सदन में एक पुरानी फाइल या रिपोर्ट का हवाला देते हुए यह तर्क देने की कोशिश की कि सरकार कुछ खास उद्योगपतियों (अडानी-अंबानी) को फायदा पहुँचाने के लिए नियमों में बदलाव करती है। उन्होंने 'एल्फिंस्टन' नाम का जिक्र उन ऐतिहासिक नियमों या व्यवस्थाओं के संदर्भ में किया जो मुंबई के बंदरगाहों या रेलवे के बुनियादी ढांचे से जुड़ी थीं। राहुल गांधी ने पीएम मोदी को घेरते हुए निम्नलिखित बातें कहीं: ​नियमों में बदलाव: उनका आरोप था कि सरकार ने पुराने नियमों (जिनका उन्होंने एल्फिंस्टन संदर्भ से जोड़ा) को दरकिनार कर दिया ताकि एयरपोर्ट्स और पोर्ट्स का नियंत्रण कुछ विशेष व्यापारिक समूहों को दिया जा सके। ​अडाणी समूह का जिक्र: उन्होंने दावा किया कि पहले नियम था कि जिसे एयरपोर्ट संचालन का अनुभव नहीं है, उसे टेंडर नहीं म...

OPINION

View All

POLITICS

View All

BIHAR

View All

CRIME

View All