पश्चिम बंगाल में सियासी भूचाल: TMC में भारी टूट, कई दिग्गजों की छुट्टी, अलग गुट बनाने की सुगबुगाहट।।
कोलकाता/N5:
पश्चिम बंगाल की राजनीति से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) में एक बहुत बड़ी सांगठनिक टूट हो गई है।
राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, आम आदमी पार्टी (AAP) में हुई बड़ी टूट के बाद इसे देश की दूसरी सबसे बड़ी राजनीतिक टूट के रूप में देखा जा रहा है।
पार्टी के भीतर इस अप्रत्याशित बगावत और बिखराव के पीछे दो मुख्य कारण बताए जा रहे हैं:
TMC की हालिया बड़ी हार: चुनाव परिणामों के बाद पार्टी के भीतर असंतोष चरम पर था।
नेताओं में असुरक्षा की भावना: पार्टी के कई वरिष्ठ नेता अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर असुरक्षित महसूस कर रहे थे।
राजनीतिक विश्लेषकों का एक वर्ग इस पूरे घटनाक्रम को देश की पुरानी राजनीतिक परिपाटी से जोड़कर देख रहा है।
विरोधी दलों को तोड़ना, नेताओं को जेल भेजना और उनकी छवि खराब करने की शुरुआत व्यापक स्तर पर पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के दौर में हुई थी, और आरोप है कि इसी राह पर मौजूदा दौर के नेता भी कदम बढ़ा रहे हैं।
ममता बनर्जी के आवास पर आपात बैठक, कल्याण बनर्जी का बड़ा बयान:
इस बड़े संकट के बीच आज TMC प्रमुख ममता बनर्जी के आवास पर एक महत्वपूर्ण वर्किंग कमेटी (कार्यकारिणी) की बैठक बुलाई गई। बैठक के बाद बाहर आए पार्टी सांसद कल्याण बनर्जी ने मीडिया से बात करते हुए पार्टी के भीतर मचे इस घमासान की आधिकारिक पुष्टि की।
कल्याण बनर्जी ने सांगठनिक फेरबदल और इस्तीफों की जानकारी देते हुए कहा:
"यह वर्किंग कमेटी की एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक थी। सुखेंदु शेखर रॉय और सुष्मिता देव ने अपने सभी पदों से इस्तीफ़ा दे दिया है, जिसके कारण दो अहम पद खाली हो गए हैं।"
बागी गुट पर गिरी गाज, कई बड़े नेताओं की छुट्टी:
सांसद कल्याण बनर्जी ने साफ किया कि बगावत करने वाले नेताओं पर पार्टी ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने बताया;
सुदीप बंद्योपाध्याय और माला रॉय की छुट्टी: सुदीप बंद्योपाध्याय, माला रॉय और उनके साथ एक अन्य व्यक्ति, जिन्होंने दूसरी तरफ जाकर अपना एक अलग गुट बना लिया है, उन्हें तत्काल प्रभाव से वर्किंग कमेटी से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है।
नए चेहरों की एंट्री: बागी नेताओं को हटाने के बाद सौगत रॉय और ज्योतिप्रिय मल्लिक को वर्किंग कमेटी में शामिल किया गया है।
कोलकाता उत्तर में बदलाव: सुदीप बंद्योपाध्याय की जगह अब कुणाल घोष को कोलकाता उत्तर का नया अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
सायनी घोष पर कार्रवाई: सायनी घोष को भी तृणमूल युवा कांग्रेस के अध्यक्ष पद से हटा दिया गया है।
निष्कर्ष: TMC में हुई इस ऐतिहासिक टूट और इतने बड़े पैमाने पर सांगठनिक फेरबदल के बाद अब पश्चिम बंगाल की राजनीति किस करवट बैठेगी, इस पर पूरे देश की नजरें टिकी हुई हैं।