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लाल किला झूठ बोलने का स्थान नहीं, 2027 के यूपी चुनाव से ही लागू हो महिला आरक्षण: अखिलेश यादव।।



"लाल किला झूठ बोलने का स्थान नहीं, 2027 के यूपी चुनाव से ही लागू हो महिला आरक्षण: अखिलेश यादव।।"

नई दिल्ली/लखनऊ/N5:

15 अगस्त के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लाल किले से दिए गए संबोधन में महिला आरक्षण विधेयक (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) का उल्लेख किए जाने पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने तीखा हमला बोला है। अखिलेश यादव ने कहा कि लाल किला देश का गौरवशाली प्रतीक है और वहां से देश की जनता से झूठ नहीं बोला जाना चाहिए।

​सपा प्रमुख ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि कौन नहीं जानता कि महिला आरक्षण विधेयक संसद में पहले ही पास हो चुका है। ऐसे में इस मुद्दे पर बार-बार दावे करने के बजाय इसे धरातल पर उतारने की तुरंत आवश्यकता है।

समाचार के मुख्य बिंदु:

  • 2027 चुनाव से लागू करने की चुनौती: अखिलेश यादव ने कहा कि यदि सरकार महिलाओं के अधिकार और भागीदारी के प्रति वाकई गंभीर है, तो इसे 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से ही लागू कर दिया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि विपक्ष और उनकी पार्टी इस कानून को तुरंत लागू करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
  • लाल किले की गरिमा पर बयान: सपा अध्यक्ष ने कहा, "लाल किले से झूठ नहीं बोलना चाहिए, वह झूठ बोलने का स्थान नहीं है।" उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार आरक्षण के नाम पर सिर्फ बयानबाजी कर रही है।
  • पीडीए और जातिगत जनगणना की मांग: अखिलेश यादव ने पूर्व में भी अपनी बात दोहराते हुए कहा कि महिला आरक्षण में पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक (PDA) वर्ग की महिलाओं को अलग से आरक्षण (कोटे के अंदर कोटा) मिलना चाहिए और इसे जनगणना व परिसीमन के नाम पर अनिश्चितकाल के लिए नहीं अटकाया जाना चाहिए।

​समाजवादी पार्टी के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर अखिलेश यादव के इस बयान का वीडियो साझा करते हुए इसे सरकार की नीयत पर बड़ा सवाल करार दिया गया है। अखिलेश यादव के इस रुख के बाद 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले महिला आरक्षण के मुद्दे पर सियासी बहस तेज हो गई है।

      (रिपोर्ट- राजनीतिक न्यूज डेस्क N5)


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