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गर्दनीबाग में छात्रों की हुंकार: रौशन आनंद सर ने खोली BPSC की पोल, BSSC कैलेंडर की उठाई मांग!

गर्दनीबाग में छात्रों की हुंकार: रौशन आनंद सर ने खोली BPSC की पोल, BSSC कैलेंडर की उठाई मांग!

पटना, बिहार,N5: गर्दनीबाग में BPSC TRE-4 के अभ्यर्थियों का प्रदर्शन अब एक निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग कर रहे इन छात्रों को तब बड़ा बल मिला, जब ज्ञान बिंदु के निदेशक रौशन आनंद सर धरना स्थल पर पहुंचे और सिस्टम की कार्यप्रणाली पर सीधे और तीखे सवाल दागे।

रौशन आनंद सर ने परीक्षा आयोजित करने वाली संस्थाओं की कार्यप्रणाली पर तीखे सवाल किए। उन्होंने स्पष्ट रूप से पूछा कि यदि BPSC का अपना परीक्षा कैलेंडर जारी हो सकता है, तो BSSC का कैलेंडर क्यों नहीं है?

रौशन सर ने सरकार से BSSC कैलेंडर की मांग

धरना स्थल पर छात्रों की मांगों का समर्थन करते हुए रौशन आनंद सर ने परीक्षा आयोजित करने वाली संस्थाओं की कार्यप्रणाली पर तीखे सवाल किए हैं। उन्होंने स्पष्ट रूप से सरकार से पूछा है कि यदि BPSC का अपना परीक्षा कैलेंडर जारी हो सकता है, तो BSSC का परीक्षा कैलेंडर जारी क्यों नहीं हो सकता है?। उन्होंने बिहार सरकार से आग्रह किया कि वह जल्द से जल्द छात्रों की इन मांगों को स्वीकार करे और पूरी प्रक्रिया में निष्पक्षता दिखाए।

70वीं BPSC परीक्षा की पारदर्शिता पर लगे गंभीर आरोप

बिहार सरकार के सिस्टम में मौजूद खामियों को उजागर करते हुए, रौशन सर ने 70वीं BPSC परीक्षा से जुड़े एक चौंकाने वाला दावा किया है। उन्होंने मंच से सरकार पर सीधा-सीधा निशाना साधते हुए सवाल उठाया कि एक ऐसा उम्मीदवार जिसने परीक्षा में अपनी कॉपी तक नहीं भरी थी, वह टॉप 5 की सूची में कैसे जगह बना सकता है?। रौशन सर के इस सवाल ने वहां मौजूद छात्रों के बीच व्यवस्था को लेकर चल रहे अविश्वास को और गहरा और मजबूत कर दिया है।

रौशन सर ने की एकजुट और शांतिपूर्ण रहने की अपील

छात्रों के आक्रोश और उनकी जायज मांगों को समझते हुए, रौशन आनंद सर ने उन्हें अपने अधिकारों के लिए सामूहिक रूप से लड़ने के लिए प्रेरित किया। और इसके साथ-साथ उन्होंने प्रदर्शनकारियों से विशेष अपील भी की है। आंदोलन कर रहे परीक्षार्थियों से अपील करते हुए रौशन सर ने कहा कि आप अपने आंदोलन को आगे बढ़ाते समय शांतिपूर्ण, संगठित और पूरी तरह से एकजुट रहें।

बिहार के इस आंदोलन से संबंधित वर्तमान स्थिति

गर्दनीबाग छात्र आंदोलन की वर्तमान स्थितियह आंदोलन एक न्याय सत्याग्रह के रूप में शुरू हुआ है, जहां बड़ी संख्या में छात्र अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं। अभ्यर्थियों का मुख्य आरोप है कि BPSC, BSSC और CSBC जैसे विभिन्न भर्ती आयोगों की परीक्षाओं में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हो रही हैं। छात्रों के सब्र का बांध अब टूट रहा है और स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है, खासकर जब महाधरने के दौरान कुछ छात्र नेताओं की तबीयत बिगड़ने की खबरें आईं।

प्रदर्शनकारियों की प्रमुख 13-सूत्रीय मांगे: छात्रों ने अपनी मांगों का एक 13-सूत्रीय प्रस्ताव रखा है, जिनमें प्रमुख हैं।

TRE-4 नोटिफिकेशन: BPSC TRE-4 का विज्ञापन एकल परीक्षा प्रणाली के साथ जल्द से जल्द जारी किया जाए।

BSSC कैलेंडर व पारदर्शिता: लंबित परीक्षाओं की तिथि घोषित हो और BSSC अपना स्पष्ट कैलेंडर जारी करे।

70वीं BPSC विवाद: 70वीं BPSC परीक्षा में कथित गड़बड़ियों (जैसे रैंक-3 की मेन्स कॉपी में अनियमितता) की निष्पक्ष जांच हो और परीक्षा रद्द की जाए।

पारदर्शिता तंत्र: परीक्षा के बाद OMR शीट की कार्बन कॉपी दी जाए और रिजल्ट के समय कटऑफ व अंक सार्वजनिक किए जाएं।

आंदोलन का अगला कदम व अल्टीमेटम

छात्रों ने सरकार को अल्टीमेटम दिया है कि यदि जल्द ही TRE-4 का विज्ञापन और अन्य मांगें पूरी नहीं हुईं, तो वे आमरण अनशन शुरू कर देंगे। अगर बातचीत से समाधान नहीं निकला, तो छात्रों ने 'बिहार बंद' और मुख्यमंत्री आवास के घेराव की कड़ी चेतावनी भी दी है।

N5: पटना के ज्ञान बिंदु कोचिंग के निदेशक रौशन आनंद ने छात्रों के विभिन्न गुटों को एकजुट होकर लड़ने की सलाह दी है, ताकि सरकार तक एक मजबूत संदेश पहुंचे। उन्होंने खुले मंच से आयोगों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा है कि उनके पास "आयोग का काला चिट्ठा" है और अगर मांगें नहीं मानी गईं तो वे बड़ा घेराव करेंगे।

 (रिपोर्ट- शैलेन्द्र कुमार N5)

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