सरकार देगी क्रिएटर्स को भारी इनाम-अब सोशल मीडिया की दुकान एक बार फिर से रफ्तार पकङेगी, युवाओं को मिलेगा रोजगार।।
सरकार देगी क्रिएटर्स को भारी इनाम-अब सोशल मीडिया की दुकान एक बार फिर से रफ्तार पकङेगी, युवाओं को मिलेगा रोजगार।।
पटना|बिहार |N5:
बिहार सरकार ने युवाओ के लिए बङा सौगात लेकर आई है। ये उन युवाओ के लिए वरदान साबित होगा जो सोशल नेटवर्किंग साइट पर रील बनाकर डालते हैं। अब इन युवाओ के लिए बिहार सरकार ने कमर कस ली है। ऐसे युवाओ को पैसा के लिए सोशल मीडिया की ओर देखने की जरूरत नहीं रही। सरकार देगी ऐसे युवाओ को को पैसा। इससे भारी संख्या में युवाओ को रोजगार मिलेंगे।
बिहार कैबिनेट ने राज्य की 'सोशल मीडिया और अन्य ऑनलाइन मीडिया नियमावली' में संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। बिहार सरकार अधिकारी रिपोर्ट के अनुसार, इस नए संशोधन के तहत सोशल मीडिया.... जैसे प्लेटफॉर्म्स पर सक्रिय डिजिटल क्रिएटर्स को बिहार सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं और कार्यक्रमों पर वीडियो या रील्स बनाने पर सीधे व्यूज के आधार पर आर्थिक प्रोत्साहन दिया जाएगा। यूं कहें भारी मेहनतना मिलेंगे।
बिहार सरकार की इस योजना के मुख्य बिंदु इस प्रकार से हैं।
व्यूज पर प्रोत्साहन: वीडियो जारी होने के 30 दिनों के परफॉरमेंस के आधार पर प्रति 1 लाख व्यूज पर ₹10,000 का अतिरिक्त भुगतान किया जाएगा।
अधिकतम सीमा: सरकार अधिकारी के मुताबिक, एक वीडियो या रील के लिए अधिकतम भुगतान राशि ₹1 लाख तय की गई है।
एम्पैनलमेंट अनिवार्य: अधिकारी रिपोर्ट के अनुसार, इस भुगतान योजना का लाभ उठाने के लिए कंटेंट क्रिएटर्स को बिहार सरकार के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग (IPRD) में सूचीबद्ध (Empanelled) होना अनिवार्य होगा।
व्यूज और फॉलोअर्स का सत्यापन: सरकार पंजीकृत चैनलों और पेजों के फॉलोअर्स व व्यूज की समय-समय पर निष्पक्ष जांच और सत्यापन करेगी।
डिजिटल मीडिया से रोजगार के बढ़ेंग नए अवसर।।
इस नीति का मुख्य उद्देश्य सरकार की महत्वपूर्ण योजनाओं को राज्य के हर नागरिक तक आसानी से पहुंचाना और स्थानीय युवाओं को डिजिटल क्षेत्र में रोजगार व आय के बेहतर साधन उपलब्ध कराना है। एम्पैनलमेंट और आवेदन से जुड़ी विस्तृत प्रक्रिया के लिए सूचना एवं जनसंपर्क विभाग जल्द ही एक अलग अधिसूचना जारी करेगा।
सरकार के इस घोषणा से और किसको-किसको होगा फायदा।
सोशल मीडिया क्रिएटर्स को सरकार के इस योजना से फायदा हो या न हो, इन लोगों को रोजगार मिले या न मिले, लेकिन सोशल साइट्स को बङे स्तर पर लाभ होने के चांस में कई गुणा इजाफ़ हो गया है। सोशल मीडिया क्रिएटर्स के आर्थिक तंगी ने वीडियो बनाने को छोड़कर दूसरे काम ढूंढने पङ रह थे। इन सोशल मीडिया के क्रिएटर्स दिनों-दिन घट रहे थे उनमें सुधार होंगे। सोशल मीडिया की दुकान भारत में एक बार फिर से रफ्तार पकङेगी। और युवाओं को भारी संख्या में रोजगार मिलेगा।
(रिपोर्ट-शैलेन्द्र कुमार N5)
