साहिल लोचव (जो जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन के दौरान पैलेट गन की गोलियां से घायल हैं) का दर्ज हुआ मामला: नेताप्रतिपक्ष ने लगाई गुहार।।
साहिल लोचव (जो जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन के दौरान पैलेट गन की गोलियां से घायल हैं) का दर्ज हुआ मामला: नेताप्रतिपक्ष ने लगाई गुहार।।
नई दिल्ली|भारत |N5:
साहिल के शरीर में सैंकडों पैलेट गन की गोलियां धंसे है। ये गोलियां NEET प्रोटेस्ट के दरम्यान साहिल को लगी। गोलियां किसके के आदेश पर चलाये गए इसका जवाब अभी जनता को नहीं मिले हैं, नेताप्रतिपक्ष राहुल गांधी सरकार से लगातार सवाल कर रहे हैं। पैलेट गन की गोलियों से छलनी हुए साहिल इसको लेकर कानूनी लड़ाई लङना चाहते है, जिसके लिए पहले FIR दर्ज कराने को लेकर थाने गए और साथ में नेताप्रतिपक्ष राहुल गांधी गए तब FIR दर्ज की गई।
इसपर साहिल ने पहला बयान में मीडिया को बोले, "खुशी तो है लेकिन दुख भी है कि लीडर ऑफ अपोजिशन के यहां होने के बाद भी 8 घंटे का लंबा समय लग गए FIR होने में। जबकि मैं खुद गवाह हूं । मेरे शरीर में 200 से ज्यादा छर्रे घुसे हैं फिर भी 8 घंटे में मेरी FIR लिखी गई और ये भी ना होता अगर LOP राहुल गांधी मेरा साथ न देते।"
न्याय का पहला कदम- केस दर्ज किया गया।
"साहिल के शरीर और आंख में छर्रे हैं। इनके दिल के पास भी छर्रे लगे हैं, एक आंख से दिखाई नहीं दे रहा है। हम सुबह 11:30 बजे FIR करवाने आए थे, लेकिन करीब 06:45 बजे FIR दर्ज की गई है। सोचने वाली बात है कि जब दिल्ली के बीच मौजूद पुलिस स्टेशन पर न्याय मिलने में इतना समय लग रहा है, तो गांव और छोटे शहरों के पुलिस स्टेशन में क्या होता होगा। हमने हिंदुस्तान के एक नागरिक और उसके परिवार के लिए न्याय मांगा और उसमें भी करीब साढ़े सात घंटे लग गए। जब होम सेक्रेटरी और अमित शाह ने फाइनल परमिशन दी, तब जाकर पुलिस ने FIR दर्ज की। ऐसे में आप समझ सकते हैं कि FIR रोक कौन रहा था। पुलिस FIR करना चाहती थी, लेकिन 'ऊपर' से न्याय पर ब्रेक लगा दी गई थी।"
- राहुल गांधी नेताप्रतिपक्ष। ।
जब नेता राहुल गांधी संसद मार्ग पुलिस स्टेशन में DCP ऑफिस पहुंचे थे।
"14 तारीख को साहिल लोचव (जो जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन के दौरान घायल हो गए थे) अपने वकीलों के साथ दिल्ली पुलिस के पास गए और लिखित शिकायत दी। उन्होंने I/O नंबर देने से इनकार कर दिया। 17 तारीख को ईमेल और फोन के ज़रिए फिर से कोशिश की गई। फिर भी कोई I/O नंबर नहीं दिया गया। कोई स्वीकृति भी नहीं दी गई। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पीड़ित के साथ मिलकर इस बात पर ज़ोर दिया लेकिन DCP फिर भी केस ऑफिसर और I/O नंबर नहीं दे रहे हैं। चूंकि यह एक संज्ञेय अपराध है, इसलिए FIR भी दर्ज होनी चाहिए, लेकिन दिल्ली पुलिस ऐसा नहीं कर रही है।" - कांग्रेस ने उस समय ये पोस्ट करके जानकारी शेयर की थी।।
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा।
नेताप्रतिपक्ष राहुल गांधी के इस प्रयास को लेकर देश के कोने-कोने से संदेश मिल रहे हैं। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा, "...राहुल गांधी वो ही कर रहे हैं जो देश की जनता उनसे उम्मीद करती है। विपक्ष के नेता का काम है- सरकार से जवाब लेना। विपक्ष के नेता का काम है- सरकार को जवाबदेह बनाना और राहुल गांधी यही कर रहे हैं। मैं चाहूंगा कि वे ऐसे ही काम करते रहें..."
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने राहुल गांधी के धरने पर कहा।
कलबुर्गी(कर्नाटक) के जनसभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने राहुल गांधी के धरने पर कहा, "सरकार FIR दर्ज़ नहीं कर रही। पीड़ित लड़के के शरीर में छर्रे हैं। सरकार ने कहा था कि जिन लोगों ने गलती की है उनके खिलाफ कार्रवाई करेंगे। लेकिन अभी तक किसी के खिलाफ FIR दर्ज़ नहीं की है। इसलिए राहुल गांधी और प्रियंका गांधी शांतिपूर्ण धरना दे रहे हैं। जिस व्यक्ति को पैलेट गन से मारा है वो व्यक्ति भी वही पर है।"
पैलेट गन से घायल हुए साहिल लोचव की वकील का बयान।
पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन में, पैलेट गन से घायल हुए साहिल लोचव की वकील ने कहा, "14 अगस्त को हम कनॉट प्लेस पुलिस स्टेशन गए थे। उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर से जुड़े सभी मामले पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन भेज दिए गए हैं। हम यहां आए। उन्होंने हमें बताया कि घटना कनॉट प्लेस इलाके में हुई है, इसलिए हमें वहीं जाना चाहिए। हम वापस उनके पास गए। जैसे ही उन्होंने शिकायत पढ़ी, उन्होंने उसे हमें वापस कर दिया और हमें काफी देर तक वहीं बिठाए रखा। SHO ने मुझसे फ़ोन पर बात की और कहा कि वे यह केस नहीं लेंगे क्योंकि उन्हें ऊपर से आदेश मिले हैं... आखिर में, हमने DCP क्राइम ब्रांच से संपर्क किया और हमें बताया गया कि शिकायतें सीधे वहां नहीं पहुंचतीं... नेता प्रतिपक्ष के यहां आने के बाद, शिकायत पर सिर्फ़ मुहर लगाई गई। लेकिन, अभी भी FIR दर्ज नहीं की जा रही है। यह साफ़ तौर पर एक अपराध है। हमारे पास लेडी हार्डिंग अस्पताल की MLC कॉपी है जिसमें घाव और उनसे खून बहने का ज़िक्र है..."
( रिपोर्ट- शैलेन्द्र कुमार N5)
