Skip to main content

"चीनी की कीमतों में बढ़ोतरी पर मंत्री श्रवण कुमार का विवादास्पद बयान, विपक्ष ने घेरा स्मृति इरानी आईं याद।"



"चीनी की कीमतों में बढ़ोतरी पर मंत्री श्रवण कुमार का विवादास्पद बयान, विपक्ष ने घेरा स्मृति इरानी आईं याद।"

पटना|बिहार |N5: 
चीनी 60 रुपए प्रति किलोग्राम होने पर जदयू व एनडीए नेता श्रावण कुमार ने कहा कि चीनी के दाम से किसी को फर्क नहीं पङने वाला, क्यों- आजकल लोग डायबीटीज से पीङित हैं इसलिए चीनी खाते हीं नहीं।
वहीं जब बीजेपी सत्ता में नहीं थी, तब बीजेपी नेता स्मृति इरानी लोगो को 13 रुपए प्रति किलोग्राम चीनी देने का वादा की थी। अब चीनी का दाम 60 रुपए प्रति किलोग्राम हो गया है। 

खुले बाजार में चीनी की कीमतें ₹60 से ₹65 प्रति किलोग्राम तक पहुंचने के सवाल पर मंत्री ने कहा कि चीनी के दाम बढ़ने से लोगों को खास फर्क नहीं पड़ेगा, क्योंकि आजकल अधिकांश लोग डायबिटीज (मधुमेह) से पीड़ित हैं और चीनी खाने से परहेज कर रहे हैं। चीनी की कीमतों में बढ़ोतरी पर मंत्री श्रवण कुमार के इस  विवादास्पद बयान पर विपक्ष ने घेरा। बिहार सरकार में मंत्री और जेडीयू नेता श्रवण कुमार के एक बयान ने राजनीतिक गलियारों में विवाद खड़ा कर दिया है।

बयान पर बढ़ा सियासी घमासान हो गई तेज जनता भी मैदान में।।
​मंत्री श्रवण कुमार की इस टिप्पणी के सामने आते ही विपक्षी दलों और आम जनता ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।
विपक्ष का हमला: विपक्षी नेताओं ने मंत्री के बयान को असंवेदनशील बताते हुए कहा कि महंगाई को नियंत्रित करने के बजाय सरकार तर्कहीन बयानबाजी कर रही है।
पुराने दावों पर सवाल: सोशल मीडिया पर विपक्षी समर्थकों ने भाजपा नेता स्मृति ईरानी के उस पुराने चुनावी दावे का जिक्र किया, जिसमें ₹13 प्रति किलो चीनी उपलब्ध कराने की बात कही गई थी। उपयोगकर्ताओं का कहना है कि ₹13 का दावा करने वाली सरकार में आज चीनी ₹60 के पार पहुंच गई है।
आम जनता का बजट प्रभावित: आम परिवारों और गृहिणियों का कहना है कि दैनिक खान-पान और रसोई के बजट पर बढ़ती कीमतों का सीधा असर पड़ रहा है।

कालाबाजारी और जमाखोरी पर प्रशासन की नजर।
​विवाद के बीच राज्य प्रशासन ने चीनी की बढ़ती कीमतों, जमाखोरी और कालाबाजारी को रोकने के लिए सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। कई क्षेत्रों में गोदामों और स्टॉक की जांच की जा रही है ताकि बाजार में कृत्रिम किल्लत पैदा न हो सके।
ग्रामीण क्षेत्र के बहुत सारे लोग जो लो बीपी के मरीज हैं, वे लोग चीनी-नमक का घोल बनाकर सेवन करते हैं। इससे इनका बीपी सामान्य हो जाता है। ये लोग ऐसे हीं जिंदा हैं, इनका क्या होगा। क्या ये लोग 60 रुपए प्रति किलोग्राम चीनी खरीदेंगे? क्या इनके लिए ये समस्या नहीं बना है? 
 (रिपोर्ट-शैलेन्द्र कुमार N5)


Popular Posts

एक सेल्स मैन का काम कर रहें हैं तो आपको इस एक बात का ख्याल अवश्य रखना चाहिए।

एक सेल्स मैन को ये काम अवश्य करनी चाहिए, यदि आप एक सेल्स मैन का काम कर रहें हैं तो आपको इस एक बात  का ख्याल अवश्य रखना चाहिए। एक सेल्स मैन को ये काम अवश्य करनी चाहिए। यदि आप एक सेल्स मैन का काम कर रहें हैं तो आपको इन बातों का ख्याल अवश्य रखना चाहिए। हम कोई भी काम करते हैं उसकी योजना अवश्य तैयार करते हैं। एक छोटा सा छोटा काम के लिए भी हम योजना बनाते हैं। हलांकि छोटे कामों के लिए बनाये गए योजना हमारा दिमाग को पता नहीं चलता। हमारे दिमाग को इसके लिए परेशान होने की जरूरत नहीं पड़ती है। इसपर कभी आपने सोचा है कि आख़िर ऐसा क्यों होता है ? इसकी वजह को हमे जानने का प्रयास अवश्य करनी चाहिए। ऐसे तो इसके अनेकों वजह हो सकते हैं और इसके मनोवैज्ञानिक कारण भी कई हो सकते हैं, लेकिन हमे इन भारी वजहों को छोड़कर एक सरल वजह की तलाश करने की जरूरत है। मेरे अनुसार सरल स्वभाव से इसका एक वजह यह भी हो सकता है कि हमारा दिमाग इन छोटे-छोटे कामों को पहले कई बार कर चुका होता है। यूं कहें इस काम को मेरा दिमाग पूर्ण रूप से अभ्यस्त हो गया होता है। इसलिए हमारा दिमाग को इस छोटा काम को पूरा करने में किसी प्रकार की परेश...

एक कप चाय, मिट्टी वाली में - चाय को पीने में जो मजा है, वो मजा सात समन्दर पार जाकर भी नहीं वो कैसे !

एक कप चाय से याद आया कि मिट्टी के बर्तन वाली चाय को पीने में जो मजा है, वो मजा सात समन्दर पार जाकर एक प्रेमी को अपने प्रेमिका या एक प्रेमिका को अपने प्रेमी से मिलने में भी नहीं होगा! लेकिन वो मजा इस चाय पीने में आपको मिलेगा।  आप महिला हों या पुरुष यदि आप अपने जीवन में, प्रेम में प्रवाहित होने के आनंद से वंचित रह गाएं हैं तो हमारी मानिये एक बार इस चाय के प्रेम में बह जाइये, डूब जाइये और इसके गर्माहट में गोते लगा लीजिये! इसके मंद-मंद सुगंध में अपने नाक के दोनों सुराग को झोंक दीजिये। लेकिन एक बात का ख्याल रखियेगा,   इस चाय को पीने में कभी जल्दीबाजी नहीं कीजियेगा। नहीं तो, आपका जीभ आपसे नाराज हो जायेगा। बेमतलब के आप बेचारा स्वभाव से कोमल जीभ को रुखा कर दीजियेगा। यदि आपको विश्वास नहीं होता, तो एक बार मिट्टी वाला चुक्का में परोसी गई चाय को अपने होंठ से लगाकर और चाय को जीभ पर गिराकर तो देखिये! जैसे हीं, यह चाय आपके जीभ को स्पर्श करेगी वैसे हीं आप स्वयं इसके स्वाद से परिचित हो जाएंगें। हमारी मानिये तो आज हीं आप नुक्कड़ वाली एक कप चाय का मज़ा ले लीजिये। भारत आधुनीकता की ओर कदम बढ़ा च...

राहुल गांधी ने 'एल्फिंस्टन' (Elphinstone) फाइल का जिक्र करते हुए पीएम नरेंद्र मोदी को घेरा। सदन में भारी हंगामा।।

राहुल गांधी ने 'एल्फिंस्टन' (Elphinstone) फाइल का जिक्र करते हुए पीएम नरेंद्र मोदी को घेरा। सदन में भारी हंगामा।। राहुल गांधी ने संसद में जिस 'एल्फिंस्टन' (Elphinstone) फाइल या संदर्भ का जिक्र किया, वह सीधा हमला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सरकार की कार्यशैली पर था। गांधी ने सदन में एक पुरानी फाइल या रिपोर्ट का हवाला देते हुए यह तर्क देने की कोशिश की कि सरकार कुछ खास उद्योगपतियों (अडानी-अंबानी) को फायदा पहुँचाने के लिए नियमों में बदलाव करती है। उन्होंने 'एल्फिंस्टन' नाम का जिक्र उन ऐतिहासिक नियमों या व्यवस्थाओं के संदर्भ में किया जो मुंबई के बंदरगाहों या रेलवे के बुनियादी ढांचे से जुड़ी थीं। राहुल गांधी ने पीएम मोदी को घेरते हुए निम्नलिखित बातें कहीं: ​नियमों में बदलाव: उनका आरोप था कि सरकार ने पुराने नियमों (जिनका उन्होंने एल्फिंस्टन संदर्भ से जोड़ा) को दरकिनार कर दिया ताकि एयरपोर्ट्स और पोर्ट्स का नियंत्रण कुछ विशेष व्यापारिक समूहों को दिया जा सके। ​अडाणी समूह का जिक्र: उन्होंने दावा किया कि पहले नियम था कि जिसे एयरपोर्ट संचालन का अनुभव नहीं है, उसे टेंडर नहीं म...

Politics

View All

Opinion

View All

Bihar

View All