बिहार पुलिस ने किया डिजिटल अरेस्ट का बड़ा पर्दाफाश! 1.43 करोड़ की ठगी में कुमार आर्यन गिरफ्तार।।
पटना|बिहार |N5:
कैमरे के सामने फर्जी पुलिसवाला बनकर मासूमों को डराने और रातों-रात 1.43 करोड़ रुपये का डाका डालने वाले शातिर नटवरलाल कुमार आर्यन का खेल आखिरकार बिहार पुलिस ने बिगाड़ दिया बीच रास्ते में दबोच लिया है!
बिहटा पुलिस और दानापुर के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO-02) अमरेन्द्र कुमार झा की टीम ने ऐसा धांसू चक्रव्यूह रचा कि डिजिटल अरेस्ट का यह 'हाईटेक ठग' सीधे सलाखों के पीछे जा पहुँच चुका है।
78 लाख हजम, 27 लाख पर पुलिस का ताला!
17 अगस्त को NCRP पोर्टल पर जब 1.43 करोड़ रुपये की सनसनीखेज साइबर ठगी की घंटी बजी, तो पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। मामले की परतें खुलीं तो पता चला कि इस शातिर गिरोह ने पीड़ित को 'डिजिटल अरेस्ट' का खौफ दिखाकर चूना लगा रहा था।
पुलिस के हाथ पाँव फूलने लगे थे, लेकिन मिला सुराग की जिसमें पहले ही आरोपी 78 लाख रुपये खातों से निकालकर चंपत कर चुका था! हालांकि, दानापुर पुलिस ने फुर्ती दिखाते हुए फौरन 27 लाख रुपये बैंक खातों में ही फ्रीज (सीज) करा दिए, जिससे एक बड़ी रकम डूबने से बच गई।
बरामदगी और केस के मुख्य अपडेट्स इस प्रकार से हैं:
ब्लैंक करंट चेकबुक जब्त। गिरफ्तारी के दौरान कुमार आर्यन के पास से Blank Current Cheque Book बरामद हुई है। आशंका है कि इन ब्लैंक चेक के जरिए करोड़ों के काले धन को इधर-उधर खपाने का बड़ा नेटवर्क चल रहा था।
डिजिटल हथियार। ठगी के इस खेल को अंजाम देने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला मोबाइल और अलग-अलग कंपनियों के कई सिम कार्ड जब्त किए गए हैं।
पैसों का हिसाब। कुल 1.43 करोड़ की ठगी में से 78 लाख रुपये निकाले जा चुके हैं, 27 लाख रुपये फ्रीज कर दिए गए हैं और बाकी रकम की ट्रैकिंग जारी है।
शिकंजा कड़ा। फर्जी सिम और फर्जी बैंक खातों का इस्तेमाल करने वाले इस गिरोह के बाकी नेटवर्क को खंगालने में पुलिस जुटी हुई है।
N5: डिजिटल दुनिया में लोगों को अरेस्ट करने का नाटक रचने वाले कुमार आर्यन को शायद अंदाजा नहीं था कि जब असली बिहार पुलिस का डंडा चलेगा, तो सारा 'स्मार्टनेस' हवा हो जाएगा। पुलिस अब इस ब्लैंक चेकबुक के जरिए यह पता लगा रही है कि इस गिरोह ने और कितने लोगों की गाढ़ी कमाई पर डाका डाला है!
(रिपोर्ट- न्यूज डेस्क N5)
