महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा उलटफेर: अजित पवार के निधन के बाद पत्नी सुनेत्रा पवार बनीं डिप्टी सीएम, भाजपा का बड़ा दांव।
महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा उलटफेर: अजित पवार के निधन के बाद पत्नी सुनेत्रा पवार बनीं डिप्टी सीएम, भाजपा का बड़ा दांव।
मुंबई: महाराष्ट्र की राजनीति से इस वक्त की सबसे बड़ी और दुखद खबर सामने आ रही है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के दिग्गज नेता और राज्य के पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार का एक दुखद विमान हादसे (Plane Crash) में आकस्मिक निधन हो गया है। इस घटना ने न केवल महाराष्ट्र बल्कि पूरे देश के राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर दौड़ दी है।
इस भीषण त्रासदी के बीच, राज्य की महायुति सरकार ने एक बड़ा प्रशासनिक और राजनीतिक निर्णय लिया है। अजित पवार की विरासत को आगे बढ़ाने और राजनीतिक स्थिरता बनाए रखने के लिए उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार को महाराष्ट्र का नया उपमुख्यमंत्री नियुक्त किया गया है।
भीषण विमान हादसा: अजित पवार का दुखद अंत
प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, अजित पवार एक आधिकारिक दौरे पर थे जब उनका निजी विमान तकनीकी खराबी के कारण दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में किसी के बचने की उम्मीद नहीं थी और बचाव दल ने उनके निधन की पुष्टि की। अजित पवार को उनकी बेबाकी और कुशल प्रशासन के लिए जाना जाता था, और उनका जाना महाराष्ट्र की राजनीति के लिए एक अपूरणीय क्षति है।
सुनेत्रा पवार को मिली बड़ी जिम्मेदारी
अजित पवार के निधन से खाली हुए पद को भरने और आगामी राजनीतिक चुनौतियों को देखते हुए, भाजपा और गठबंधन सहयोगियों ने सुनेत्रा पवार के नाम पर मुहर लगाई।
शपथ ग्रहण: राजभवन में आयोजित एक सादे समारोह में सुनेत्रा पवार ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली।
भाजपा की रणनीति: जानकारों का मानना है कि भाजपा ने सुनेत्रा पवार को आगे कर पवार परिवार के समर्थकों और सहानुभूति लहर को साधने की कोशिश की है।
नया नेतृत्व: सुनेत्रा पवार, जो अब तक पर्दे के पीछे से सामाजिक कार्यों में सक्रिय थीं, अब सीधे तौर पर सरकार की कमान संभालेंगी।
महाराष्ट्र की राजनीति पर प्रभाव
अजित पवार के जाने के बाद एनसीपी (अजित गुट) के अस्तित्व पर सवाल खड़े हो रहे थे, लेकिन सुनेत्रा पवार की नियुक्ति ने कैडर को एक नया संदेश दिया है। हालांकि, विपक्षी खेमा इस बदलाव को करीब से देख रहा है।
सहानुभूति की लहर: राज्य में इस वक्त भारी संवेदनाएं हैं, जिसका सीधा लाभ महायुति सरकार को मिल सकता है।
चुनौतियां: क्या सुनेत्रा पवार, अजित दादा की तरह प्रशासन पर अपनी पकड़ बना पाएंगी? यह आने वाले समय में सबसे बड़ा सवाल होगा।
निष्कर्ष
महाराष्ट्र ने एक कद्दावर नेता खोया है, लेकिन राजनीति का पहिया कभी नहीं रुकता। सुनेत्रा पवार का उपमुख्यमंत्री बनना एक नए युग की शुरुआत है। देखना होगा कि वह अपने पति के अधूरे सपनों और राज्य की उम्मीदों पर कितनी खरी उतरती हैं।
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