भारत ने पाकिस्तान को 61 रनों से हराकर एक शानदार जीत दर्ज कर सुपर-8 (Super 8) चरण के लिए अपनी जगह पक्की की।
भारत ने पाकिस्तान को 61 रनों से हराकर एक शानदार जीत दर्ज कर सुपर-8 (Super 8) चरण के लिए अपनी जगह पक्की की।
15 फरवरी 2026 को कोलंबो के आर. प्रेमदासा स्टेडियम में खेले गए इस रोमांचक मुकाबले में भारत ने पाकिस्तान को 61 रनों से हराकर एक शानदार जीत दर्ज की है।
मैच का सारांश (IND vs PAK, T20 World Cup 2026) टॉस: पाकिस्तान ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया।
भारत का स्कोर: भारत ने 20 ओवरों में 175/7 रन बनाए।
पाकिस्तान का स्कोर: लक्ष्य का पीछा करते हुए पाकिस्तान की पूरी टीम 18 ओवर में मात्र 114 रन पर सिमट गई।
नतीजा: भारत 61 रनों से जीता।
मुख्य प्रदर्शन (Key Highlights)
ईशान किशन (Player of the Match): उन्होंने जबरदस्त बल्लेबाजी करते हुए मात्र 40 गेंदों में 77 रन बनाए।
भारतीय गेंदबाजी: जसप्रीत बुमराह (2/17), अक्षर पटेल (2/19), और हार्दिक पांड्या जैसे गेंदबाजों ने मिलकर पाकिस्तान के बल्लेबाजों को टिकने नहीं दिया।
रिकॉर्ड जीत: टी-20 इंटरनेशनल में रनों के लिहाज से पाकिस्तान के खिलाफ यह भारत की सबसे बड़ी जीत है।
महत्वपूर्ण जानकारी: इस जीत के साथ ही टीम इंडिया ने सुपर-8 (Super 8) चरण के लिए अपनी जगह पक्की कर ली है। वर्ल्ड कप इतिहास में पाकिस्तान के खिलाफ अब भारत का रिकॉर्ड 8-1 का हो गया है।
सूर्यकुमार यादव की कप्तानी ने कल साबित कर दिया कि वो न केवल मैदान के चारों ओर शॉट मारना जानते हैं, बल्कि शतरंज की बिसात बिछाने में भी माहिर हैं।
पाकिस्तान की टीम पूरी तरह से "ब्लैंक" नज़र आई। सूर्या ने जिस तरह से फील्डिंग सेट की और गेंदबाजों को रोटेट किया, उसने पाकिस्तान के बल्लेबाजों को कभी सेटल होने ही नहीं दिया।
सूर्या की कप्तानी के कुछ 'मास्टरस्ट्रोक':
चौंकाने वाला गेंदबाजी बदलाव: जब बाबर आज़म और रिज़वान क्रीज़ पर थे, तब सूर्या ने अक्षर पटेल को पावरप्ले में लाकर पाकिस्तान की रणनीति फेल कर दी।
आक्रामक फील्डिंग: अमूमन टी-20 में कप्तान डिफेंसिव होते हैं, लेकिन सूर्या ने स्लिप और शॉर्ट लेग लगाकर दबाव बनाए रखा।
निडर फैसले: सूर्या ने खुद बल्लेबाजी करते समय भी जो 'इनोवेटिव' शॉट खेले, उसने पाकिस्तानी कप्तान को फील्ड बदलने पर मजबूर कर दिया, जिससे उनकी पूरी बॉलिंग लाइन-अप बिखर गई।
एक मजेदार बात: कमेंटेटर भी कह रहे थे कि सूर्या मैच को एक कप्तान की तरह नहीं, बल्कि एक 'गेमर' की तरह कंट्रोल कर रहे थे। ऐसा लग रहा था जैसे उन्हें पहले से पता हो कि अगली गेंद पर क्या होने वाला है।
भारतीय बल्लेबाजी का यह "यंग ब्रिगेड" अवतार वाकई देखने लायक था! कल के मैच में भारत की सबसे बड़ी ताकत उसकी बल्लेबाजी की गहराई (Depth) रही। जब सीनियर खिलाड़ी टीम में नहीं होते, तब ईशान, तिलक और रिंकू जैसे खिलाड़ी जिस तरह जिम्मेदारी उठाते हैं, वह भारतीय क्रिकेट के भविष्य के लिए बहुत सुखद है।
यहाँ देखिए इन पांचों बल्लेबाजों ने किस तरह पाकिस्तान के गेंदबाजी आक्रमण की धज्जियाँ उड़ाईं:
भारतीय बल्लेबाजी का 'पावर-पैक' प्रदर्शन
ईशान किशन (77 रन, 40 गेंद): उन्होंने ओपनिंग में आकर जो शुरुआत दी, उसी ने पाकिस्तान को बैकफुट पर धकेल दिया। उनकी पारी में 6 छक्के शामिल थे, जिससे पावरप्ले में ही रन गति 10 के पार पहुँच गई।
सूर्यकुमार यादव (32 रन, 19 गेंद): कप्तानी के साथ-साथ बल्ले से भी उन्होंने 'मिस्टर 360' वाला अंदाज दिखाया। उनके स्कूप शॉट्स ने पाकिस्तानी तेज गेंदबाजों की लाइन-लेंथ बिगाड़ दी।
तिलक वर्मा (24 रन, 18 गेंद): उन्होंने बीच के ओवरों में पारी को स्थिरता दी। जब ईशान आउट हुए, तब तिलक ने समझदारी से स्ट्राइक रोटेट की और दबाव नहीं बनने दिया।
शिवम दुबे (21 रन, 11 गेंद): स्पिनरों के खिलाफ दुबे का खौफ साफ दिख रहा था। उन्होंने शादाब खान के एक ही ओवर में दो लंबे छक्के जड़कर रन रेट को फिर से ऊपर उठा दिया।
रिंकू सिंह (16 रन, 7 गेंद):* अंत में 'द फिनिशर' रिंकू ने अपना काम बखूबी किया। आखिरी ओवर में उनके दो चौकों की बदौलत ही भारत 175 के सम्मानजनक स्कोर तक पहुँच पाया।
कुलदीप यादव ने अपनी 'चाइनामैन' गेंदबाजी से कोलंबो के मैदान पर जो फिरकी का जाल बुना, उसमें पाकिस्तान के बल्लेबाज बुरी तरह फंस गए।
वाकई, जब रिजवान और फखर जमान के बीच एक साझेदारी पनप रही थी और भारतीय खेमे में थोड़ी चिंता दिख रही थी, तब कुलदीप के उस जादुई स्पेल ने मैच का पासा पलट दिया।
कुलदीप यादव का 'गेम-चेंजिंग' स्पेल
बनी-बनाई जोड़ी को तोड़ा: कुलदीप ने अपने पहले ही ओवर में सेट बल्लेबाज को गुगली पर चकमा देकर पवेलियन भेजा, जिसने पाकिस्तान की रन गति पर ब्रेक लगा दिया।
मैच का टर्निंग पॉइंट
पाकिस्तान एक समय 70/2 पर अच्छी स्थिति में दिख रहा था, लेकिन कुलदीप के आने के बाद देखते ही देखते स्कोर 85/6 हो गया। 15 रनों के अंदर 4 विकेट गिरना किसी भी टीम के लिए वापसी करना नामुमकिन बना देता है।
एक दिलचस्प पहलू: कुलदीप की गेंदों को पाकिस्तानी बल्लेबाज 'पिक' ही नहीं कर पा रहे थे। उनकी गेंदें हवा में ड्रिफ्ट हो रही थीं और टप्पा खाने के बाद जिस तेजी से अंदर आ रही थीं, उसने बल्लेबाजों को पूरी तरह लाचार कर दिया।
