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"बिहार किसमें नंबर 1 है?" तेजस्वी यादव के एक सवाल से सदन में मचा हड़कंप, नीतीश सरकार को विकास के आंकड़ों पर घेरा

"बिहार किसमें नंबर 1 है?" तेजस्वी यादव के एक सवाल से सदन में मचा हड़कंप, नीतीश सरकार को विकास के आंकड़ों पर घेरा

पटना: बिहार विधानसभा के बजट सत्र (फरवरी 2026) के दौरान सदन की कार्यवाही एक बार फिर गर्मा गई। विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने नीतीश सरकार के विकास के दावों की धज्जियां उड़ाते हुए सीधा सवाल दाग दिया— "आप लोग कहते हैं कि बिहार विकास कर रहा है, तो बस इतना बता दीजिए कि बिहार किस क्षेत्र में देश में नंबर 1 है?"

तेजस्वी यादव के इस तीखे प्रहार ने सत्ता पक्ष को रक्षात्मक होने पर मजबूर कर दिया। तेजस्वी यहीं नहीं रुके, उन्होंने नीति आयोग की रिपोर्ट और प्रति व्यक्ति आय का हवाला देते हुए राज्य की मौजूदा स्थिति पर सरकार को जमकर आईना दिखाया।

"अगर बिहार अलग देश होता, तो दुनिया का सबसे गरीब देश होता"

सदन को संबोधित करते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार आज भी अपनी बुनियादी समस्याओं से जूझ रहा है। उन्होंने आंकड़े पेश करते हुए कहा:

  • सबसे कम प्रति व्यक्ति आय: बिहार आज भी प्रति व्यक्ति आय के मामले में देश के सबसे निचले पायदान पर है।

  • शिक्षा और स्वास्थ्य: मानव विकास सूचकांक (HDI) में बिहार अन्य राज्यों की तुलना में काफी पीछे है।

  • भ्रष्टाचार और बेरोजगारी: उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में भ्रष्टाचार 'संस्थागत' हो गया है और युवाओं के पास पलायन के अलावा कोई रास्ता नहीं है।

तेजस्वी यादव ने तंज कसते हुए कहा, "महोदय, यह कहा जाता है कि बिहार विकास कर रहा है, लेकिन हकीकत यह है कि जहाँ राज्य 1960-61 में खड़ा था, 2026 में भी उसकी स्थिति वैसी ही है।"

नीतीश कुमार का पलटवार: "भ्रष्टाचार किसने किया, सबको पता है"

तेजस्वी के सवालों पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने तेजस्वी यादव पर पलटवार करते हुए उनके पुराने शासनकाल (लालू-राबड़ी दौर) की याद दिलाई। नीतीश कुमार ने कहा:

"2005 से पहले की स्थिति क्या थी? क्या शाम के बाद कोई घर से बाहर निकलता था? हमने कानून का राज स्थापित किया और बिहार को अंधेरे से बाहर निकाला।"

इतना ही नहीं, मुख्यमंत्री ने तेजस्वी यादव पर हॉर्स ट्रेडिंग (विधायकों की खरीद-फरोख्त) का गंभीर आरोप भी लगाया और पूछा कि विधायकों को लुभाने के लिए पैसे कहाँ से आए।

सदन में दिखा 'धनतंत्र बनाम विकास' का मुद्दा

तेजस्वी यादव ने 2025 के विधानसभा चुनावों का जिक्र करते हुए कहा कि विपक्ष को हराने के लिए 'धनतंत्र' और 'मशीन तंत्र' (EVM) का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने दावा किया कि चुनाव जीतने के लिए करोड़ों रुपये पानी की तरह बहाए गए, लेकिन फिर भी जनता के बुनियादी सवाल जस के तस बने हुए हैं।

Nalanda5 का विश्लेषण: आखिर क्या है हकीकत?

बिहार की राजनीति में 'विकास' हमेशा से एक विवादित मुद्दा रहा है। जहाँ सरकार '7 निश्चय' योजनाओं और बढ़ते इंफ्रास्ट्रक्चर का हवाला देती है, वहीं विपक्ष गरीबी, बेरोजगारी और विशेष राज्य के दर्जे की मांग को लेकर सरकार को घेरता है। तेजस्वी यादव का सवाल कि "बिहार किसमें नंबर 1 है?" सीधा जनता के उन दर्द को कुरेदता है जो पलायन और संसाधनों की कमी से जूझ रहे हैं।

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