Skip to main content

पटना NEET छात्रा कांड: शंभू हॉस्टल मालिक मनीष रंजन पर गहराया शिकंजा ||

पटना NEET छात्रा कांड: शंभू हॉस्टल मालिक मनीष रंजन पर गहराया शिकंजा, जांच में हुए कई चौंकाने वाले खुलासे

पटना: राजधानी पटना में चर्चित नीट (NEET) छात्रा मामले ने एक बार फिर तूल पकड़ लिया है। इस पूरे प्रकरण में शंभू हॉस्टल के मालिक मनीष रंजन की भूमिका अब जांच के केंद्र में है। N5Bharat की विशेष पड़ताल में यह सामने आया है कि पुलिस अब हॉस्टल के रिकॉर्ड्स और मनीष रंजन के संदिग्ध संपर्कों की बारीकी से जांच कर रही है।

क्या है पूरा मामला?

पटना के एक नामी इलाके में स्थित शंभू हॉस्टल उस वक्त सुर्खियों में आया जब वहां रहने वाली एक नीट छात्रा के साथ हुई घटना ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया। शुरुआत में इसे एक साधारण विवाद माना जा रहा था, लेकिन जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, हॉस्टल प्रशासन और उसके मालिक मनीष रंजन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े होने लगे।

मनीष रंजन पर लगे मुख्य आरोप

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, मनीष रंजन पर निम्नलिखित बिंदुओं को लेकर जांच चल रही है:

  1. सुरक्षा में चूक: छात्रा की सुरक्षा सुनिश्चित करने में हॉस्टल प्रबंधन की विफलता।

  2. सबूतों से छेड़छाड़: आरोप है कि घटना के तुरंत बाद हॉस्टल के कुछ सीसीटीवी फुटेज और रजिस्टर के पन्नों के साथ छेड़छाड़ की गई है।

  3. अवैध गतिविधियां: स्थानीय लोगों का दावा है कि हॉस्टल में देर रात तक बाहरी व्यक्तियों का आना-जाना लगा रहता था, जिस पर मालिक की मौन सहमति थी।

पुलिस की कार्रवाई और ताज़ा अपडेट

पटना पुलिस की एक विशेष टीम ने हाल ही में शंभू हॉस्टल में छापेमारी की। मनीष रंजन से घंटों पूछताछ की गई है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या मनीष रंजन के तार किसी बड़े गिरोह या कोचिंग सिंडिकेट से तो नहीं जुड़े हैं।

"हम हर पहलू की जांच कर रहे हैं। हॉस्टल मालिक की भूमिका संदिग्ध पाई गई तो कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।" — जांच अधिकारी (SIT)

छात्रों में दहशत का माहौल

इस घटना के बाद पटना में रहकर पढ़ाई करने वाले छात्र-छात्राओं और उनके अभिभावकों में डर का माहौल है। शंभू हॉस्टल के कई छात्रों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि वहां का अनुशासन केवल कागजों पर था और शिकायत करने पर मनीष रंजन अक्सर छात्रों को ही डराता-धमकाता था।

निष्कर्ष: न्याय की मांग

N5Bharat इस मामले पर लगातार नजर बनाए हुए है। छात्रा के परिवार ने न्याय की गुहार लगाई है और मनीष रंजन की गिरफ्तारी की मांग तेज कर दी है। क्या पुलिस इस मामले के पीछे छिपे बड़े चेहरों को बेनकाब कर पाएगी? यह आने वाला वक्त ही बताएगा।


ब्यूरो रिपोर्ट, N5Bharat News (पटना)

Comments

Popular posts from this blog

एक सेल्स मैन का काम कर रहें हैं तो आपको इस एक बात का ख्याल अवश्य रखना चाहिए।

एक सेल्स मैन को ये काम अवश्य करनी चाहिए, यदि आप एक सेल्स मैन का काम कर रहें हैं तो आपको इस एक बात  का ख्याल अवश्य रखना चाहिए। एक सेल्स मैन को ये काम अवश्य करनी चाहिए। यदि आप एक सेल्स मैन का काम कर रहें हैं तो आपको इन बातों का ख्याल अवश्य रखना चाहिए। हम कोई भी काम करते हैं उसकी योजना अवश्य तैयार करते हैं। एक छोटा सा छोटा काम के लिए भी हम योजना बनाते हैं। हलांकि छोटे कामों के लिए बनाये गए योजना हमारा दिमाग को पता नहीं चलता। हमारे दिमाग को इसके लिए परेशान होने की जरूरत नहीं पड़ती है। इसपर कभी आपने सोचा है कि आख़िर ऐसा क्यों होता है ? इसकी वजह को हमे जानने का प्रयास अवश्य करनी चाहिए। ऐसे तो इसके अनेकों वजह हो सकते हैं और इसके मनोवैज्ञानिक कारण भी कई हो सकते हैं, लेकिन हमे इन भारी वजहों को छोड़कर एक सरल वजह की तलाश करने की जरूरत है। मेरे अनुसार सरल स्वभाव से इसका एक वजह यह भी हो सकता है कि हमारा दिमाग इन छोटे-छोटे कामों को पहले कई बार कर चुका होता है। यूं कहें इस काम को मेरा दिमाग पूर्ण रूप से अभ्यस्त हो गया होता है। इसलिए हमारा दिमाग को इस छोटा काम को पूरा करने में किसी प्रकार की परेश...

एक कप चाय, मिट्टी वाली में - चाय को पीने में जो मजा है, वो मजा सात समन्दर पार जाकर भी नहीं वो कैसे !

एक कप चाय से याद आया कि मिट्टी के बर्तन वाली चाय को पीने में जो मजा है, वो मजा सात समन्दर पार जाकर एक प्रेमी को अपने प्रेमिका या एक प्रेमिका को अपने प्रेमी से मिलने में भी नहीं होगा! लेकिन वो मजा इस चाय पीने में आपको मिलेगा।  आप महिला हों या पुरुष यदि आप अपने जीवन में, प्रेम में प्रवाहित होने के आनंद से वंचित रह गाएं हैं तो हमारी मानिये एक बार इस चाय के प्रेम में बह जाइये, डूब जाइये और इसके गर्माहट में गोते लगा लीजिये! इसके मंद-मंद सुगंध में अपने नाक के दोनों सुराग को झोंक दीजिये। लेकिन एक बात का ख्याल रखियेगा,   इस चाय को पीने में कभी जल्दीबाजी नहीं कीजियेगा। नहीं तो, आपका जीभ आपसे नाराज हो जायेगा। बेमतलब के आप बेचारा स्वभाव से कोमल जीभ को रुखा कर दीजियेगा। यदि आपको विश्वास नहीं होता, तो एक बार मिट्टी वाला चुक्का में परोसी गई चाय को अपने होंठ से लगाकर और चाय को जीभ पर गिराकर तो देखिये! जैसे हीं, यह चाय आपके जीभ को स्पर्श करेगी वैसे हीं आप स्वयं इसके स्वाद से परिचित हो जाएंगें। हमारी मानिये तो आज हीं आप नुक्कड़ वाली एक कप चाय का मज़ा ले लीजिये। भारत आधुनीकता की ओर कदम बढ़ा च...

राहुल गांधी ने 'एल्फिंस्टन' (Elphinstone) फाइल का जिक्र करते हुए पीएम नरेंद्र मोदी को घेरा। सदन में भारी हंगामा।।

राहुल गांधी ने 'एल्फिंस्टन' (Elphinstone) फाइल का जिक्र करते हुए पीएम नरेंद्र मोदी को घेरा। सदन में भारी हंगामा।। राहुल गांधी ने संसद में जिस 'एल्फिंस्टन' (Elphinstone) फाइल या संदर्भ का जिक्र किया, वह सीधा हमला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सरकार की कार्यशैली पर था। गांधी ने सदन में एक पुरानी फाइल या रिपोर्ट का हवाला देते हुए यह तर्क देने की कोशिश की कि सरकार कुछ खास उद्योगपतियों (अडानी-अंबानी) को फायदा पहुँचाने के लिए नियमों में बदलाव करती है। उन्होंने 'एल्फिंस्टन' नाम का जिक्र उन ऐतिहासिक नियमों या व्यवस्थाओं के संदर्भ में किया जो मुंबई के बंदरगाहों या रेलवे के बुनियादी ढांचे से जुड़ी थीं। राहुल गांधी ने पीएम मोदी को घेरते हुए निम्नलिखित बातें कहीं: ​नियमों में बदलाव: उनका आरोप था कि सरकार ने पुराने नियमों (जिनका उन्होंने एल्फिंस्टन संदर्भ से जोड़ा) को दरकिनार कर दिया ताकि एयरपोर्ट्स और पोर्ट्स का नियंत्रण कुछ विशेष व्यापारिक समूहों को दिया जा सके। ​अडाणी समूह का जिक्र: उन्होंने दावा किया कि पहले नियम था कि जिसे एयरपोर्ट संचालन का अनुभव नहीं है, उसे टेंडर नहीं म...