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अमेरिका ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को किया गिरफ्तार; जानें क्या हैं गंभीर आरोप

अमेरिका ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को किया गिरफ्तार; जानें क्या हैं गंभीर आरोप |

न्यूयॉर्क/काराकस: अंतरराष्ट्रीय राजनीति में उस वक्त हड़कंप मच गया जब अमेरिकी विशेष बलों (Special Forces) ने एक गुप्त सैन्य अभियान 'ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व' (Operation Absolute Resolve) के तहत वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोर्स को काराकस से गिरफ्तार कर लिया। मादुरो को अब न्यूयॉर्क की एक जेल में रखा गया है, जहाँ उन पर कानूनी कार्यवाही शुरू हो चुकी है।

गिरफ्तारी का मुख्य कारण: नारको-टेररिज्म (नशीली दवाओं का आतंकवाद)

अमेरिका के न्याय विभाग (Department of Justice) ने मादुरो पर कई दशक पुराने और बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। गिरफ्तारी के मुख्य कारण निम्नलिखित हैं:

  1. नारको-टेररिज्म और ड्रग तस्करी: अमेरिका का आरोप है कि मादुरो 'कार्टेल ऑफ द संस' (Cartel of the Suns) नामक एक ड्रग तस्करी संगठन के प्रमुख हैं। आरोप है कि उन्होंने कोलंबियाई विद्रोही समूह FARC के साथ मिलकर अमेरिका में भारी मात्रा में कोकीन भेजने की साजिश रची।

  2. हथियारों का अवैध उपयोग: उन पर अमेरिका के खिलाफ खतरनाक हथियारों और मशीनी गन रखने तथा उनके इस्तेमाल की साजिश रचने का भी आरोप है।

  3. लोकतंत्र और मानवाधिकारों का हनन: अमेरिका ने 2024 के वेनेजुएला चुनावों को फर्जी करार दिया था और मादुरो को एक 'अवैध तानाशाह' माना था। अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई क्षेत्रीय सुरक्षा और अमेरिकी नागरिकों को ड्रग्स के खतरे से बचाने के लिए आवश्यक थी।

कैसे अंजाम दिया गया 'ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व'?

3 जनवरी 2026 की सुबह लगभग 2:00 बजे अमेरिकी सेना ने काराकस में मादुरो के आवास पर हमला किया। इस दौरान हवाई हमले भी किए गए। आधे घंटे के भीतर मादुरो और उनकी पत्नी को हिरासत में लेकर अमेरिकी युद्धपोत 'यूएसएस इवो जिमा' (USS Iwo Jima) पर ले जाया गया, जहाँ से उन्हें सीधे न्यूयॉर्क पहुँचाया गया।

अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया और विवाद

  • वेनेजुएला: वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज ने इसे 'अपहरण' और अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया है।

  • रूस और चीन: इन देशों ने इस कार्रवाई की कड़ी निंदा की है और इसे किसी देश की संप्रभुता पर हमला बताया है।

  • संयुक्त राष्ट्र (UN): यूएन में इस मुद्दे पर तीखी बहस जारी है कि क्या किसी पद पर बैठे राष्ट्राध्यक्ष को इस तरह गिरफ्तार किया जा सकता है।

भविष्य की स्थिति

न्यूयॉर्क की अदालत में पेशी के दौरान मादुरो ने खुद को निर्दोष बताया है और कहा है कि वे अभी भी वेनेजुएला के वैध राष्ट्रपति हैं। यदि उन पर लगे आरोप सिद्ध होते हैं, तो उन्हें उम्रकैद तक की सजा हो सकती है।

NALANDA5//N5Bharat न्यूज़ डेस्क की विशेष रिपोर्ट।

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