बिहार में कानून-व्यवस्था तार-तार: पटना, पूर्णिया और बक्सर में दरिंदगी।
बिहार में कानून-व्यवस्था तार-तार: पटना, पूर्णिया और बक्सर में दरिंदगी।
पटना/पूर्णिया/बक्सर: बिहार में सुशासन के दावों के बीच महिलाओं के खिलाफ अपराध के ग्राफ ने प्रदेश को हिलाकर रख दिया है। पिछले कुछ दिनों के भीतर पटना, पूर्णिया और बक्सर से आई सामूहिक दुष्कर्म (Gangrape) की घटनाओं ने राज्य की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। राजधानी पटना में एक नीट (NEET) छात्रा के साथ हुई दरिंदगी ने विशेष रूप से लोगों के गुस्से को भड़का दिया है।
1. पटना: नीट छात्रा के साथ हॉस्टल में दरिंदगी
राजधानी पटना के फुलवारीशरीफ इलाके में पढ़ाई करने वाली एक नीट (NEET) छात्रा के साथ हॉस्टल में हीं सामूहिक दुष्कर्म किया है का मामला प्रकाश मे आया है। जानकारी के अनुसार, छात्रा घर से हॉस्टल लौटी तभी उसके साथ इस घिनौनी वारदात को अंजाम दिया गया। हॉस्टल में बहुत कम लोग थे । पुलिस ने इस मामले में कुछ गिरफ्तारियां की हैं, लेकिन राजधानी के मुख्य इलाके में ऐसी घटना होना पुलिस की पोल खोलता है।
2. पूर्णिया: मानवता को शर्मसार करने वाली घटना
पूर्णिया जिले में भी एक युवती के साथ गैंगरेप की दर्दनाक खबर सामने आई है। यहाँ अपराधियों ने न केवल पीड़िता के साथ दुष्कर्म किया बल्कि विरोध करने पर उसे जान से मारने की धमकी भी दी। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है और पुलिस आरोपियों की तलाश में छापेमारी कर रही है।
3. बक्सर: दरिंदों ने सीमा पार की
बक्सर से भी इसी तरह की रूह कँपा देने वाली वारदात रिपोर्ट हुई है। यहाँ के ग्रामीण इलाके में एक 14 बर्ष के नाबालिग का अपहरण करके उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया। पीड़िता की हालत गंभीर बताई जा रही है। विपक्षी दलों ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए राज्य में 'जंगलराज' की वापसी का आरोप लगाया है।
प्रशासन की भूमिका और जनता की मांग
इन तीनों घटनाओं के बाद बिहार पुलिस मुख्यालय ने जिलों के कप्तानों को सख्त निर्देश दिए हैं। हालांकि, आम जनता और महिला संगठनों का कहना है कि सिर्फ कागजी कार्रवाई से काम नहीं चलेगा। सड़कों पर उतरकर लोग अपराधियों के लिए 'स्पीडी ट्रायल' और फांसी की सजा की मांग कर रहे हैं।
N5Bharat की अपील: हम समाज के हर नागरिक से अपील करते हैं कि ऐसी घटनाओं के खिलाफ चुप्पी तोड़ें। यदि आप अपने आस-पास कुछ भी संदिग्ध देखते हैं, तो तुरंत पुलिस को सूचना दें। न्याय की इस लड़ाई में हम पीड़ितों के साथ खड़े हैं।
