इटावा में आकार ले रहा 'मिनी केदारनाथ': अखिलेश यादव का ड्रीम प्रोजेक्ट बना चर्चा का विषय |

इटावा में आकार ले रहा 'मिनी केदारनाथ': अखिलेश यादव का ड्रीम प्रोजेक्ट बना चर्चा का विषय, जानें क्या है खास

इटावा/सैफई: उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव इन दिनों अपने एक भव्य प्रोजेक्ट को लेकर सुर्खियों में हैं। उनके गृह जनपद इटावा के सैफई पार्क के सामने भगवान शिव का एक विशाल मंदिर बन रहा है, जिसे इसकी बनावट और भव्यता के कारण 'मिनी केदारनाथ' कहा जा रहा है।

केदारनाथ धाम की तर्ज पर निर्माण

इस मंदिर का आधिकारिक नाम 'केदारेश्वर महादेव मंदिर' रखा गया है। मंदिर का डिजाइन काफी हद तक उत्तराखंड के केदारनाथ धाम से प्रेरित है। करीब 11 एकड़ से अधिक भूमि पर बन रहे इस मंदिर में सफेद पत्थरों का उपयोग किया जा रहा है, जिन पर बेहद बारीक नक्काशी की गई है। इस मंदिर का निर्माण अखिलेश यादव की अध्यक्षता वाला एक ट्रस्ट करवा रहा है।

लेख की मुख्य विशेषताएं:

  • नेपाल से आई देवशिला: मंदिर में स्थापित करने के लिए नेपाल की गंडकी नदी (पोखरा) से विशेष 'शालिग्राम शिला' लाई गई है। यह वही शिला है जिसका पूजन अखिलेश यादव ने सपरिवार किया था।

  • प्राचीन पद्धति का उपयोग: मंदिर के निर्माण में ईंट, सीमेंट या लोहे का उपयोग न के बराबर किया जा रहा है। इसे प्राचीन भारतीय स्थापत्य शैली में पत्थरों को जोड़कर बनाया जा रहा है, ताकि यह हजारों वर्षों तक सुरक्षित रहे।

  • राजनीतिक और सांस्कृतिक संदेश: विशेषज्ञों का मानना है कि इस मंदिर के जरिए अखिलेश यादव अपनी छवि को एक धर्मनिष्ठ और सांस्कृतिक मूल्यों को सहेजने वाले नेता के रूप में पेश कर रहे हैं।

विवादों का भी रहा साया

मंदिर के स्वरूप को लेकर उत्तराखंड के कुछ तीर्थ पुरोहितों और साधु-संतों ने आपत्ति भी जताई थी। उनका तर्क था कि 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक केदारनाथ धाम के स्वरूप की नकल करना धार्मिक परंपराओं के विरुद्ध है। हालांकि, समाजवादी पार्टी के नेताओं का कहना है कि यह श्रद्धा का विषय है और इससे पर्यटन व रोजगार को बढ़ावा मिलेगा।

क्षेत्रीय विकास को मिलेगी रफ्तार

इटावा सफारी पार्क के ठीक सामने स्थित होने के कारण यह मंदिर आने वाले समय में पर्यटकों के लिए बड़ा आकर्षण बनेगा। मंदिर परिसर में भक्तों के लिए आधुनिक सुविधाएं, विशाल प्रांगण और हरियाली का विशेष ध्यान रखा गया है। 2026 तक इस मंदिर के पूर्ण रूप से तैयार होने की संभावना जताई जा रही है।


रिपोर्ट: N5Bharat न्यूज़ डेस्क

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