Skip to main content

एयर इंडिया के विमान की दिल्ली में इमरजेंसी लैंडिंग: उड़ान भरने के 20 मिनट बाद ही वापस लौटा प्लेन।।


एयर इंडिया के विमान की दिल्ली में इमरजेंसी लैंडिंग: उड़ान भरने के 20 मिनट बाद ही वापस लौटा प्लेन।।

​नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उस समय हड़कंप मच गया, जब एयर इंडिया की एक उड़ान को टेक-ऑफ के महज 20 मिनट के भीतर आपातकालीन स्थिति में वापस उतारना पड़ा। विमान में सवार यात्रियों के लिए यह अनुभव बेहद डरावना रहा, हालांकि पायलट की सूझबूझ से एक बड़ा हादसा टल गया।

​तकनीकी खराबी बनी कारण

​प्राप्त जानकारी के अनुसार, एयर इंडिया की उड़ान (संभावित संख्या AI-807) ने दिल्ली से अपनी मंजिल के लिए उड़ान भरी थी। जैसे ही विमान हवा में पहुँचा, पायलट को तकनीकी खराबी का संकेत मिला। सूत्रों के मुताबिक, विमान के 'एयर कंडीशनिंग' सिस्टम या 'हाइड्रोलिक' सिस्टम में समस्या आने की आशंका जताई गई है, जिससे केबिन के दबाव पर असर पड़ सकता था।

​20 मिनट का रोमांच और दहशत

​विमान ने जैसे ही उड़ान भरी, यात्रियों को कुछ असामान्य महसूस हुआ। टेक-ऑफ के लगभग 15 से 20 मिनट बाद ही पायलट ने एटीसी (Air Traffic Control) से संपर्क किया और 'फुल इमरजेंसी' घोषित कर दी।
​सुरक्षा प्रोटोकॉल: हवाई अड्डे पर तुरंत एम्बुलेंस और दमकल की गाड़ियों को तैनात कर दिया गया।
​सुरक्षित लैंडिंग: विमान को प्राथमिकता के आधार पर रनवे खाली कराकर सुरक्षित लैंडिंग कराई गई। लैंडिंग के वक्त सभी यात्री सुरक्षित थे, लेकिन उनके चेहरों पर दहशत साफ देखी जा सकती थी।

​यात्रियों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था

​विमान के उतरने के बाद इंजीनियरिंग टीम ने तुरंत इसकी जांच शुरू कर दी। एयर इंडिया के प्रवक्ता ने बयान जारी कर कहा:
​"यात्रियों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। तकनीकी खराबी का पता चलते ही पायलट ने प्रोटोकॉल का पालन करते हुए विमान को वापस उतारने का निर्णय लिया। यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुँचाने के लिए दूसरे विमान की व्यवस्था की गई है।"

एयर इंडिया पर बढ़ते सवाल

​पिछले कुछ महीनों में एयर इंडिया और अन्य एयरलाइंस के विमानों में तकनीकी खराबी की घटनाएं बढ़ी हैं। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने इन घटनाओं पर कड़ा रुख अपनाया है और एयरलाइंस को अपने विमानों के रखरखाव (Maintenance) के कड़े निर्देश दिए हैं।
​मुख्य बिंदु:
​स्थान: आईजीआई एयरपोर्ट, दिल्ली।
​समय: उड़ान भरने के 15-20 मिनट के भीतर।
​परिणाम: सभी यात्री और क्रू सदस्य सुरक्षित।
​अगला कदम: डीजीसीए ने इस मामले की विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं।


Comments

Popular posts from this blog

एक सेल्स मैन का काम कर रहें हैं तो आपको इस एक बात का ख्याल अवश्य रखना चाहिए।

एक सेल्स मैन को ये काम अवश्य करनी चाहिए, यदि आप एक सेल्स मैन का काम कर रहें हैं तो आपको इस एक बात  का ख्याल अवश्य रखना चाहिए। एक सेल्स मैन को ये काम अवश्य करनी चाहिए। यदि आप एक सेल्स मैन का काम कर रहें हैं तो आपको इन बातों का ख्याल अवश्य रखना चाहिए। हम कोई भी काम करते हैं उसकी योजना अवश्य तैयार करते हैं। एक छोटा सा छोटा काम के लिए भी हम योजना बनाते हैं। हलांकि छोटे कामों के लिए बनाये गए योजना हमारा दिमाग को पता नहीं चलता। हमारे दिमाग को इसके लिए परेशान होने की जरूरत नहीं पड़ती है। इसपर कभी आपने सोचा है कि आख़िर ऐसा क्यों होता है ? इसकी वजह को हमे जानने का प्रयास अवश्य करनी चाहिए। ऐसे तो इसके अनेकों वजह हो सकते हैं और इसके मनोवैज्ञानिक कारण भी कई हो सकते हैं, लेकिन हमे इन भारी वजहों को छोड़कर एक सरल वजह की तलाश करने की जरूरत है। मेरे अनुसार सरल स्वभाव से इसका एक वजह यह भी हो सकता है कि हमारा दिमाग इन छोटे-छोटे कामों को पहले कई बार कर चुका होता है। यूं कहें इस काम को मेरा दिमाग पूर्ण रूप से अभ्यस्त हो गया होता है। इसलिए हमारा दिमाग को इस छोटा काम को पूरा करने में किसी प्रकार की परेश...

एक कप चाय, मिट्टी वाली में - चाय को पीने में जो मजा है, वो मजा सात समन्दर पार जाकर भी नहीं वो कैसे !

एक कप चाय से याद आया कि मिट्टी के बर्तन वाली चाय को पीने में जो मजा है, वो मजा सात समन्दर पार जाकर एक प्रेमी को अपने प्रेमिका या एक प्रेमिका को अपने प्रेमी से मिलने में भी नहीं होगा! लेकिन वो मजा इस चाय पीने में आपको मिलेगा।  आप महिला हों या पुरुष यदि आप अपने जीवन में, प्रेम में प्रवाहित होने के आनंद से वंचित रह गाएं हैं तो हमारी मानिये एक बार इस चाय के प्रेम में बह जाइये, डूब जाइये और इसके गर्माहट में गोते लगा लीजिये! इसके मंद-मंद सुगंध में अपने नाक के दोनों सुराग को झोंक दीजिये। लेकिन एक बात का ख्याल रखियेगा,   इस चाय को पीने में कभी जल्दीबाजी नहीं कीजियेगा। नहीं तो, आपका जीभ आपसे नाराज हो जायेगा। बेमतलब के आप बेचारा स्वभाव से कोमल जीभ को रुखा कर दीजियेगा। यदि आपको विश्वास नहीं होता, तो एक बार मिट्टी वाला चुक्का में परोसी गई चाय को अपने होंठ से लगाकर और चाय को जीभ पर गिराकर तो देखिये! जैसे हीं, यह चाय आपके जीभ को स्पर्श करेगी वैसे हीं आप स्वयं इसके स्वाद से परिचित हो जाएंगें। हमारी मानिये तो आज हीं आप नुक्कड़ वाली एक कप चाय का मज़ा ले लीजिये। भारत आधुनीकता की ओर कदम बढ़ा च...

राहुल गांधी ने 'एल्फिंस्टन' (Elphinstone) फाइल का जिक्र करते हुए पीएम नरेंद्र मोदी को घेरा। सदन में भारी हंगामा।।

राहुल गांधी ने 'एल्फिंस्टन' (Elphinstone) फाइल का जिक्र करते हुए पीएम नरेंद्र मोदी को घेरा। सदन में भारी हंगामा।। राहुल गांधी ने संसद में जिस 'एल्फिंस्टन' (Elphinstone) फाइल या संदर्भ का जिक्र किया, वह सीधा हमला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सरकार की कार्यशैली पर था। गांधी ने सदन में एक पुरानी फाइल या रिपोर्ट का हवाला देते हुए यह तर्क देने की कोशिश की कि सरकार कुछ खास उद्योगपतियों (अडानी-अंबानी) को फायदा पहुँचाने के लिए नियमों में बदलाव करती है। उन्होंने 'एल्फिंस्टन' नाम का जिक्र उन ऐतिहासिक नियमों या व्यवस्थाओं के संदर्भ में किया जो मुंबई के बंदरगाहों या रेलवे के बुनियादी ढांचे से जुड़ी थीं। राहुल गांधी ने पीएम मोदी को घेरते हुए निम्नलिखित बातें कहीं: ​नियमों में बदलाव: उनका आरोप था कि सरकार ने पुराने नियमों (जिनका उन्होंने एल्फिंस्टन संदर्भ से जोड़ा) को दरकिनार कर दिया ताकि एयरपोर्ट्स और पोर्ट्स का नियंत्रण कुछ विशेष व्यापारिक समूहों को दिया जा सके। ​अडाणी समूह का जिक्र: उन्होंने दावा किया कि पहले नियम था कि जिसे एयरपोर्ट संचालन का अनुभव नहीं है, उसे टेंडर नहीं म...