"परजीवी भाजपा ने युवाओं के आंदोलन को राजनीतिक मंच बनाने की कोशिश की': सीएम हेमंत सोरेन।"
रांची/पटना/N5: झारखंड में जेपीएससी (JPSC) और जेएसएससी (JSSC) परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर परीक्षार्थियों और युवाओं के चल रहे आंदोलन के बीच राज्य की राजनीति पूरी तरह गरमा गई है।
विधानसभा के मॉनसून सत्र के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर तीखा हमला बोला है। मुख्यमंत्री ने सोश मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर अपने संबोधन की एक क्लिप साझा करते हुए भाजपा को "परजीवी" करार दिया।
मुख्यमंत्री सोरेन ने अपने पोस्ट में लिखा; "परजीवी भाजपा ने कल भी युवाओं के आंदोलन को अपना राजनीतिक मंच बनाने की कोशिश की। छात्रों की बात... छात्रों के साथ होगी और झारखंड के मेरे युवा साथियों को न्याय मिलकर रहेगा।"
विधानसभा में भाजपा की राजनीतिक पर गरजते दिखे मुख्यमंत्री।
झारखंड विधानसभा (Monsoon Session) के भीतर भी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने विपक्ष को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि राज्य के युवा लोकतांत्रिक व्यवस्था में अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं और सरकार उनकी बातों को पूरी संवेदनशीलता के साथ सुन रही है। लेकिन विपक्षी दल (भाजपा) छात्रों की भावनाओं और उनके आंदोलन का राजनीतिक लाभ उठाने के लिए घुसपैठ कर रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार युवाओं के साथ सीधे संवाद कर रही है और परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी, तकनीक-आधारित और जवाबदेह बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और छात्रों के हितों से कोई समझौता नहीं होगा।
जानिए क्या है झारखंड मे हो रहे आंदोलन का पूरा मामला?
झारखंड में पिछले दो हफ्तों से अधिक समय से प्रतियोगी परीक्षाओं (JPSC-JSSC) में कथित अनियमितताओं, धांधली और सुधार की मांगों को लेकर अभ्यर्थी और छात्र संगठन सड़कों पर हैं। छात्र संगठनों द्वारा विधानसभा घेराव के आह्वान के बाद रांची में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हुए, जिसमें पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प, वॉटर कैनन और लाठीचार्ज की नौबत आई थी।
इस मुद्दे पर विपक्षी पार्टी भाजपा लगातार राज्य सरकार को घेर रही है और सीबीआई (CBI) जांच की मांग कर रही है। भाजपा नेताओं ने छात्रों के समर्थन में प्रदर्शन किए और राज्यव्यापी बंद का भी आह्वान किया।
N5: सदन में अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने दोहराया कि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने की इजाजत किसी को नहीं दी जाएगी। सरकार और आंदोलनकारी छात्रों के प्रतिनिधियों के बीच लगातार बातचीत चल रही है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे राजनीतिक उकसावे में न आएं, क्योंकि सरकार छात्रों के साथ सीधे बातचीत कर हर वाजिब समाधान निकालने के लिए तत्पर है।

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