अररिया में दोहरा हत्याकांड: क्या हम एक 'हिंसक समाज' की ओर बढ़ रहे हैं?
अररिया में दोहरा हत्याकांड: क्या हम एक 'हिंसक समाज' की ओर बढ़ रहे हैं? अररिया (बिहार): बिहार के अररिया जिले के फारबिसगंज से आई एक खबर ने मानवता और कानून-व्यवस्था, दोनों को झकझोर कर रख दिया है। मार्केटिंग यार्ड (बाजार समिति) में कल जो हुआ, वह केवल एक आपराधिक घटना नहीं है, बल्कि हमारे समाज में बढ़ती असहनशीलता का एक भयावह चेहरा है। महज एक मामूली विवाद और 'सरेआम कत्ल' घटना की शुरुआत किसी बड़ी रंजिश से नहीं, बल्कि सड़क पर गाड़ी खड़ी करने के मामूली विवाद से हुई। एक पिकअप वैन चालक और सत्तू विक्रेता के बीच शुरू हुई कहासुनी देखते ही देखते खूनी संघर्ष में बदल गई। सत्तू विक्रेता ने अपना आपा खो दिया और भीड़ भरे बाजार में सरेआम चालक का गला रेत कर उसकी जान ले ली। भीड़ का तंत्र: जब भीड़ ही बन गई जज और जल्लाद इस घटना का दूसरा और अधिक डरावना पहलू तब सामने आया जब मौके पर मौजूद भीड़ ने आरोपी को पकड़ लिया। पुलिस के हस्तक्षेप के बावजूद, उग्र भीड़ ने आरोपी को तब तक पीटा जब तक उसकी जान नहीं चली गई। यह घटना 'मॉब लिंचिंग' का एक ऐसा उदाहरण है जहाँ लोग कानून को अपने हाथ में लेने ...