झारखंड राज्यसभा चुनाव: 'इंडिया' गठबंधन में रार, कांग्रेस और आरजेडी आमने-सामने।।

Image
झारखंड राज्यसभा चुनाव: 'इंडिया' गठबंधन में रार, कांग्रेस और आरजेडी आमने-सामने।। ​रांची/नई दिल्ली/N5: झारखंड में हाल ही में संपन्न हुए राज्यसभा चुनाव के नतीजों ने विपक्षी 'इंडिया' (INDIA) गठबंधन के भीतर की अंदरूनी कलह को पूरी तरह से सतह पर ला दिया है। संख्या बल के हिसाब से सुरक्षित मानी जा रही सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी प्रणव झा की हार के बाद, गठबंधन के दो बड़े घटक दलों—कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल (RJD)—के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। ​इस राजनीतिक घटनाक्रम पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए केंद्रीय मंत्रियों और बीजेपी नेताओं ने दावा किया है कि 'इंडिया' गठबंधन अब केवल कागजों पर रह गया है और पूरी तरह टूट चुका है। ​खबर ये है कि हार के बाद अपनों पर ही बरसी कांग्रेस: ​चुनाव परिणाम सामने आते ही कांग्रेस खेमे में भारी असंतोष देखा जा रहा है। झारखंड कांग्रेस के प्रभारियों और नेताओं ने सहयोगी दल आरजेडी और वामपंथी दलों पर "भरोसातोड़ने" और भीतरघात करने का सीधा आरोप लगाया है।  कांग्रेस नेताओं का गुस्सा आरजेडी पर इस कदर फूटा है, जिसकी तुलना राजनीतिक विश्लेषक पूर्व के विध...

गुजरात के वाडिनार टर्मिनल पर पहुँचा विशाल एलपीजी जहाज 'MT जग वसंत'; 47,000 मीट्रिक टन गैस।।

गुजरात के वाडिनार टर्मिनल पर पहुँचा विशाल एलपीजी जहाज 'MT जग वसंत'; 47,000 मीट्रिक टन गैस।।  

जामनगर, गुजरात: दीनदयाल पोर्ट अथॉरिटी (DPA) के अंतर्गत आने वाले वाडिनार टर्मिनल पर ऊर्जा क्षेत्र से जुड़ी एक बड़ी उपलब्धि दर्ज की गई है। विशाल एलपीजी टैंकर 'MT जग वसंत' (MT JAG VASANT) कुल 47,000 मीट्रिक टन (MT) एलपीजी लेकर सफलतापूर्वक जामनगर तट पर पहुँच गया है।

कुशल लॉजिस्टिक्स: एंकरेज पर STS प्रक्रिया

​बंदरगाह अधिकारियों के अनुसार, इस विशाल खेप को उतारने के लिए शिप-टू-शिप (STS) ट्रांसफर तकनीक का उपयोग किया जाएगा। यह प्रक्रिया खुले समुद्र (एंकरेज) पर संपन्न की जाएगी, जहाँ मुख्य टैंकर से एलपीजी को छोटे जहाजों में स्थानांतरित किया जाएगा।

ऊर्जा सुरक्षा की दिशा में कदम

​इतनी बड़ी मात्रा में एलपीजी का आगमन क्षेत्र में ईंधन की मांग को पूरा करने और आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) को मजबूत करने के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विशेष रूप से घरेलू और औद्योगिक गैस वितरण के लिए यह खेप बड़ी राहत प्रदान करेगी।

इस तकनीक के मुख्य लाभ

​समय की बचत: बंदरगाह के मुख्य बर्थ पर भीड़ कम होने के बावजूद माल की अनलोडिंग सुनिश्चित होती है।
​सुचारू आपूर्ति: छोटे जहाजों के माध्यम से गैस को क्षेत्रीय वितरण केंद्रों तक तेज़ी से पहुँचाया जा सकता है।
​सुरक्षा मानक: इस पूरी प्रक्रिया के दौरान अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन किया जा रहा है ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।

POPULAR POST

एक कप चाय, मिट्टी वाली में - चाय को पीने में जो मजा है, वो मजा सात समन्दर पार जाकर भी नहीं वो कैसे !

एक सेल्स मैन का काम कर रहें हैं तो आपको इस एक बात का ख्याल अवश्य रखना चाहिए।