संकट की घड़ी में नेपाल के साथ खड़ा भारत: 'पड़ोसी प्रथम' नीति के तहत भेजी गई 37.5 टन की दूसरी राहत सामग्री।
संकट की घड़ी में नेपाल के साथ खड़ा भारत: 'पड़ोसी प्रथम' नीति के तहत भेजी गई 37.5 टन की दूसरी राहत सामग्री।
पटना/नई दिल्ली:
नेपाल में आई प्राकृतिक आपदा और बाढ़ की इस कठिन घड़ी में भारत एक
बार फिर एक सच्चे और भरोसेमंद मित्र के रूप में सामने आया है। संकट की इस
परिस्थिति में भारत पूरी संवेदना और अपनी 'पड़ोसी
प्रथम' (Neighbourhood
First) नीति
की भावना को आत्मसात करते हुए नेपाल के साथ मजबूती से खड़ा है। आपदा पीड़ितों की
मदद के लिए भारत सरकार ने अपनी त्वरित और मानवीय सहायता श्रृंखला को आगे बढ़ाते
हुए राहत सामग्री की दूसरी बड़ी खेप रवाना की है।
बिहार मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का संदेश
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भारत सरकार द्वारा नेपाल को
भेजी जा रही त्वरित सहायता की इस पहल को अपने सोशल मीडिया हैंडल पर साझा करते हुए
लिखा: "मानवता की सेवा, संकट
में सहयोग और पड़ोसी का साथ, यही
है सशक्त भारत की पहचान।"
नेपाल में आई भीषण आपदा का असर बिहार के सीमावर्ती इलाकों पर भी
देखने को मिल रहा है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए
राज्य के संबंधित जिलों को अलर्ट मोड पर रखा है और समीक्षा बैठकों के माध्यम से
राहत व बचाव अभियानों की लगातार निगरानी कर रहे हैं।
37.5 टन की दूसरी राहत उड़ान रवाना
आपदा राहत कार्यों को और गति देने के लिए भारत ने 37.5 टन मानवीय
सहायता और आपदा राहत (HADR
- Humanitarian Assistance and Disaster Relief) सामग्री के साथ वायुसेना की दूसरी विशेष राहत
उड़ान को नेपाल के लिए रवाना किया है। इस मानवीय खेप में निम्नलिखित आवश्यक
सामग्रियां शामिल हैं:
ज़रूरी दवाइयां और चिकित्सा उपकरण: आपदा प्रभावितों और घायलों के
तात्कालिक इलाज के लिए जीवनरक्षक दवाइयां।
खाद्य पैकेट: प्रभावित क्षेत्रों में भुखमरी की समस्या से निपटने के
लिए तैयार और सुरक्षित खाद्य पैकेट।
आपतकालीन HADR
सामग्री: आपदा की स्थिति में अस्थायी
आश्रय और बुनियादी ज़रूरतों को पूरा करने वाली राहत सामग्री।
भारत द्वारा इतनी तेज़ी से राहत सामग्री पहुंचाना उसकी त्वरित, संवेदनशील और मानवीय दृष्टिकोण का परिचायक है।
निरंतर संपर्क और हर संभव सहयोग
भारत, नेपाल के साथ निरंतर संपर्क में रहते हुए राहत एवं बचाव कार्यों में हर संभव सहयोग प्रदान कर रहा है। भारतीय एजेंसियां और बचाव दल ज़मीनी स्तर पर राहत अभियानों को सुगम बनाने में जुटे हैं, ताकि आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त सहायता तुरंत मुहैया कराई जा सके। संकट की घड़ी में भारत की यह त्वरित प्रतिक्रिया दो देशों के बीच ऐतिहासिक व गहरे संबंधों को और सशक्त बनाती है।
(रिपोर्ट-शैलेन्द्र कुमार न्यूज डेस्क N5)
